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Kanpur News: पुलिस ने नाम तो रख दिया लुटेरी दुल्हन पर कोई ठोस साक्ष्य नहीं जुटा पाई

Wed, 19 Nov 2025 12:38 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 19 Nov 2025 12:38 AM IST
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The police kept the name but could not gather any concrete evidence on the robber bride.
कानपुर। शादी के नाम पर ठगी करने के आरोप में मेरठ के बड़ा मवाना से गिरफ्तार कर लाई गई युवती दिव्यांशी चौधरी के खिलाफ ग्वालटोली पुलिस कोर्ट में कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सकी। पुलिस की रिमांड शीट में कई कमियां थीं जिनका दिव्यांशी के वकील ने विरोध किया। न्यायिक हिरासत का पर्याप्त आधार न पाते हुए एसीजेएम सप्तम ने दिव्यांशी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश कर दिया। विवेचक को भी फटकार लगाई।
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दिव्यांशी के खिलाफ पुलिस ने आरोप लगाया था कि उसने दो बैंक अफसरों समेत दस से ज्यादा लोगों को जाल में फंसाकर रकम वसूली है। ग्वालटोली थाने में तैनात बुलंदशहर के बीबीनगर निवासी दरोगा आदित्य कुमार ने 17 फरवरी 2024 को दिव्यांशी से विवाह किया था। आदित्य का आरोप था कि दिव्यांशी ससुराल में नहीं रुकती थी और उससे किसी न किसी बहाने रुपये ऐंठती रहती थी। आदित्य ने ग्वालटोली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सोमवार को पुलिस ने दिव्यांशी को लुटेरी दुल्हन बताकर गिरफ्तार कर लिया था। कोर्ट ने पर्याप्त आधार न पाते हुए दिव्यांशी को जेल भेजने से इनकार कर दिया और निजी मुचलके पर उसकी रिहाई के आदेश कर दिए। हालांकि कोर्ट ने दिव्यांशी को भी हिदायत दी कि वह विवेचना में पूरा सहयोग करेगी।
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रिमांड में यह रहीं कमियां

1- ज्यादातर धाराओं में सजा सात साल से कम थी और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के चलते गिरफ्तारी की जरूरत नहीं थी।

2- कई धाराएं जमानतीय थीं और जो अजमानतीय धाराएं लगाईं उसके संबंध में कोई ठोस सबूत नहीं पेश कर सकी।

3- विवेचना पूर्व विवेचक ने की थी जो ग्वालटोली थाने में तैनात था और वादी भी उसी थाने में तैनात रहा। विवेचना पर संदेह उठा।

4- गिरफ्तारी से पहले अभियुक्त को उसका अपराध बताते हुए दी जाने वाली नोटिस भी नहीं दी गई थी जो गैरकानूनी था।
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