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खेत को तारों से घेर करंट दौड़ाया, किसान की मौत
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अरविंद की फाइल फोटो।
- फोटो : DEHAT
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चौबेपुर (कानपुर)। थाना क्षेत्र के मेघनीपुरवा गांव में शनिवार देर रात खेतों पर फसल सिंचाई के दौरान किसान की पड़ोस के खेत में लगे कंटीले तारों में प्रवाहित करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। भोर पहर घटना की जानकारी होने पर घर में कोहराम मच गया और थोड़ी देर में मुआवजे की मांग कर परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। लगभग 18 घंटे तक मौके पर रखे रहने के बाद पुलिस ने समझा-बुझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने पड़ोस के खेत के मालिक पिता-पुत्र के खिलाफ हत्या का मुकदमा पंजीकृत कर कार्रवाई शुरू की गई है।
मालूम हो कि मेघनीपुरवा गांव निवासी अरविंद उर्फ नन्हू गौतम (40) पुत्र पंचम दो भाइयों में छोटा था। बड़ा भाई देवीशंकर हरिद्वार, उत्तरांचल में नौकरी करता है जबकि अरविंद गांव में रहकर खेती किसानी कर परिवार का भरण पोषण करता था। बताते हैं कि अरविंद के खेत के ठीक बगल में गांव के ही रमेश यादव का खेत है। अन्ना मवेशियों से फसल बचाने के लिए रमेश ने अपने खेत के चारों ओर कंटीले तारों की बैरिकेडिंग कर रखी है, जिसमें वह रात के समय करंट प्रवाहित कर देते हैं। शनिवार रात अरविंद अपने ससुर शिवकुमार के साथ खेत पर गेहूं की फसल में पानी लगाने गए थे।
फसल की सिंचाई वह रमेश के भाई रघुवीर यादव के ट्यूबवेल से लेकर कर रहा था। रात करीब 3 बजे से खेत की सिंचाई पूरी होने जाने के पश्चात उसने ससुर को घर वापस भेज दिया जबकि स्वयं रुक गया। खेत में किनारे तक पानी पहुंचा कि नहीं यह देखने के दौरान बगल स्थित कंटीले तारों की चपेट में आने से करंट लगने पर उसकी मौके पर ही मौत हो गई। करीब घंटे भर तक अरविंद के घर न पहुंचने पर परिजन पुन: खेत पहुंचे तो उसका शव पड़ा देख कोहराम मच गया।
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बताया गया है कि जब अरविंद के परिजन खेत पर पहुंचे तो रमेश का बेटा रामाधार मौके पर ही मौजूद था। उसने लोगों से कटीले तारों में करंट प्रवाहित होने की जानकारी देकर तारों से दूर रहने की बात भी कही थी। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई। करंट बंद होने के बाद घर वालों ने शव को खेत से उठाकर निकट ही स्थित एक निर्माणाधीन स्कूल भवन के पास आकर रख दिया। परिजनों ने षड्यंत्र के तहत किसान अरविंद की हत्या किए जाने का आरोप लगा मुआवजे की मांग कर हंगामा करना शुरू कर दिया। बड़े भाई के न आने तक शव मौके से न उठाने की जिद पर अड़ गए।
जानकारी पर पहुंचे सीओ बिल्हौर राजेश कुमार व तहसीलदार अवनीश कुमार ने शासन से मिलने वाली सहायता राशि दिलाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद देर रात शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। थाना प्रभारी कृष्ण मोहन राय ने बताया कि मृतक की पत्नी रमाकांती की तहरीर पर रमेश व उसके बेटे रामाधार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई है।
ग्रामीणों को भी नहीं पता था कि तारों में फैला है करंट
