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अंधेर ऐसी कि दस साल अंधेरे में गुजर गए
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राजपुर (कानपुर देहात)। बिजली विभाग के अफसरों की अंधेर के चलते यमुना पट्टी के गौहानी बछाटी गांव के सैकड़ों ग्रामीण दस साल अंधेरे में रहे। वर्ष-2011 में आंधी से खंभे और तार टूटने के साथ इस गांव में बिजली की उम्मीदें भी जाती रहीं।
मोबाइल चार्ज करने के लिए पड़ोसी गांव के भरोसे रहे ग्रामीणों की रातें ढिबरी और लालटेन की रोशनी में गुजरीं। विभाग अब जाकर जागा और मरम्मत कराकर बुधवार से बिजली आपूर्ति शुरू कराई।
गौहानी बछाटी गांव में करीब दो सौ घर हैं। वर्ष-2011 में आई आंधी में विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद से गांव में बिजली आपूर्ति बंद रही। टूटे तार चोर उठा ले गए। हालात ऐसे रहे कि गांव के लोग शाम होने से पहले ही जरूरी काम निपटा लेते।
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रोशनी के लिए ढिबरी और लालटेन ही सहारा बनी। विधानसभा चुनाव में लोगों ने नेताओं के सामने समस्या उठाई तो आश्वासन खूब मिले पर हुआ कुछ नहीं। इस दौरान न जाने कितने नेता-अफसर आए और चले गए। लेकिन, किसी ने कुछ नहीं किया।
एक माह पहले आए पुखरायां खंड के एक्सईएन कुलदीप यादव ने बिजली आपूर्ति दोबारा शुरू कराने के लिए स्टीमेट बनवाया। 45 नए खंभे लगवाकर ढाई किमी लंबी विद्युत लाइन खींची गई। बुधवार को जफरापुर उपकेंद्र से गांव की बिजली आपूर्ति शुरू की गई।
दस वर्षों बाद गांव में बिजली आने पर लोगों ने खुशी मनाई। एक्सईएन ने बताया कि तारों के लिए साढ़े पांच लाख का स्टीमेट पास कराया गया है। उपकेंद्र पर पहले से उपलब्ध नये खंभे लगवाए गए हैं। अब घरों में बिजली कनेक्शन के लिए गुरुवार को शिविर लगाया जाएगा।
ढाई किमी दूर जाते थे मोबाइल चार्ज करने
गौहानी बछाटी के लोग ढाई किमी दूर सिहुरा गांव जाकर मोबाइल चार्ज करते थे। कुछ लोग बैटरी चार्जिंग कराकर रोशनी का इंतजाम करते थे। अमित कुमार, सर्वेश, नेहा, मालती, योगेंद्र, बनवारी, विशंभर व सोबरन ने बताया कि घरों में बिजली उपकरण शोपीस बने थे। अब बिजली आने पर उपकरण चल सकेंगे।
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मोबाइल चार्ज करने के लिए पड़ोसी गांव के भरोसे रहे ग्रामीणों की रातें ढिबरी और लालटेन की रोशनी में गुजरीं। विभाग अब जाकर जागा और मरम्मत कराकर बुधवार से बिजली आपूर्ति शुरू कराई।
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गौहानी बछाटी गांव में करीब दो सौ घर हैं। वर्ष-2011 में आई आंधी में विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद से गांव में बिजली आपूर्ति बंद रही। टूटे तार चोर उठा ले गए। हालात ऐसे रहे कि गांव के लोग शाम होने से पहले ही जरूरी काम निपटा लेते।
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रोशनी के लिए ढिबरी और लालटेन ही सहारा बनी। विधानसभा चुनाव में लोगों ने नेताओं के सामने समस्या उठाई तो आश्वासन खूब मिले पर हुआ कुछ नहीं। इस दौरान न जाने कितने नेता-अफसर आए और चले गए। लेकिन, किसी ने कुछ नहीं किया।
एक माह पहले आए पुखरायां खंड के एक्सईएन कुलदीप यादव ने बिजली आपूर्ति दोबारा शुरू कराने के लिए स्टीमेट बनवाया। 45 नए खंभे लगवाकर ढाई किमी लंबी विद्युत लाइन खींची गई। बुधवार को जफरापुर उपकेंद्र से गांव की बिजली आपूर्ति शुरू की गई।
दस वर्षों बाद गांव में बिजली आने पर लोगों ने खुशी मनाई। एक्सईएन ने बताया कि तारों के लिए साढ़े पांच लाख का स्टीमेट पास कराया गया है। उपकेंद्र पर पहले से उपलब्ध नये खंभे लगवाए गए हैं। अब घरों में बिजली कनेक्शन के लिए गुरुवार को शिविर लगाया जाएगा।
ढाई किमी दूर जाते थे मोबाइल चार्ज करने
गौहानी बछाटी के लोग ढाई किमी दूर सिहुरा गांव जाकर मोबाइल चार्ज करते थे। कुछ लोग बैटरी चार्जिंग कराकर रोशनी का इंतजाम करते थे। अमित कुमार, सर्वेश, नेहा, मालती, योगेंद्र, बनवारी, विशंभर व सोबरन ने बताया कि घरों में बिजली उपकरण शोपीस बने थे। अब बिजली आने पर उपकरण चल सकेंगे।