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बर्फीली हवाओं से लुढ़का पारा, बढ़ेगी धुंध
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 10 Nov 2016 12:13 AM IST
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उत्तराखंड की बर्फीली पहाड़ियों से होकर आने वाली उत्तर-पश्चिम की हवाओं ने बुधवार को मौसम का मिजाज बदल दिया। अधिकतम, न्यूनतम पारा लुढ़ककर सामान्य स्तर पर आ गया। अब सर्दी बढ़ेगी। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि गुरुवार को रात का तापमान और गिरेगा। ऐसा हुआ तो कोहरा छाएगा। धुंध बढ़ेगी।
बर्फीली हवाओं की वजह से बुधवार को तेज धूप नहीं हुई। इससे वातावरण की नमी बढ़ गई। सुबह की नमी 71 फीसदी और दोपहर की नमी 47 फीसदी रिकार्ड की गई। यह सामान्य से ज्यादा है। इसी वजह से अधिकतम पारा 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया।
बुधवार का अधिकतम पारा 29.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। यह इस मौसम का सबसे कम पारा है। न्यूनतम पारा भी 13.4 डिग्री सेल्सियस है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि उत्तर-पश्चिम की हवाओं ने मैदानी क्षेत्रों में सर्दी बढ़ा दी है। यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
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तेज आंधी या फिर पानी से दूर होगा प्रदूषण
वातावरण में फैला प्रदूषण (धुआं, धुंध) तेज हवाओं या फिर बारिश से दूर हो सकता है। यह प्रदूषण पृथ्वी के ऊपरी और निचली सतह पर जमा है। नमी बढ़ने की वजह से ही प्रदूषण नहीं छंट पा रहा है।
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बर्फीली हवाओं की वजह से बुधवार को तेज धूप नहीं हुई। इससे वातावरण की नमी बढ़ गई। सुबह की नमी 71 फीसदी और दोपहर की नमी 47 फीसदी रिकार्ड की गई। यह सामान्य से ज्यादा है। इसी वजह से अधिकतम पारा 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया।
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बुधवार का अधिकतम पारा 29.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। यह इस मौसम का सबसे कम पारा है। न्यूनतम पारा भी 13.4 डिग्री सेल्सियस है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि उत्तर-पश्चिम की हवाओं ने मैदानी क्षेत्रों में सर्दी बढ़ा दी है। यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
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तेज आंधी या फिर पानी से दूर होगा प्रदूषण
वातावरण में फैला प्रदूषण (धुआं, धुंध) तेज हवाओं या फिर बारिश से दूर हो सकता है। यह प्रदूषण पृथ्वी के ऊपरी और निचली सतह पर जमा है। नमी बढ़ने की वजह से ही प्रदूषण नहीं छंट पा रहा है।