बिना निकाह लौटी बरात: मेहंदी की रस्म से किया मना, अधिक महर और अन्य रस्मों में विवाद, दोनों पक्षों में हुआ समझौता
बिवार थाना क्षेत्र में मेहंदी की रस्म से मना करने पर मध्यप्रदेश के एक सीमावर्ती गांव से आई बारात बिना निकाह के ही लौट गई। इस मामले में दोनों पक्षों ने आपसी खर्च लौटाने का समझौता किया है।
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हमीरपुर जिले के बिवार थाना क्षेत्र के बिगहना गांव में सोमवार को एक बारात बिना निकाह के ही लौट गई। बरात में अधिक महर और अन्य रस्मों के विरोध करने पर बात बिगड़ गई। इसके बाद में दोनों पक्षों ने अब तक किए खर्च का हिसाब किताब कर आपसी सहमति बनाई।ग्रामीणों के अनुसार मध्य प्रदेश के एक सीमावर्ती गांव से सिवाय थाना क्षेत्र के बिगहना गांव बारात आई थी।
रकम की मांग के साथ अन्य रस्मों का विरोध करने पर वर पक्ष पूरे खर्चे का हिसाब दे कर पूरी बरात को वापस ले गए। इस संबंध में कन्या पक्ष ने भी किसी से कोई शिकायत नहीं। बड़ी आबादी वाले गांव बिगहना में मुस्लिम समुदाय के यहां बरात मध्य प्रदेश के एक गांव से आई थी। इसमें पुरानी रिश्तेदारी के ही लोग नई रिश्तेदारी करने आए थे।
जिस समय कन्या पक्ष के लोग मेहंदी की रस्म करना चाहते थे। तभी वर पक्ष के लोगों ने मना कर दिया और कहा कि उनके परिवार में परेशानी है। इसलिए वह यह रस्म बाद मे करेंगे। पहले निकाह हो और उसके बाद बात होगी। इस पर कन्या पक्ष ने उनकी यह शर्त मानते हुए कई लाख का महर निर्धारित कर दिया। इसे वरपक्ष ने दूल्हे की हैसियत इतनी ना होने पर इसे नकार दिया और आपस में खर्चों का लेनदेन कर बरात वापस ले गए।