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पूर्व प्रधान और तत्कालीन सचिव का कारनामा: कागजों पर बना दिए 16.75 लाख के शौचालय, डीपीआरओ ने जारी किया नोटिस

Sun, 07 Aug 2022 07:48 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 07 Aug 2022 07:48 PM IST
सार

पुरवा के बनिगांव में 16.75 लाख का गबन करने के मामले में पूर्व प्रधान और तत्कालीन सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। डीपीआरओ ने कहा कि सात दिन में जवाब मांगा गया है। समय से संतोषजनक जवाब न मिलने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
 

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the former head and the then secretary made toilets worth 16.75 lakhs on paper In Unnao
पंचायत भवन बनिगांव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उन्नाव जिले में पुरवा विकासखंड के बनिगांव में कागजों पर शौचालय बनाकर 16.75 लाख का गबन किया गया। मामले की जानकारी होने पर डीपीआरओ ने पूर्व प्रधान व सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी की है। संतोषजनक जवाब न देने पर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी भी दी है।

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बनिगांव निवासी जितेंद्र सिंह, प्रमोद सिंह व रामनरेश के शिकायतीपत्र पर तीन सदस्यीय टीम ने गांव जाकर जांच की थी। टीम में ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अवर अभियंता जय प्रकाश, सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) आशीष कुमार व ब्लॉक कोआर्डिनेटर (स्वच्छ भारत मिशन) अभय कुमार शामिल थे।

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तीनों अधिकाजरियों ने गांव जाकर जांच की तो पता चला कि 463 शौचालय का निर्माण दिखाकर पैसा निकाला गया। स्थलीय सत्यापन में 137 शौचालय सिर्फ कागजों में ही बना दिए गए। मौके पर शौचालय नहीं मिले। 10 लाभार्थियों ने स्वयं की धनराशि से शौचालय का निर्माण कराया। पांच शौचालय अपूर्ण पाए गए।

इसमें सीट नहीं लगी थी और गड्ढा भी निर्मित नहीं था। जांच टीम ने पूर्व प्रधान व तत्कालीन सचिव को 16.75 लाख का गबन करने का दोषी मानते हुए रिपोर्ट बीडीओ को सौंपी। बीडीओ ने मामले की जानकारी सीडीओ को दी। सीडीओ के निर्देश पर डीपीआरओ ने पूर्व प्रधान व सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी की।

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पूर्व प्रधान व सचिव को जारी की गई नोटिस
डॉ. निरीश चंद्र साहू, डीपीआरओ ने बताया कि मामले में शौचालय के नाम पर लाखों का गबन मिला है। जांच रिपोर्ट के आधार पर पूर्व प्रधान व सचिव को नोटिस जारी की गई है। सात दिन में जवाब मांगा गया है। समय से संतोषजनक जवाब न मिलने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

अन्य ग्राम पंचायतों में भी हो चुके हैं घोटाले

  • हसनगंज विकासखंड की ग्राम पंचायत पमेधिया में पंचायत भवन को कागजों पर पूरा दिखाकर 16.61 लाख रुपये निकाल लिए गए। मामले की जब जांच हुई तो पता चला कि पंचायत भवन अभी बना ही नहीं है। डीपीआरओ ने प्रधान व सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब मांगा।

  • बिछिया विकासखंड की ग्राम पंचायत तारगांव में प्रधान व सचिव ने मिलकर 13.92 लाख रुपये का घोटाला किया। मामले की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी की।
  • नवाबगंज विकासखंड की ग्राम पंचायत जंसार में श्रमिकों की मजदूरी का 6.17 लाख का भुगतान अपने व रिश्तेदार के खाते में ट्रांसफर कराने वाले प्रधान सहित तीन पर रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है।
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