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सुभाष चिल्ड्रन होम विवाद: शिफ्टिंग से पहले अधिकारियों से उलझे कर्मचारी, पुलिस के हस्तक्षेप के बाद पीछे हटे

Fri, 20 May 2022 10:27 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 20 May 2022 10:27 PM IST
सार

सुभाष चिल्ड्रन सोसाइटी में जिला प्रोबेशन अधिकारी टीम के साथ बच्चों को शिफ्ट करने के लिए चिल्ड्रन होम गईं थीं। इस दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी से सोसाइटी के कर्मचारी उलझ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस के हस्तक्षेप के बाद सभी पीछे हटे और इसके बाद बच्चों को लखनऊ रवाना किया गया। 

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Subhash Children's Home dispute, society employees entangled with officials before shifting
नौबस्ता राजीव विहार मछरिया स्थित सुभाष चिल्ड्रन विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में नौबस्ता राजीव विहार स्थित सुभाष चिल्ड्रन होम की मान्यता निरस्त होने के बाद वहां रहने वाले सभी 42 बच्चों को शुक्रवार को जद्दोजहद के बाद बस से लखनऊ शिफ्ट कर दिया गया। रवानगी से पहले सुभाष चिल्ड्रन सोसाइटी के कर्मचारी जिला प्रोबेशन अधिकारी जयदीप सिंह से उलझ गए। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद कर्मचारियों को पीछे हटना पड़ा। 

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शुक्रवार को प्रोबेशन अधिकारी जैसे ही चिल्ड्रेन होम पहुंचे तो वहां के कर्मचारियों ने बच्चों को शिफ्ट करने का विरोध किया। अधिकारी के न मानने पर कर्मचारियों ने खुद को बच्चों समेत अंदर ही कैद कर लिया। अधिकारी के अपील करने पर भी जब कर्मचारियों ने दरवाजा नहीं खोला, तो उन्होंने नौबस्ता थाना पुलिस को अवगत कराया। 
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कुछ ही देर में थाने का फोर्स मौके पर पहुंचा। पुलिस का सख्त तेवर देख घबराए कर्मचारियों ने दरवाजा खोला। इसके बाद कागजी कार्रवाई कर बच्चों को लखनऊ भेज दिया गया। प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि लखनऊ के राजकीय बाल गृह शिशु में 28 और लीलावती मुंशी शिशु एवं दत्तक गृह में 14 बच्चों को शिफ्ट किया गया है। महिला एवं बाल कल्याण निदेशालय के फैसले पर बच्चों को लखनऊ शिफ्ट किया गया।

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बता दें कि सुभाष चिल्ड्रन सोसाइटी के खिलाफ महिला कल्याण निदेशालय में कई शिकायतें की गई थीं। वहीं, सोसायटी सरकार से मिलने वाले अनुदान का ब्योरा भी नहीं दे पाई थी। ऐसी ही कई खामियों के चलते जांच के बाद सुभाष चिल्ड्रन सोसायटी की मान्यता रद कर दी गई थी।

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