चौबेपुर (बिल्हौर)। मेघनीपुरवा गांव में छुट्टा पशुओं से फसल को बचाने के लिए यूं तो ज्यादातर किसानों ने खेतों के आसपास कंटीले तारों की बैरिकेडिंग करा रखी है, लेकिन रमेश यादव द्वारा कंटीले तारों में रात के समय करंट प्रवाहित किए जाने को लेकर लोगों में रोष दिखा। ग्रामीणों के अनुसार करंट की चपेट में आने से पहले भी कई आवारा मवेशियों की जान जा चुकी है। पुलिस पूछताछ में रमेश यादव के परिजनों ने पुलिस को बताया कि बिजली का तार टूट कर कंटीले तारों पर गिरने से हादसा हुआ है।
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मालूम हो कि मेघनीपुरवा गांव निवासी अरविंद उर्फ नन्हू गौतम (40) पुत्र पंचम दो भाइयों में छोटा था। बड़ा भाई देवीशंकर हरिद्वार, उत्तरांचल में नौकरी करता है जबकि अरविंद गांव में रहकर खेती किसानी कर परिवार का भरण पोषण करता था। बताते हैं कि अरविंद के खेत के ठीक बगल में गांव के ही रमेश यादव का खेत है। अन्ना मवेशियों से फसल बचाने के लिए रमेश ने अपने खेत के चारों ओर कंटीले तारों की बैरिकेडिंग कर रखी है, जिसमें वह रात के समय करंट प्रवाहित कर देते हैं। शनिवार रात अरविंद अपने ससुर शिवकुमार के साथ खेत पर गेहूं की फसल में पानी लगाने गए थे।
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फसल की सिंचाई वह रमेश के भाई रघुवीर यादव के ट्यूबवेल से लेकर कर रहा था। रात करीब 3 बजे से खेत की सिंचाई पूरी होने जाने के पश्चात उसने ससुर को घर वापस भेज दिया जबकि स्वयं रुक गया। खेत में किनारे तक पानी पहुंचा कि नहीं यह देखने के दौरान बगल स्थित कंटीले तारों की चपेट में आने से करंट लगने पर उसकी मौके पर ही मौत हो गई। करीब घंटे भर तक अरविंद के घर न पहुंचने पर परिजन पुन: खेत पहुंचे तो उसका शव पड़ा देख कोहराम मच गया।
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बताया गया है कि जब अरविंद के परिजन खेत पर पहुंचे तो रमेश का बेटा रामाधार मौके पर ही मौजूद था। उसने लोगों से कटीले तारों में करंट प्रवाहित होने की जानकारी देकर तारों से दूर रहने की बात भी कही थी। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई। करंट बंद होने के बाद घर वालों ने शव को खेत से उठाकर निकट ही स्थित एक निर्माणाधीन स्कूल भवन के पास आकर रख दिया। परिजनों ने षड्यंत्र के तहत किसान अरविंद की हत्या किए जाने का आरोप लगा मुआवजे की मांग कर हंगामा करना शुरू कर दिया। बड़े भाई के न आने तक शव मौके से न उठाने की जिद पर अड़ गए।
जानकारी पर पहुंचे सीओ बिल्हौर राजेश कुमार व तहसीलदार अवनीश कुमार ने शासन से मिलने वाली सहायता राशि दिलाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद देर रात शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। थाना प्रभारी कृष्ण मोहन राय ने बताया कि मृतक की पत्नी रमाकांती की तहरीर पर रमेश व उसके बेटे रामाधार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई है।
ग्रामीणों को भी नहीं पता था कि तारों में फैला है करंट
चौबेपुर (बिल्हौर)। मेघनीपुरवा गांव में छुट्टा पशुओं से फसल को बचाने के लिए यूं तो ज्यादातर किसानों ने खेतों के आसपास कंटीले तारों की बैरिकेडिंग करा रखी है, लेकिन रमेश यादव द्वारा कंटीले तारों में रात के समय करंट प्रवाहित किए जाने को लेकर लोगों में रोष दिखा। ग्रामीणों के अनुसार करंट की चपेट में आने से पहले भी कई आवारा मवेशियों की जान जा चुकी है। पुलिस पूछताछ में रमेश यादव के परिजनों ने पुलिस को बताया कि बिजली का तार टूट कर कंटीले तारों पर गिरने से हादसा हुआ है।

अरविंद के रोते-बिलखते परिजन। - फोटो : DEHAT

आक्रोशित ग्रामीणों व परिजनों को समझाते पुलिसकर्मी। - फोटो : DEHAT