Kanpur: महाराष्ट्र और एमपी का मोनोग्राम लगी वर्दी पहन करते थे लूट, सरगना बोला- जीआरपी को नहीं होता था शक
खाकी वर्दी पहनकर लूट करने वाले पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गिरोह के सरगना ने पूछताछ में अहम खुलासा किया है। उसने बताया कि महाराष्ट्र और एमपी का मोनोग्राम लगी वर्दी पहन कर लूटपाट करते थे। इससे जीआरपी को शक नहीं होता था।
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कानपुर में खाकी वर्दी पहनकर लूटपाट करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के सरगना समेत पांच लोगों की गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोपियों ने बताया कि वह अलग-अलग राज्यों में जाने वाली ट्रेनों में अलग-अलग मोनोग्राम लगी पुलिस की वर्दी पहनकर लूटपाट करते थे।
पुष्पक एक्सप्रेस मुंबई से लखनऊ के बीच चलती है। इसमें लुटेरे महाराष्ट्र पुलिस का मोनोग्राम लगी वर्दी और चित्रकूट एक्सप्रेस जबलपुर में एमपी पुलिस की वर्दी पहनकर लूटपाट थे। यूपी जीआरपी को शक नहीं होता था। इसका खुलासा गिरोह के सरगना और वाराणसी निवासी संतोष पांडेय ने किया है।
जीआरपी प्रभारी आरके द्विवेदी ने बताया कि संतोष पांडेय के खिलाफ जिला और रेलवे पुलिस में 13 मामले दर्ज हैं। वह जेल भी जा चुका है। संतोष पांडेय ने कबूला कि उसके गिरोह में 10 सक्रिय सदस्य हैं। जीआरपी ने 26 जनवरी को संतोष सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया था।
इनके कब्जे से नकदी, मोबाइल, पुलिस की टोपी और अन्य सामान बरामद हुआ था। जीआरपी दरोगा अब्बास हैदर ने बताया कि पिछले सप्ताह ये आपस में टोपी छिपाकर रखने की बात कर रहे थे, तभी सिपाहियों को सुनाई पड़ा तो आशंका हुई और हत्थे चढ़ गए।
एस्कार्ट में चलने वाला अंतरराज्यीय गिरोह करता था चोरी
बता दें कि कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने खाकी वर्दी पहनकर लूटपाट करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के पांच सदस्यों को बुधवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। ये वर्दी पहनकर ट्रेनों और प्लेटफार्मों पर चेकिंग करते थे। कीमती वस्तुएं पार कर देते थे।
आरोपियों में शामिल हैं कई हिस्ट्रीशीटर
पुलिस ने लूट के सामान के साथ ही पुलिस ड्रेस, यूपी पुलिस का मोनोग्राम वाली टोपी समेत अन्य वस्तुएं भी बरामद की हैं। पकड़े गए लुटेरों में हिस्ट्रीशीटर शामिल हैं। इन पर पहले से कई मुकदमे चल रहे हैं। इन लुटेरों के पास से ब्लेड, नकदी, मोबाइल और अन्य सामान मिला है।
जीआरपी प्रभारी आरके द्विवेदी ने बताया कि वाराणसी के भेलूपुर निवासी संतोष पांडेय, कानपुर नगर के हरबंशमोहाल निवासी जुगल किशोर विश्वकर्मा, बिहार के आरा रोड, विक्रमगंज, रोहतास निवासी सुशील सिंह, वाराणसी के सारनाथ, लेढ़ूपुर निवासी सुरेश सिंह और सुल्तानपुर के दरियापुर निवासी निजाम कुरैशी को पकड़ा गया है।