बिधनू सीएचसी का हाल: बेड पर चादर नहीं, प्रसूताओं से वसूली, शराब के नशे में रहते वार्ड बॉय, ACMO ने कही ये बात
Kanpur News: एसीएमओ के निरीक्षण में नियमित 37 कर्मचारियों में 31 और 40 संविदाकर्मियों में 29 गैर हाजिर मिले है। इसके बाद उन्होंने सभी का वेतन रोकने का आदेश दिया।
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कानपुर में सीएचसी बिधनू की व्यवस्था कैसे चल रही है? यह सच बुधवार को एसीएमओ डॉ. यूबी की जांच में सामने आ गया। प्रसूताओं से स्टाफ वसूली करता है। बेड पर चादर तक नहीं रहती, वार्ड बॉय शराब नशे में रहते हैं। काम के लिए कहने पर अभद्रता करने लगते हैं। इसके अलावा 37 नियमित कर्मचारियों में 31 और 40 संविदाकर्मियों में 29 गैरहाजिर थे। हालांकि, हाजिरी रजिस्टर पर दस्तखत थे। ड्यूटी से गायब कर्मचारियों का वेतन रोका गया है।
एसीएमओ डॉ. यूबी सिंह सुबह 8:45 बजे सीएचसी पहुंचे। वहां मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज सचान मौजूद नहीं थे। इस पर फोन से संपर्क किया गया तो बताया कि मुख्यालय पोस्टमार्टम ट्रेनिंग में आए हैं। उप मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश्वर सिंह के साथ जांच शुरू की। संविदाकर्मी गायब मिलने पर वेतन रोकने के निर्देश दिए। मकड़ी के जाले और गंदगी देखकर यहां तैनात सर्जन डॉ. मिनी अवस्थी से जब डॉ. सिंह ने पूछा तो बताया गया कि चिकित्सालय में वार्ड बॉय शराब पीते हैं, कुछ कहो तो अभद्रता करते हैं।
निरीक्षण की खबर सुनकर आए वार्ड बॉय अरविंद कुमार और अनिल कुमार तिवारी नशे की हालत में थे। एसीएमओ के मेडिकल कराने के लिए कहने पर गिड़गिड़ाने लगे। इसके बाद एसीएमओ प्रसव कक्ष पहुंचे। मर्दनपुर की रहने वाली प्रसूता साधना और रजनी देवी ने पैसा वसूले जाने की शिकायत की। उसने बताया कि एक नर्स ने पांच सौ, दूसरी ने दो सौ और वार्ड बॉय ने सौ रुपये मांगे हैं। प्रसूताओं के बेड पर चादरें नहीं थीं। एक बेड पर बहुत दिनों से गंदी और फटी चादर पड़ी थी। संविदा पर तैनात स्टाफ नर्स सीमा वर्मा ने कहा कि सिस्टर इंचार्ज रोली यादव बेड शीट नहीं देतीं।
कर्मचारियों के संबंध में आख्या देने का आदेश
चीफ फार्मासिस्ट जय प्रकाश प्रजापति ने कहा कि ढाई सौ चादरें उपलब्ध हैं, लेकिन कोई मांगता नहीं है। इसके अलावा शौचालय में गंदगी पटी पड़ी थी। एसीएमओ डॉ. सिंह ने रिपोर्ट सीएमओ डॉ. आलोक रंजन को सौंप दी। इसमें कहा गया कि प्रसव कक्ष में तैनात कर्मचारियों का ध्यान सिर्फ सुविधा शुल्क वसूली में रहता है। चिकित्सा अधीक्षक से व्यवस्था ठीक करने और गायब कर्मचारियों के संबंध में आख्या देने का आदेश किया गया है।
दो दर्जन लैब टेक्नीशियन, काम करता सिर्फ एक
सीएचसी के पैथोलॉजी विभाग में विभिन्न कार्यक्रमों के तहत दो दर्जन लैब टेक्नीशियन तैनात हैं। लेकिन एक एलटी बच्चूलाल ही काम करते हैं। जांच में पता चला कि एक के अलावा किसी टेक्नीशियन ने आज तक माइक्रोस्कोप का उपयोग तक नहीं किया। चिकित्सा अधीक्षक से सभी लैब टेक्नीशियन के छह माह के कार्य का विवरण मांगा गया। केंद्र पर आकस्मिक अवकाश और एक्सपायरी डेट पंजिका नहीं पाई गई।
तंबाकू के सेवन पर जुर्माना
एसीएमओ की जांच के दौरान आशा कार्यकर्ता नीरा पांडेय और लैब टेक्नीशियन बच्चूलाल ड्यूटी पर तंबाकू का सेवन कर रहे थे। चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिए गए कि इनसे जुर्माना वसूल कर राजकोष में जमा किया जाए। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम का कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। भ्रमण पंजिका की जांच में पाया गया कि 19 जुलाई से कोई अधिकारी, कर्मचारी भ्रमण पर नहीं गया। इसके अलावा 102 और 108 एंबुलेंस से आने वाले रोगियों का रजिस्टर में रिकाॅर्ड नहीं मिला।