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नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को दस साल सश्रम कारावास, 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
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कानपुर देहात। घाटमपुर थाना क्षेत्र के गांव में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने दोषी को दस साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता धनंजय पांडेय व रामरक्षित शर्मा ने बताया कि घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने साल 2015 में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए पुलिस को बताया था कि उसकी 14 वर्षीय पुत्री को नौबस्ता पश्चिमी निवासी मुनीश कहीं ले गया।
जानकारी पर उसने आरोपी के परिजनों को सूचना दी, लेकिन उन्होंने भी अनसुना कर दिया। महिला ने मुनीश व उसके परिजनों पर भी गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस ने दस लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
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बाद में पीड़िता को बरामद कर लिया गया। उसने मुनीश पर दुष्कर्म करने के आरोप लगाए थे। प्रकरण की सुनवाई एडीजे-15 पॉक्सो रघुवर सिंह की अदालत में चल रही थी।
एडीजीसी ने बताया कि साक्ष्य व गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी मुनीश को दोषी पाते हुए दस साल सश्रम कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा न करने पर आरोपी को डेढ़ साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता धनंजय पांडेय व रामरक्षित शर्मा ने बताया कि घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने साल 2015 में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए पुलिस को बताया था कि उसकी 14 वर्षीय पुत्री को नौबस्ता पश्चिमी निवासी मुनीश कहीं ले गया।
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जानकारी पर उसने आरोपी के परिजनों को सूचना दी, लेकिन उन्होंने भी अनसुना कर दिया। महिला ने मुनीश व उसके परिजनों पर भी गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस ने दस लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
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बाद में पीड़िता को बरामद कर लिया गया। उसने मुनीश पर दुष्कर्म करने के आरोप लगाए थे। प्रकरण की सुनवाई एडीजे-15 पॉक्सो रघुवर सिंह की अदालत में चल रही थी।
एडीजीसी ने बताया कि साक्ष्य व गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी मुनीश को दोषी पाते हुए दस साल सश्रम कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा न करने पर आरोपी को डेढ़ साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।