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सिल्हौला बुजुर्ग गोशाला में ठिठुर रहे गोवंश, एक बार मिल रहा सूखा पुआल

Fri, 03 Dec 2021 01:00 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 03 Dec 2021 01:00 AM IST
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The cows are chilling in Silhoula elderly cowshed, once getting dry straw
सिल्हौला बुजुर्ग गोशाला में जमा गोबर का ढ़ेर। (संवाद) - फोटो : AKBARPUR
राजपुर (कानपुर देहात)। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल जिले की गोशालाएं बदहाल हैं। गोवंशों को यहां ठीक से चारा-पानी नहीं मिल रहा है। सिल्हौला बुजुर्ग गांव में बनी गोशाला में हरा चारा नहीं मिलने व दिन में एक बार ही सूखा पुआल देने से गोवंश कमजोर हो रहे हैं। मवेशियों को ठंड से बचाने के लिए अभी तक उपाय तक नहीं किए गए हैं। वहीं, अधिकारी गोशाला का निरीक्षण करना तो दूर निगरानी कराना भी उचित नहीं समझते।
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ब्लॉक क्षेत्र के सिल्हौला बुजुर्ग ग्राम पंचायत में दो बीघा भूमि पर गोशाला बनी है। गोशाला में दो बछड़े समेत 30 गोवंश है। इनकी देखभाल के लिए दो केयर टेकर राजपाल व राजेंद्र को तैनात किया गया है। दोनों गांव के ही रहने वाले है। जो दिन में एक बार गोशाला का चक्कर लगाकर गायब हो जाते हैं।
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ठंड बढ़ने के बाद भी यहां अब तक पशुओं के लिए बोरों की झूल और अलाव का इंतजाम नहीं किया गया है। ऐसे में मवेशी ठंड की चपेट में आकर बीमार हो रहे हैं। गोशाला में गोवंशों को हरा चारा नहीं मिल रहा है। वहीं, सूखा पुआल भी दिन में एक बार ही दिया जा रहा है। इससे कई मवेशी काफी कमजोर हो गए हैं। गुरुवार को 26 गोवंश गोशाला में बधे मिले वहीं चार मवेशी बाहर छोड़ दिए गए थे।
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गोशाला पहुंचे केयर टेकर राजपाल ने बताया कि अभी तक जूट के बोरो की झूल उपलब्ध नहीं कराई गई है। गोशाला में जगह कम होने से मवेशी लड़ते हैं। इस पर कुछ गोवंशों को बाहर बांध दिया जाता है। सूखा पुआल कम होने की वजह से मवेशियों को दिन में एक बार ही दिया जा रहा है।
केयर टेकर पर रुपये लेकर गोवंश बांधने का आरोप
जिम्मेदारों की अनदेखी से गोशाला में तैनात केयर टेकर क्षेत्रीय किसानों से रुपये लेकर उनके गोवंशों को आश्रय स्थल में बांध रहा है। गोशाला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें नजदीक के एक गांव का किसान अपनी गाय को गोशाला में बाध रहा है। किसान ने बताया कि केयर टेकर प्रति गोवंश 500 रुपये लेता है।

सिल्हौला गोशाला की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी नहीं है। सचिव को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी। कमियों को दुरुस्त करने के साथ लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई होगी। - राजेंद्र विश्वकर्मा, एडीओ पंचायत।
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