ब्रांडेड दवा कंपनियों के नमूने फेल, पेट, दिल और गले की इन दवाओं पर लगी प्रदेश में रोक
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उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन लिमिटेड ने कानपुर देहात में आपूर्ति की गई दो ब्रांडेड कंपनियों की दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी है। इन दवाओं के नमूने जांच में मानकों के अनुरूप खरे नहीं उतरे हैं। यह दवाएं हृदय, पेट में गैस और गले का संक्रमण रोकने में प्रयोग आती हैं।
इन तीन दवाओं के प्रयोग पर प्रदेश के सभी जिला अस्पताल व अन्य सरकारी अस्पतालों में इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। वहीं एक दवा को तीन वर्षों के लिए ब्लैक लिस्टेड किया गया है।
सीएमओ डा. हीरा सिंह ने बताया कि जिले में मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन की तरफ से मेसर्स हिमालया मेडिटेक प्राइवेट लिमिटेड की रैनिटीडाइन हायड्रोक्लोराइड इंजेक्शन आईपी बैच नंबर-एचएल1849 के, डोबुटामाइन हायड्रोक्लोराइड इंजेक्शन आईपी 5 एमएल बैच नंबर-एचएलआई124सी व मेसर्स ओमेगा फार्मा की ओर से एरिथ्रोमाइसिन स्ट्रेटस टैबलेट की आपूर्ति की गई थी।
इनमें से रैनिटीडाइन का उपयोग पेट में गैस की समस्या होने, डोबुटामाइन हृदय संबंधी व एरिथ्रोमायसिन का प्रयोग गले का संक्रमण कम करने के लिए किया जाता है। शासन के निर्देशानुसार रैनिटीडाइन का नमूना जांच के लिए क्षेत्रीय औषधि प्रयोगशाला चंडीगढ़, डोबुटामाइन का नमूना एम्पैनल्ड प्रयोगशाला मेसर्स मनीषा एनालाइटिकल प्राइवेट लिमिटेड व एरिथ्रोमाइसिन का नमूना सीडीएन कोलकाता भेजा गया था।
परीक्षण में तीनों दवाओं के नमूने गुणवत्ता पर खरे नहीं उतर सके। इसकी रिपोर्ट आने के बाद सप्लाई कारपोरेशन ने प्रदेश के सभी सीएमओ व जिला अस्पतालों के सीएमएस को तीनों कंपनियों की ओर से आपूर्ति की गई दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ ने बताया कि एरिथ्रोमाइसिन टैबलेट को तीन साल के लिए ब्लैक लिस्ट किया गया है।
इन दवाओं की बिक्री पर रोक लगाए जाने संबंधी आदेश के बारे में सभी सीएचसी, पीएचसी व न्यू पीएचसी अधीक्षकों व चिकित्साधिकारियों को अगवत करा दिया गया है। लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी