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खनन का खेल: सत्ताधारी नेता के रिश्तेदार के इशारे पर नाचता सारा सिस्टम, पैसा दो मनमानी खुदाई करो

Tue, 15 Dec 2020 12:19 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Tue, 15 Dec 2020 12:19 PM IST
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The game of mining: the whole system dances at the behest of the relative of the ruling leader
अवैध खनन मामला - फोटो : अमर उजाला
कानपुर के बिधनू में सत्ताधारी नेता के रिश्तेदार की सरपरस्ती में खनन माफिया ने अवैध रुप से मिट्टी खनन कर लूट मचा रखी है। नेता जी के रिश्तेदार का नेटवर्क इतना मजबूत है कि सारा सिस्टम इनके इशारे में नाचता है। लेखपाल, सेकेट्री से लेकर तहसील के अधिकारी भी इनके सिस्टम से चलते है।
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डेडिकेटेड फ्रंट कॉरिडोर की आड़ में क्षेत्रीय खनन माफिया ने किसानों के साथ ही सैकड़ों बीघा सरकारी जमीन को भी छलनी कर दिया है। कोरिया चौकी क्षेत्र के गांवों की चारागाह, ग्रामसमाज, वन विभाग व किसानों की सैकड़ो बीघा जमीन पर नेता जी के रिश्तेदार की सरपरस्ती में दिन रात धड़ल्ले से अवैध खनन चल रहा है।
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जिसमें सबसे ज्यादा अवैध खनन जरकला ग्राम पंचायत में हुआ है। जरकला गांव की रकबा नं.778 ग्राम समाज की ढाई बीघा, रकबा नं.412,413 व 415 वन विभाग की 17 बीघा, रकबा नं.491ग चारागाह की 5 बीघा, रकबा नं.438 व 439 चारागाह और वन विभाग की 90 बीघा जमीन पर अवैध खनन हुआ है।
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अवैध मौरंग खनन
इसके अलावा आसपास के गांवों की सैकड़ो बीघा जमीन पर रेलवे के आड़ में माफियाओं ने जेसीबी से 15 से 20 फिट गहराई तक अवैध खनन कर जमीनों को जानलेवा तालाबों में तब्दील कर दिया है।ग्रामीणों की माने तो तहसील के अधिकारियों की जांच में इन रकबा नंबरों में अवैध खनन पाया गया था।लेकिन सत्ताधारी नेता के रिश्तेदार की धमक के आगे सारा सरकारी सिस्टम नतमस्तक दिख रहा है।

पैसा दो, मनमानी खुदाई करो
सत्ताधारी नेता के रिश्तेदार के इशारे पर ही क्षेत्र में मिट्टी खनन होता है। बिना पैसा दिए कोई खुदाई नही कर सकता है।सरकारी जमीन में खनन का 1 लाख रुपया व किसान की जमीन में खुदाई का 20 हजार रुपया प्रति बीघा रेट तय है। इसके अलावा सरकारी सिस्टम में भी पद के हिसाब से हिस्सा पहुचता है।

रेलवे की आड़ में बड़ी कंपनियां कर रही खेल
डेडिकेटेड फ्रंट कॉरिडोर के तहत जीएमआर कंपनी रेलवे ट्रैक बिछाने का ठेका मिला है।जीएमआर ने कोरिया चौकी क्षेत्र में रेलवे ट्रैक में मिट्टी डालने का काम जेपीएस कंपनी को दे रखा है। जेपीएस रेलवे की आड़ में अवैध खनन कर रेलवे ट्रैक के बजाय प्लाटो में मिट्टी डाल रही है। चकेरी निवासी एक प्रापर्टी डीलर जरकला गांव के पहले 15 बीघा जमीन में प्लाटिंग कर रहे है।

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गांगा में होता अवैध खनन - फोटो : अमर उजाला
नेता जी के रिश्तेदार के इशारे पर जेपीएस के मैनेजर सरकारी जमीन पर खनन कर मिट्टी प्लाटिंग साइट में डाल रहे है। क्षेत्रीय लोगों की माने तो अबतक एक हजार डंपर से ज्यादा मिट्टी पड़ चुकी है। यह दिनरात अभी भी जारी है। वहीं घुरवाखेड़ा गांव स्थित ग्राम समाज के तालाब में प्लाटिंग करने के लिए मिट्टी की भाराई की जा रही है। जिसके लिए अवैध खनन कर सैकड़ो डंपर मिट्टी तालाब के किनारे डाली गई है।

बात तीन बीघे की, एग्रीमेंट आठ बीघे का
भारू बंगला निवासी किसान घसीटेलाल ने बताया कि उनके परिवार में आठ बीघा जमीन है। उन्होंने अपने हिस्से की तीन बीघा जमीन में खोदाई के लिए रेलवे ठेकेदारों को एग्रीमेंट के लिए कागजात दिए थे।लेकिन रेलवे ठेकेदारों ने धोखाधड़ी कर पूरे आठ बीघे जमीन का एग्रीमेंट कराकर मिट्टी खुदाई करने लगे। जानकारी होने पर विरोध किया तो मारपीट पर उतारू हो गए। पीड़ित किसान ने बिधनू थाने में  खिलाफ तहरीर दी है।
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