{"_id":"5ce042e8bdec2207167ed89b","slug":"surgery-of-girl-in-ayushman-bharat-yojana","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आयुष्मान की बदौलत 21 साल बाद खाई रोटी, पांच महीने की उम्र में टूटा जबड़ा, 22 की उम्र में हुई सर्जरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आयुष्मान की बदौलत 21 साल बाद खाई रोटी, पांच महीने की उम्र में टूटा जबड़ा, 22 की उम्र में हुई सर्जरी
Sat, 18 May 2019 11:07 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 18 May 2019 11:07 PM IST
विज्ञापन
आयुष्मान भारत योजना
केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना की बदौलत झींझक की रिंकी (22) के मुंह की सर्जरी हो गई है। अब उसका मुंह खुलने लगा है। गरीबी के वजह से परिजन उसका इलाज नहीं करा पा रहे थे। अब ऑपरेशन होने पर 21 साल बाद उसने रोटी खाई। अभी तक वह तरल पदार्थों पर जी रही थी।
मुंह हल्का खुलने की वजह से ढंग से बोल भी नहीं पाती थी। पांच महीने की उम्र में गिरने से उसका जबड़ा टूट गया था। निचले जबड़े के पिछले हिस्से की हड्डी कनपटी की हड्डी से चिपकने की वजह से जबड़ा विकसित नहीं हो पाया और मुंह भी नहीं खुलता था।
विज्ञापन
मुंह हल्का खुलने की वजह से ढंग से बोल भी नहीं पाती थी। पांच महीने की उम्र में गिरने से उसका जबड़ा टूट गया था। निचले जबड़े के पिछले हिस्से की हड्डी कनपटी की हड्डी से चिपकने की वजह से जबड़ा विकसित नहीं हो पाया और मुंह भी नहीं खुलता था।
विज्ञापन
Trending Videos
इस सर्जरी में 50 हजार से एक लाख रुपये के बीच खर्च आता है
योजना के तहत उसकी रामा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में सर्जरी हुई है। हॉस्पिटल के मैक्सिलो फेसियल सर्जन डॉ. शिवेंद्र सिंह ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि रोगी 14 मई को भर्ती हुई थी। उसके ऑपरेशन में तीन घंटे लगे। दो-तीन महीने बाद उसकी दूसरी सर्जरी होगी जिसमें उसकी ठोड़ी दुरुस्त की जाएगी।
इस सर्जरी में 50 हजार से एक लाख रुपये के बीच खर्च आता है लेकिन आयुष्मान योजना के तहत रोगी का निशुल्क इलाज हुआ है। रिंकी के पिता गल्ले का काम करते हैं। रिंकी ने बीए पास किया है। सर्जरी टीम में डॉ. अनुभव, डॉ. गौरव, डॉ. मेघना, डॉ. वसीम आदि शामिल रहे।
इस सर्जरी में 50 हजार से एक लाख रुपये के बीच खर्च आता है लेकिन आयुष्मान योजना के तहत रोगी का निशुल्क इलाज हुआ है। रिंकी के पिता गल्ले का काम करते हैं। रिंकी ने बीए पास किया है। सर्जरी टीम में डॉ. अनुभव, डॉ. गौरव, डॉ. मेघना, डॉ. वसीम आदि शामिल रहे।