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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   There are no facilities in CHC PHC, doctors refer

Kanpur News: सीएचसी पीएचसी में सुविधाएं नहीं, डॉक्टर करते रेफर

Tue, 14 Jul 2026 02:10 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jul 2026 02:10 AM IST
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There are no facilities in CHC PHC, doctors refer
कानपुर। सीएचसी-पीएचसी में सुविधाएं नहीं हैं। कई तरह के जांचें नहीं होती हैं। दवाएं बाहर से लेनी पड़ती है। डॉक्टर सिर्फ बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर देते हैं। सुविधाएं न मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों में बीमारी का खतरा बढ़ता जा रहा है। यह जानकारी छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के सर्वे में सामने आया है। सर्वे में मोबाइल मेडिकल केयर वैन (एमएमसीवी) को लोगों ने बेहतर विकल्प बताया है। करीब 88 फीसदी लोगों ने एमएमसीवी की आवश्यकता को जरूरी बताया तो 92 फीसदी इसके उपयोग के लिए तैयार हैं। विवि जल्द ही वैन सुविधा शुरू करने जा रहा है।
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विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एडवांस्ड स्टडीज एंड सोशल साइंसेज के डीन प्रो. संदीप कुमार सिंह और स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज के डॉ. दिग्विजय शर्मा की देखरेख में टीम ने फत्तेपुर, बसौसी, मलिकपुर, टोडरपुर और शेखपुरा का सर्वे किया। प्रो. संदीप कुमार सिंह ने बताया कि सर्वे में 171 सामान्य, 77 बुजुर्ग, 34 गर्भवती महिलाएं, नौ आशा व एएनएम, आठ आंगनबाड़ी कार्यकत्री, दो पीएचसी-सीएचसी अधिकारी, तीन ग्राम प्रधान और पंचायत प्रतिनिधि शामिल रहे। इसमें 50 फीसदी की आयु 18 से 35 वर्ष, 35 फीसदी की आयु 36 से 60 वर्ष और 15 फीसदी 60 वर्ष से अधिक आयु वाले रहे।
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सर्व में आई जानकारियां
- करीब 71 फीसदी लोगों ने माना कि सीएचसी-पीएचसी में सुविधाएं नहीं मिलती हैं। इससे बेहतर थोड़ी फीस देकर निजी क्लीनिक में डॉक्टर को दिखाया जाए। कई टेस्ट, दवाएं वहां नहीं है।
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- 56 फीसदी लोगों का कहना है कि सीएचसी-पीएचसी में दिखाओ तो भी उनको जिला अस्पताल ही रेफर करते हैं, भले ही बीमारी छोटी हो।
- 40 फीसदी लोगों ने कहा कि सीएचसी-पीएचसी की दूरी 10 किमी से अधिक है। 60 फीसदी ने परिवहन की परेशानी बताई तो 82 फीसदी बुजुर्गों ने अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने में असमर्थता जताई।
- 56 फीसदी लोगों ने माना कि सीएचसी-पीएचसी जाने पर छोटी बीमारी में भी जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। - 55 फीसदी ने दूरी के कारण कभी ब्लड शुगर की जांच नहीं कराई।

- 35 फीसदी गर्भवती महिलाओं ने माना कि स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में कठिनाई आती है।
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कई गांवों का सर्वे कराया गया है। इसकी रिपोर्ट का अध्ययन कर जल्द ही कार्ययोजना तैयार की जाएगी। विश्वविद्यालय मोबाइल मेडिकल केयर वैन की तैयारी कर रहा है।
- प्रो. विनय पाठक, कुलपति सीएसजेएमयू
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