Hamirpur: बुजुर्ग बोला-“साहब मैं जिंदा हूं”, दरोगा ने जांच आख्या में मृत दर्शाया, पढ़ें पूरा मामला
राठ थाना क्षेत्र में समाधान दिवस में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां एक बुजुर्ग कहता दिखा कि साहब मैं जिंदा हूं। बताया जा रहा है कि दरोगा ने प्लॉट के विवाद की जांच की थी और उसको मृत दिखा शिकायत का निस्तारण कर दिया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हमीरपुर जिले के राठ थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद की जांच में कोतवाली के दरोगा ने जिंदा व्यक्ति को मृत दिखाकर आख्या लगा दी। प्रभारी कोतवाली निरीक्षक ने भी अपने दरोगा की जांच पर विश्वास कर जांच आख्या पर अपनी सहमति की मुहर ठोक दी। पुत्र द्वारा समाधान दिवस में शिकायत करने पर मामला सामने आया।
नगर के सिकंदरपुरा मोहल्ला निवासी फूलचंद्र ने बताया मोहल्ले में उनका एक प्लॉट है, जिस पर कृष्णकांत से विवाद चल रहा है। उन्होंने पिछले संपूर्ण समाधान दिवस में व ऑनलाइन शिकायत की थी। दरोगा आशुतोष त्रिपाठी को जांच सौंपी गई थी।
आरोप लगाया जांच अधिकारी आशुतोष त्रिपाठी ने अपनी जांच में उनके पिता धनैया को मृत दिखा दिया, जबकि पिता अभी जीवित हैं। दरोगा ने जांच आख्या लगाकर मामले को निस्तारित दिखा दिया। समाधान दिवस में शिकायती पत्र देते हुए न्याय की गुहार लगाई।
जांच अधिकारी आशुतोष त्रिपाठी ने कहा फूलचंद्र ने बताया था उनके पिता की मौत हो गई है। उन्होंने मोहल्ले में भी तहकीकात की थी। वहीं सीओ पीके सिंह ने कहा मामला उनके संज्ञान में नहीं है। शिकायत मिलने पर जांच करा कार्रवाई की जाएगी।
दरोगा ने जांच आख्या में लिखा
आवेदक फूलचंद्र पुत्र धनैया निवासी सिकंदरपुरा के प्रार्थना पत्र की जांच मुझ उपनिरीक्षक द्वारा मौके पर जाकर की गई। सिकंदरपुरा में गाटा संख्या 1116 रकवा 0.352 हेक्टेयर का अंश क्षेत्रफल 55.76 वर्ग मीटर, जो कि विपक्षी कृष्णकांत के द्वारा आवेदक के पिता धनैया से क्रय किया गया था।
बता दें कि वर्तमान में धनैया की मृत्यु हो चुकी है, जिसके कारण आवेदक फूलचंद्र खरीदे हुए प्लॉट पर अनावश्यक रूप से अपना कब्जा बताता है। आवेदक के पास कोई लिखित प्रमाण नहीं है। आरोप प्रत्यारोप कर झूठा प्रार्थनापत्र देता रहता है।