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Kanpur News: 179 करोड़ की बकायेदारी में केवल 12 करोड़ रुपये वसूल सका विभाग
Sat, 03 Jan 2026 01:26 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 03 Jan 2026 01:26 AM IST
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कानपुर देहात। बिजली बकाएदारों से राजस्व वसूली के लिए शुरू की गई बिल राहत योजना का पहला चरण पूरा हो गया। हालांकि करीब 17 बकाएदारों से 12.22 करोड़ की वसूली की जा सकी है।
जिले में 1.18 लाख बिजली बकायेदारों से करीब 179 करोड़ राजस्व वसूला जाना है। इसमें कभी बिल जमा नहीं करने वाले (नेवर पेड) 39053 बकाएदार चिन्हित किए गए। लंबे समय से बिल जमा नहीं करने वाले (लांग अनपेड) 79262 बकाएदार शामिल है। वहीं बिजली चोरी (थेफ्ट) के 3309 बकायेदारों से 13.27 करोड़ की वसूली की जानी हैं। तीन चरण की योजना है। इसमें पूरा ब्याज माफ रहेगा।
दिसंबर में मूलधन में 25 फीसदी माफी का लाभ दिया गया। जनवरी में मूलधन में 20 और फरवरी में मूल धन में 15 फीसदी माफी का लाभ मिलेगा। बिजली चोरी के मामलों में पचास फीसदी निर्धारण माफ किया जाना है। इधर दिसंबर में मूलधन में 25 फीसदी की छूट और पूरा ब्याज माफी भी बकायेदारों को लुभा नहीं सकी है। हालात ये हुए कि करीब 17 हजार पंजीयन हुए। इसमें केवल 12.22 करोड़ रुपये राजस्व ही जमा हो सका है।
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बिजली बिल राहत योजना का प्रचार-प्रसार कराया गया है। हालांकि चिह्नित बकायेदारों की ओर से अपेक्षित रुचि नहीं ली गई। करीब 18 फीसदी राजस्व वसूला गया है। अभी दो माह और योजना चलेगी। इसमें अधिक से अधिक राजस्व जमा कराने के लिए पूरा जोर लगाया जाएगा। - सुमित व्यास, अधीक्षण अभियंता
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जमा राजस्व पर एक नजर
बकाएदार - कुल चिह्नित - बकाया - जमा राजस्व
- नेवर पेड - 39053 - 77.49 करोड़ - 2.89 करोड़
- लांग अनपेड-79262- 102.06 करोड़ - 8.80 करोड़
-थेफ्ट - 3309 - 13.27 करोड़ - 0.53 करोड़
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राजस्व वसूली में फिसड्डी पांच जेई को दी नोटिस
न्यू झींझक उपकेंद्र के जेई पंकज कुशवाहा ने केवल 29.31 लाख राजस्व वसूला। मिंडाकुआं उपकेंद्र के जेई रंगलाल पाल ने सिर्फ 20.17 लाख राजस्व वसूला। झींझक उपकेंद्र के जेई उमाकांत ने केवल 46.47 लाख वसूला। संदलपुर उपकेंद्र के जेई सुभाष चंद्र ने सिर्फ 42.56 लाख वसूला। डेरापुर उपकेंद्र के जेई विवेक चतुर्वेदी ने केवल 45.34 लाख जमा कराया। अधीक्षण अभियंता ने इन जेई को नोटिस थमाई है।
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जिले में 1.18 लाख बिजली बकायेदारों से करीब 179 करोड़ राजस्व वसूला जाना है। इसमें कभी बिल जमा नहीं करने वाले (नेवर पेड) 39053 बकाएदार चिन्हित किए गए। लंबे समय से बिल जमा नहीं करने वाले (लांग अनपेड) 79262 बकाएदार शामिल है। वहीं बिजली चोरी (थेफ्ट) के 3309 बकायेदारों से 13.27 करोड़ की वसूली की जानी हैं। तीन चरण की योजना है। इसमें पूरा ब्याज माफ रहेगा।
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दिसंबर में मूलधन में 25 फीसदी माफी का लाभ दिया गया। जनवरी में मूलधन में 20 और फरवरी में मूल धन में 15 फीसदी माफी का लाभ मिलेगा। बिजली चोरी के मामलों में पचास फीसदी निर्धारण माफ किया जाना है। इधर दिसंबर में मूलधन में 25 फीसदी की छूट और पूरा ब्याज माफी भी बकायेदारों को लुभा नहीं सकी है। हालात ये हुए कि करीब 17 हजार पंजीयन हुए। इसमें केवल 12.22 करोड़ रुपये राजस्व ही जमा हो सका है।
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बिजली बिल राहत योजना का प्रचार-प्रसार कराया गया है। हालांकि चिह्नित बकायेदारों की ओर से अपेक्षित रुचि नहीं ली गई। करीब 18 फीसदी राजस्व वसूला गया है। अभी दो माह और योजना चलेगी। इसमें अधिक से अधिक राजस्व जमा कराने के लिए पूरा जोर लगाया जाएगा। - सुमित व्यास, अधीक्षण अभियंता
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जमा राजस्व पर एक नजर
बकाएदार - कुल चिह्नित - बकाया - जमा राजस्व
- नेवर पेड - 39053 - 77.49 करोड़ - 2.89 करोड़
- लांग अनपेड-79262- 102.06 करोड़ - 8.80 करोड़
-थेफ्ट - 3309 - 13.27 करोड़ - 0.53 करोड़
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राजस्व वसूली में फिसड्डी पांच जेई को दी नोटिस
न्यू झींझक उपकेंद्र के जेई पंकज कुशवाहा ने केवल 29.31 लाख राजस्व वसूला। मिंडाकुआं उपकेंद्र के जेई रंगलाल पाल ने सिर्फ 20.17 लाख राजस्व वसूला। झींझक उपकेंद्र के जेई उमाकांत ने केवल 46.47 लाख वसूला। संदलपुर उपकेंद्र के जेई सुभाष चंद्र ने सिर्फ 42.56 लाख वसूला। डेरापुर उपकेंद्र के जेई विवेक चतुर्वेदी ने केवल 45.34 लाख जमा कराया। अधीक्षण अभियंता ने इन जेई को नोटिस थमाई है।