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पनकी औद्योगिक क्षेत्र में बनेंगे दो सीईटीपी
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Tue, 09 Feb 2016 02:01 AM IST
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पनकी औद्योगिक क्षेत्र में घरेलू और फैक्ट्रियों के पानी निकासी की व्यवस्था न होने पर डीएम ने सीईटीपी के निर्माण का आदेश दिया और यूपीएसआईडीसी से दस दिन के अंदर दो सीईटीपी के लिए कार्ययोजना मांगी।
साथ ही हिदायत दी कि यदि वे कार्ययोजना न बना पाए तो जलनिगम से भी काम करवाया जा सकता है। औद्योगिक क्षेत्र में डीएम के निरीक्षण के दौरान उद्यमियों ने बताया कि सिंचाई विभाग क्षेत्र का पानी नहर में नहीं जाने देता है। बरसात में यहां बुरा हाल रहता है।
डीएम ने जलभराव वाले स्थल देखे और नहर तक पानी ले जाने की व्यवस्था परखी। इसके बाद उद्योग बंधु की बैठक में पनकी साइट एक, दो, तीन चार और साइट पांच के लिए अलग अलग दो सीईटीपी बनाने के लिए यूपीएसआईडीसी के एग्जिक्यूटिव इंजीनियर एचसी मिश्रा से पूछा कि कितने दिन में प्लान दे सकते हैं। उन्होंने जवाब दिया कि इसके लिए कंसल्टेंट नियुक्त करना था लेकिन यह नहीं हो पाया।
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डीएम ने कहा, कोई दूसरा कंसल्टेंट नियुक्त कर लें या किसी और डिपार्टमेंट की मदद से 10 दिन में सीईटीपी की कार्ययोजना दें। उन्होंने कहा कि यूपीएसआईडीसी के मुख्यालय वाले जिले में ही औद्योगिक क्षेत्रों की यह स्थिति है तो पूरे प्रदेश में क्या संदेश देंगे।
उद्योग बंधु की बैठक में सिंचाई विभाग से पूछा कि नहर में पानी क्यों नहीं जाने दे रहे तो एसडीओ अखिलेश गौतम ने प्रदूषण का तर्क दिया। इस पर डीएम ने कहा कि प्रदूषण रोकने के लिए नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण विभाग हैं। आप औद्योगिक क्षेत्र का पानी जाने दें। सीईटीपी के बाद ट्रीट होकर पानी जाएगा।
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साथ ही हिदायत दी कि यदि वे कार्ययोजना न बना पाए तो जलनिगम से भी काम करवाया जा सकता है। औद्योगिक क्षेत्र में डीएम के निरीक्षण के दौरान उद्यमियों ने बताया कि सिंचाई विभाग क्षेत्र का पानी नहर में नहीं जाने देता है। बरसात में यहां बुरा हाल रहता है।
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डीएम ने जलभराव वाले स्थल देखे और नहर तक पानी ले जाने की व्यवस्था परखी। इसके बाद उद्योग बंधु की बैठक में पनकी साइट एक, दो, तीन चार और साइट पांच के लिए अलग अलग दो सीईटीपी बनाने के लिए यूपीएसआईडीसी के एग्जिक्यूटिव इंजीनियर एचसी मिश्रा से पूछा कि कितने दिन में प्लान दे सकते हैं। उन्होंने जवाब दिया कि इसके लिए कंसल्टेंट नियुक्त करना था लेकिन यह नहीं हो पाया।
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डीएम ने कहा, कोई दूसरा कंसल्टेंट नियुक्त कर लें या किसी और डिपार्टमेंट की मदद से 10 दिन में सीईटीपी की कार्ययोजना दें। उन्होंने कहा कि यूपीएसआईडीसी के मुख्यालय वाले जिले में ही औद्योगिक क्षेत्रों की यह स्थिति है तो पूरे प्रदेश में क्या संदेश देंगे।
उद्योग बंधु की बैठक में सिंचाई विभाग से पूछा कि नहर में पानी क्यों नहीं जाने दे रहे तो एसडीओ अखिलेश गौतम ने प्रदूषण का तर्क दिया। इस पर डीएम ने कहा कि प्रदूषण रोकने के लिए नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण विभाग हैं। आप औद्योगिक क्षेत्र का पानी जाने दें। सीईटीपी के बाद ट्रीट होकर पानी जाएगा।