{"_id":"b058771d0d361d8aba172a04009dfe47","slug":"sukhwinder-voice-juma-kanpur-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुखविंदर की आवाज पर झूमा कानपुर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुखविंदर की आवाज पर झूमा कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Sun, 07 Feb 2016 01:18 AM IST
विज्ञापन
बॉलीवुड के वर्सेटाइल सिंगर सुखविंदर को सुनने शनिवार शाम को ब्रजेंद्र स्वरूप पार्क में शहरवासी उमड़ पड़े। संगीत प्रेमियों को स्टाइलिस्ट सिंगर को सुनने से ज्यादा देखने को बेताबी दिखी। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पार्क में जबरदस्त भीड़ उमड़ी।
विज्ञापन
एक के बाद एक अपने सुपरहिट गानों से सुक्खी ने सबको दीवाना बना दिया। इंपीरियल ब्लू सुपरहिट नाइट्स सीजन-2 के समापन के मौके पर सुखविंदर ने बेहतरीन परफार्मेंस दी। ‘मरजाणी-मरजाणी’ गाने से सुपरहिट नाइट्स की शुरुआत की।
विज्ञापन
इसके बाद ‘आजा आजा दिल निचोड़ें, चल छइयां छइयां, हौले हौले हो जाएगा प्यार, बीड़ी जलई ले, ओ साकी-साकी रे साकी-साकी, ताल से ताल, जय हो, बिस्मिल-बिस्मिल’ समेत तमाम सुपरहिट गानों को श्रोताओं और दर्शकों को झूमने और ताली बजाने पर मजबूर किया।
विज्ञापन
बेकाबू भीड़ को काबू करने में पुलिस आगे आई तो सुखविंदर ने शहरियों को समझाया और हाथ जोड़कर बोले, मेरे प्रिय भाइयों कोई अप्रिय घटना न करना। कई घंटे तक अपनी धमाकेदार प्रस्तुति देकर लोगों को खूब मनोरंजित किया। स्टेज पर सुक्खी ने म्यूजिक की सभी तकनीकियों का इस्तेमाल करते हुए अपने बैंड के सभी साथियों के साथ सामंजस्य बिठाया।
सुखविंदर ने परेड से खरीदे कपड़े
कानपुर। बॉलीवुड के फेम गायक सुखविंदर का मानना है कि स्टाइल में रहने के लिए जरूरी नहीं कि ज्यादा खर्च किया जाए। उन्होंने शनिवार को परेड और नवीन मार्केट में अपना चेहरा ढककर कपड़े खरीदे।
फुटपाथ पर लगे ठेलों से भी स्टाफ के साथ कपड़े खरीदे। उन्होंने कहा कि अगर वह गायक न होते तो एथलीट होते। इस बार स्पोर्ट्स के लिए वह प्रोग्राम करेंगे और खेल प्रतिभा के धनी और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की मदद करेंगे।
सुखविंदर सिंह का कहना है कि आज कल गानों में फूहड़ता ज्यादा परोसी जा रही है। अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह ठीक नहीं है। इस पर सेंसरशिप को सख्त होना पड़ेगा।
शनिवार को होटल लैंडमार्क में प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि गुलजार, जावेद अख्तर से लेकर तमाम मशहूर लेखकों के गीत उन्होंने गाए हैं लेकिन उनके गीतों में कभी फूहड़ता नहीं रही। गुलजार का लिखा गीत ‘बीड़ी जलई ले...’ पर उन्होंने कहा कि यह एक कविता है।
गायकों के इंडस्ट्री में ज्यादा दिन तक न टिक पाने के सवाल पर कहा कि कभी सिंगर को घमंड नहीं आना चाहिए। सोनू निगम के प्लेन में गीत गाने की वजह से निलंबित हुईं एयरलाइंस कर्मियों के सवाल को वह टाल गए।
डिजिटल मार्केटिंग को बताया बेहतरीन प्लेटफार्म
संगीत की दुनिया में कदम रखने वालों की प्रतिभा को सामने लाने के लिए डिजिटल मार्केटिंग बेहतरीन प्लेटफार्म है। वह यहां कम खर्चे में अपना एलबम रिलीज कर सकते हैं। वह खुद भी एक नया एलबम ला रहे हैं, जिसे वह डिजिटल मार्केटिंग के माध्यम से रिलीज करेंगे। इस नए एलबम के गीत के बोल हैं, ‘कमरिया जिग-जैग घूमे रे..’।