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Kanpur News: पुरातत्व विभाग की टीम ने सती माता मंदिर में लगी ईंटों के लिए नमूने
Wed, 06 May 2026 01:39 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Wed, 06 May 2026 01:39 AM IST
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झींझक। क्षेत्र के नासरसेड़ा स्थित प्राचीन सती माता मंदिर परिसर पुरातात्विक होने की जांच करने के लिए मंगलवार को लखनऊ से पुरातत्व विभाग की टीम पहुंची। टीम ने मंदिर परिसर व आसपास में लगे पुरानी ईंटों के नमूने लिए हैं। जिसकी कार्बन टेस्टिंग की जाएगी। मंदिर के 100 वर्ष पुराना होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
गांव निवासी निर्मल त्रिपाठी ने बताया कि लखनऊ से आने वाली टीम ने मंदिर और पास में स्थित कुएं में लगी ईंटों का निरीक्षण करते हुए नमूने लिए है। उनके अनुसार देखने पर मंदिर पुराना लग रहा है। इसमें ककही ईंट का प्रयोग किया गया है। इसके अलावा पास की मिट्टी चबूतरे आदि का भी नमूना लिया गया है। अब इसकी लैब में कार्बन टेस्टिंग की जाएगी। जिसके आधार पर बता चल सकेगा कि यह कितना पुराना है।
बता दें कि ग्रामीण निर्मल ने मंदिर के आसपास उगे झाड़-झंखाड़ की साफ-सफाई करते हुए पहले डीएम को पत्र देते हुए परिसर को जीर्णोद्धार कराने की अपील की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसपर आईजीआरएस पर शिकायत करते हुए प्रधानमंत्री से पुरातत्व विभाग द्वारा सर्वे करने की गुहार लगाई थी। शिकायत का संज्ञान लेते हुए टीम ने मंदिर परिसर का सर्वे किया है। ग्रामीण वीरेंद्र सिंह, विनोद आदि ने बताया कि सती माता मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है लेकिन उचित देख-रेख न होने के कारण जर्जर अवस्था में है। पुरातत्व विभाग से जांच की टीम आने के बाद अब मंदिर का जीर्णोद्धार होने की उम्मीद जगी है।
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गांव निवासी निर्मल त्रिपाठी ने बताया कि लखनऊ से आने वाली टीम ने मंदिर और पास में स्थित कुएं में लगी ईंटों का निरीक्षण करते हुए नमूने लिए है। उनके अनुसार देखने पर मंदिर पुराना लग रहा है। इसमें ककही ईंट का प्रयोग किया गया है। इसके अलावा पास की मिट्टी चबूतरे आदि का भी नमूना लिया गया है। अब इसकी लैब में कार्बन टेस्टिंग की जाएगी। जिसके आधार पर बता चल सकेगा कि यह कितना पुराना है।
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बता दें कि ग्रामीण निर्मल ने मंदिर के आसपास उगे झाड़-झंखाड़ की साफ-सफाई करते हुए पहले डीएम को पत्र देते हुए परिसर को जीर्णोद्धार कराने की अपील की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसपर आईजीआरएस पर शिकायत करते हुए प्रधानमंत्री से पुरातत्व विभाग द्वारा सर्वे करने की गुहार लगाई थी। शिकायत का संज्ञान लेते हुए टीम ने मंदिर परिसर का सर्वे किया है। ग्रामीण वीरेंद्र सिंह, विनोद आदि ने बताया कि सती माता मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है लेकिन उचित देख-रेख न होने के कारण जर्जर अवस्था में है। पुरातत्व विभाग से जांच की टीम आने के बाद अब मंदिर का जीर्णोद्धार होने की उम्मीद जगी है।
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