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हॉटस्पॉट से आया मरीज, गलत पता लिखवा अस्पताल में हुआ भर्ती, संपर्क में आया मेडिकल स्टाफ क्वारंटीन
Tue, 21 Apr 2020 06:33 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 21 Apr 2020 06:33 PM IST
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कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना की दहशत अब कानपुर के प्राईवेट अस्पतालों में भी फैलने लगी है। इसके साथ ही हॉटस्पॉट इलाकों में रहने वाले रोगी भी निजी अस्पताल में इलाज के लिए गलत पता लिखा रहे हैं। ऐसा ही मामला सिविल लाइंस स्थित न्यू लीलामणि अस्पताल का सामने आया है।
हॉटस्पॉट कुली बाजार की एक डायरिया रोगी के परिजनों ने रहमानी मार्केट का पता लिखाया। अस्पताल वालों को पता चलते ही उसे हैलट रेफर कर दिया। साथ ही अस्पताल में मरीजों को भर्ती करना बंद कर दिया। इस पर एसीएमओ ने आपत्ति जताई है।
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हॉटस्पॉट कुली बाजार की एक डायरिया रोगी के परिजनों ने रहमानी मार्केट का पता लिखाया। अस्पताल वालों को पता चलते ही उसे हैलट रेफर कर दिया। साथ ही अस्पताल में मरीजों को भर्ती करना बंद कर दिया। इस पर एसीएमओ ने आपत्ति जताई है।
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शनिवार को कुली बाजार की 13 साल की डायरिया रोगी को न्यू लालमणि अस्पताल में भर्ती कराया गया। शरीर में पानी की कमी होने से ब्लड प्रेशर गिर गया। एक्सरे में फेफड़ों में भी हल्का संक्रमण होने का शक हुआ।
अस्पताल प्रबंधन को पता चला कि किशोरी कुली बाजार की है तो उसे कोरोना के शक में तुरंत रेफर कर दिया। अस्पताल प्रबंधन ने खुद ही फटाफट कोरोना का सारा प्रोटोकॉल लागू कर लिया। रोगी के संपर्क में आने वाले स्टाफ को क्वारंटीन कर दिया। रोगी का सैंपल कोरोना जांच के लिए भेजा गया है।
रिपोर्ट आने के पहले ही सारे प्रोटोकॉल का पालन
न्यू लीलामणि अस्पताल के संचालक डॉ. एमके सरावगी का कहना है कि अगर रोगी निगेटिव निकलती है तो अस्पताल फिर शुरू कर दिया जाएगा, कोरोना पॉजिटिव निकली तो वे पहले ही प्रोटोकॉल का पालन कर चुके हैं। एडमिशन बंद करने पर एसीएमओ डॉ. एके सिंह ने प्रबंधन से पूछताछ की कि रिपोर्ट आने के पहले अस्पताल क्यों बंद कर दिया। इससे डायलिसिस के रोगियों को दिक्कत पैदा हो गई।
अस्पताल प्रबंधन को पता चला कि किशोरी कुली बाजार की है तो उसे कोरोना के शक में तुरंत रेफर कर दिया। अस्पताल प्रबंधन ने खुद ही फटाफट कोरोना का सारा प्रोटोकॉल लागू कर लिया। रोगी के संपर्क में आने वाले स्टाफ को क्वारंटीन कर दिया। रोगी का सैंपल कोरोना जांच के लिए भेजा गया है।
रिपोर्ट आने के पहले ही सारे प्रोटोकॉल का पालन
न्यू लीलामणि अस्पताल के संचालक डॉ. एमके सरावगी का कहना है कि अगर रोगी निगेटिव निकलती है तो अस्पताल फिर शुरू कर दिया जाएगा, कोरोना पॉजिटिव निकली तो वे पहले ही प्रोटोकॉल का पालन कर चुके हैं। एडमिशन बंद करने पर एसीएमओ डॉ. एके सिंह ने प्रबंधन से पूछताछ की कि रिपोर्ट आने के पहले अस्पताल क्यों बंद कर दिया। इससे डायलिसिस के रोगियों को दिक्कत पैदा हो गई।