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मजदूर की हत्या कर गड्ढे में फेंका शव, गले में कसा मिला अंगौछा, चार पर केस दर्ज
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कानपुर देहात में मृतक के परिजनों को समझाते एसडीएम ऋषिकांत राजवंशी। (संवाद)
- फोटो : AKBARPUR
झींझक (कानपुर देहात)। मंगलपुर थाना के रानेपुर गांव से पांच दिनों से लापता मजदूर का रेलवे क्रॉसिंग कंचौसी के पास पानी भरे गड्ढे में शव मिला। मजदूर के गले में अंगौछा कसा होने से परिजनों ने गांव के ही चार लोगों पर हत्या करने का आरोप लगाया।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने छह घंटे तक शव नहीं उठने दिया। एसडीएम ने परिजनों मुआवजा दिलाने का भरोसा देकर शांत कराया। मामले में चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
रानेपुर गांव निवासी मजदूर लाखन कमल (45) घर से 26 सितंबर की रात लापता हो गया था। उसकी पत्नी गीता ने गांव के ही चार लोगों पर घर से ले जाने का आरोप लगा पुलिस को तहरीर दी थी। वहीं पुलिस ने मामले में 28 सितंबर को गुमशुदगी दर्ज कर ली थी।
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शुक्रवार सुबह कंचौसी क्रासिंग के पास गड्ढे से बदबू आने पर बलरामपुर के ग्रामीणों ने पास जाकर देखा तो शव पड़ा था। इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने गीता को बुलाकर पहचान कराई। लाखन के गले में अंगौछा कसा होने से परिजनों ने हत्या का आरोप लगा हंगामा शुरू कर दिया।
पोस्टमार्टम के लिए शव भेजने के दौरान महिलाएं वाहन के आगे बैठ गईं। पुलिस से हाथापाई कर परिजनों ने शव नीचे उतार लिया। परिजन पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाने के साथ मुआवजे की मांग करने लगे।
एसडीएम डेरापुर ऋषिकांत राजवंशी व सीओ आशा पाल सिंह ने मौके पर परिजनों को मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया। इसके साथ ही अंतिम संस्कार के लिए दस हजार रुपये नकद एसडीएम ने अपने पास से दिया। तब पुलिस शव पोस्टमार्टम के लिए ले जा सकी।
इंस्पेक्टर देवचंद्र यादव ने बताया कि मृतक की पत्नी की तहरीर पर गांव के ही अरविंद, उसके भाई रामगणेश, बाबू, भगवानदीन के खिलाफ हत्या व साक्ष्य छिपाने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई है।
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पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने छह घंटे तक शव नहीं उठने दिया। एसडीएम ने परिजनों मुआवजा दिलाने का भरोसा देकर शांत कराया। मामले में चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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रानेपुर गांव निवासी मजदूर लाखन कमल (45) घर से 26 सितंबर की रात लापता हो गया था। उसकी पत्नी गीता ने गांव के ही चार लोगों पर घर से ले जाने का आरोप लगा पुलिस को तहरीर दी थी। वहीं पुलिस ने मामले में 28 सितंबर को गुमशुदगी दर्ज कर ली थी।
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शुक्रवार सुबह कंचौसी क्रासिंग के पास गड्ढे से बदबू आने पर बलरामपुर के ग्रामीणों ने पास जाकर देखा तो शव पड़ा था। इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने गीता को बुलाकर पहचान कराई। लाखन के गले में अंगौछा कसा होने से परिजनों ने हत्या का आरोप लगा हंगामा शुरू कर दिया।
पोस्टमार्टम के लिए शव भेजने के दौरान महिलाएं वाहन के आगे बैठ गईं। पुलिस से हाथापाई कर परिजनों ने शव नीचे उतार लिया। परिजन पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाने के साथ मुआवजे की मांग करने लगे।
एसडीएम डेरापुर ऋषिकांत राजवंशी व सीओ आशा पाल सिंह ने मौके पर परिजनों को मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया। इसके साथ ही अंतिम संस्कार के लिए दस हजार रुपये नकद एसडीएम ने अपने पास से दिया। तब पुलिस शव पोस्टमार्टम के लिए ले जा सकी।
इंस्पेक्टर देवचंद्र यादव ने बताया कि मृतक की पत्नी की तहरीर पर गांव के ही अरविंद, उसके भाई रामगणेश, बाबू, भगवानदीन के खिलाफ हत्या व साक्ष्य छिपाने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई है।