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Kanpur News: किसानों ने खुद ही शुरू की माइनर की सफाई
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फोटो 21::
- विशुनामई माइनर में पानी न आने से सूख रही सैकड़ों बीघे धान की फसल
- किसानों ने सिंचाई विभाग के जिम्मेदारों के खिलाफ जताई नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
बकेवर। विशुनामई माइनर में पानी न आने से सिंचाई के लिए परेशान किसानों ने अब खुद ही माइनर की सफाई करने का बीड़ा उठा लिया है। किसानों का कहना है कि उनकी फसल बर्बाद हो रही है। जबकि सिंचाई विभाग के जिम्मेदार हाथ पर धरे बैठे हैं।
अगस्त बीत चुका है और क्षेत्र में एक बार भी झमाझम बारिश नहीं हुई है। ऐसे में किसानों को अपनी फसलों को बचाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। महेवा ब्लाक के गांव जयमलपुर, लुधियानी, खितौरा, उरेंग, पटिया चटोरपुर के किसान भी इसी समस्या से जूझ रहे हैं।
माइनर में पानी टेल तक नहीं पहुंच रहा है। जिसके कारण उनकी फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है। पानी न मिलने से किसानों की धान की फसल मुरझाने लगी है। शुक्रवार को कई किसानों ने कुड़रिया रजबहा से निकले विशुनामई माइनर की सफाई खुद ही शुरू कर दी। इन गांवों के 24 से अधिक किसान फावड़ा लेकर खुद ही माइनर में उतर गए और सिल्ट के साथ घास को हटाया।
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किसानों ने माइनर की शुरुआत से लेकर चिकनी गांव तक घास-फूस व सिल्ट की सफाई की। किसान वीरेंद्र शर्मा, फौजी, राजवीर, घनश्याम,संतोष, प्रमोद, बीटू का कहना है कि पानी माइनर में नहीं जा रहा है। कई दिन पूर्व उन्होंने सिंचाई विभाग में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन इसके बाद भी समस्या का निस्तारण नहीं किया गया। जिससे उन्हें खुद ही माइनर की सफाई करनी पड़ रही है।
कोट
जिम्मेदार बोले-बजट नहीं मिलता
भोगनीपुर प्रखंड के जेई ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि खरीफ की फसल के दौरान सफाई के लिए कोई बजट नहीं मिलता है। फिर भी उन्होंने इसके लिए प्रस्ताव भेजा है। स्वीकृत होते ही माइनर की सफाई कराई जाएगी।
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- विशुनामई माइनर में पानी न आने से सूख रही सैकड़ों बीघे धान की फसल
- किसानों ने सिंचाई विभाग के जिम्मेदारों के खिलाफ जताई नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
बकेवर। विशुनामई माइनर में पानी न आने से सिंचाई के लिए परेशान किसानों ने अब खुद ही माइनर की सफाई करने का बीड़ा उठा लिया है। किसानों का कहना है कि उनकी फसल बर्बाद हो रही है। जबकि सिंचाई विभाग के जिम्मेदार हाथ पर धरे बैठे हैं।
अगस्त बीत चुका है और क्षेत्र में एक बार भी झमाझम बारिश नहीं हुई है। ऐसे में किसानों को अपनी फसलों को बचाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। महेवा ब्लाक के गांव जयमलपुर, लुधियानी, खितौरा, उरेंग, पटिया चटोरपुर के किसान भी इसी समस्या से जूझ रहे हैं।
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माइनर में पानी टेल तक नहीं पहुंच रहा है। जिसके कारण उनकी फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है। पानी न मिलने से किसानों की धान की फसल मुरझाने लगी है। शुक्रवार को कई किसानों ने कुड़रिया रजबहा से निकले विशुनामई माइनर की सफाई खुद ही शुरू कर दी। इन गांवों के 24 से अधिक किसान फावड़ा लेकर खुद ही माइनर में उतर गए और सिल्ट के साथ घास को हटाया।
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किसानों ने माइनर की शुरुआत से लेकर चिकनी गांव तक घास-फूस व सिल्ट की सफाई की। किसान वीरेंद्र शर्मा, फौजी, राजवीर, घनश्याम,संतोष, प्रमोद, बीटू का कहना है कि पानी माइनर में नहीं जा रहा है। कई दिन पूर्व उन्होंने सिंचाई विभाग में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन इसके बाद भी समस्या का निस्तारण नहीं किया गया। जिससे उन्हें खुद ही माइनर की सफाई करनी पड़ रही है।
कोट
जिम्मेदार बोले-बजट नहीं मिलता
भोगनीपुर प्रखंड के जेई ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि खरीफ की फसल के दौरान सफाई के लिए कोई बजट नहीं मिलता है। फिर भी उन्होंने इसके लिए प्रस्ताव भेजा है। स्वीकृत होते ही माइनर की सफाई कराई जाएगी।