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कानपुर: सड़क दुर्घटना में टेनरी कर्मी की मौत, पुलिस से भिड़ीं महिलाएं, मुआवजे के लिए लगाया जाम
Sun, 18 Aug 2019 09:32 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 18 Aug 2019 09:32 PM IST
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सड़क दुर्घटना में टेनरी कर्मी की मौत, परिजनों ने लगाया जाम
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर के जाजमऊ स्थित टेनरी से आते समय शनिवार रात सड़क दुर्घटना में एक मजदूर (कर्मचारी) की मौत हो गई। इसके बाद रविवार दोपहर परिजनों, गांववालों ने पोस्टमार्टम हाउस (उन्नाव) से शव लाकर टेनरी के सामने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया।
वे बीस लाख रुपये मुआवजे की मांग कर रहे थे। जाम और हंगामे की सूचना पहुंची पुलिस ने सख्ती करने पर महिलाएं पुलिस से भिड़ गईं। उनका आरोप था कि पुलिस ने उनसे अभद्रता की। करीब चार घंटे तक चले हंगामे के बीच चकेरी इंस्पेक्टर रणजीत राय, क्षेत्राधिकारी छावनी रवि कुमार सिंह पहुंचे। उनके काफी प्रयास के बाद टेनरी संचालक की ओर से दो लाख रुपये आर्थिक सहयोग दिया गया।
उन्नाव के गांव चौसंधा (थाना अचलगंज) निवासी ब्रजेश कुमार तिवारी (45) जाजमऊ स्थित परवेज की टेनरी में दो दशक से अधिक समय से काम रहे थे। वे टेनरी में शनिवार रात नाइट शिफ्ट में काम करने के लिए घर से निकले थे।
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करीब 8 बजे साइकिल से आते समय उन्नाव के कल्लूपुरवा मोड़ पर किसी वाहन ने टक्कर मार दी। जिससे उनके सिर पर गंभीर चोट आ गईं। जिससे उनकी मौके पर मौत हो गई। उन्नाव पुलिस उपचार के लिए पास के सरकारी अस्पताल ले गए। जहां उन्हें मृत घोषित किया।
मृतक की भतीजी कल्पना मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने शव को लावारिश समझकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। सुबह उन्नाव कोतवाली पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम हाउस में चाचा की पहचान की। उनके पास रखा मोबाइल आदि गायब था।
मृतक के पीछे पत्नी गड्डी तिवारी, तीन बेटियां प्रियांसी (शादीशुदा), शिवानी (20), नैंसी (15) और बेटा निखिल (12) छोड़ गए हैं। साथ आए परिवार, गांव के लोग परिवार की आर्थिक हालत कमजोर देख मुआवजे की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि उनके पास खेती तक नहीं हैं।
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वे बीस लाख रुपये मुआवजे की मांग कर रहे थे। जाम और हंगामे की सूचना पहुंची पुलिस ने सख्ती करने पर महिलाएं पुलिस से भिड़ गईं। उनका आरोप था कि पुलिस ने उनसे अभद्रता की। करीब चार घंटे तक चले हंगामे के बीच चकेरी इंस्पेक्टर रणजीत राय, क्षेत्राधिकारी छावनी रवि कुमार सिंह पहुंचे। उनके काफी प्रयास के बाद टेनरी संचालक की ओर से दो लाख रुपये आर्थिक सहयोग दिया गया।
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उन्नाव के गांव चौसंधा (थाना अचलगंज) निवासी ब्रजेश कुमार तिवारी (45) जाजमऊ स्थित परवेज की टेनरी में दो दशक से अधिक समय से काम रहे थे। वे टेनरी में शनिवार रात नाइट शिफ्ट में काम करने के लिए घर से निकले थे।
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करीब 8 बजे साइकिल से आते समय उन्नाव के कल्लूपुरवा मोड़ पर किसी वाहन ने टक्कर मार दी। जिससे उनके सिर पर गंभीर चोट आ गईं। जिससे उनकी मौके पर मौत हो गई। उन्नाव पुलिस उपचार के लिए पास के सरकारी अस्पताल ले गए। जहां उन्हें मृत घोषित किया।
मृतक की भतीजी कल्पना मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने शव को लावारिश समझकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। सुबह उन्नाव कोतवाली पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम हाउस में चाचा की पहचान की। उनके पास रखा मोबाइल आदि गायब था।
मृतक के पीछे पत्नी गड्डी तिवारी, तीन बेटियां प्रियांसी (शादीशुदा), शिवानी (20), नैंसी (15) और बेटा निखिल (12) छोड़ गए हैं। साथ आए परिवार, गांव के लोग परिवार की आर्थिक हालत कमजोर देख मुआवजे की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि उनके पास खेती तक नहीं हैं।