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छात्रों का तनाव दूर करेंगे काउंसलर
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Tue, 07 Jun 2016 12:33 AM IST
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मानसिक राोगी युवती।
- फोटो : अमर उजाला
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सीमा शर्मा
नई दिल्ली। देशभर के शिक्षण संस्थानों में अब छात्रों के तनाव को दूर करने के लिए काउंसलर या मनोविज्ञानी की नियुक्ति इसी सत्र से अनिवार्य होगी। सरकार ने उच्च शिक्षा में दाखिले की बढ़ती प्रतिस्पर्धा और रैगिंग जैसे मामलों में आत्महत्या के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए शिक्षकों की तर्ज पर फुलटाइम काउंसलर नियुक्त करने का फैसला लिया है। वहीं, सरकार हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं के छात्रों को आईआईटी में दाखिले और पढ़ाई के लिए पहली बार मल्टी लैंग्वेज हेल्पलाइन की सुविधा भी उपलब्ध करवाने जा रही है। इससे छात्र को किसी भी स्तर की परेशानी को तुरंत दूर किया जा सकेगा।
विशेषज्ञों के सुझाव के आधार पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालयों में काउंसलर या मनोविज्ञानी की नियुक्ति अनिवार्य की जा रही है। इसके अलावा सभी शिक्षण संस्थानों को अपना हेल्पलाइन डेस्क भी गठित करना होगा। सरकार ने यूजीसी, एआईसीटीई, आईटीआई, एनआईटी, आईआईआईटी, सीबीएसई के साथ-साथ राज्य सरकारों को संबंधित प्रदेश बोर्ड में शिक्षक की तर्ज पर फुल टाइम काउंसलर नियुक्त करने को कहा है।
क्षेत्रीय भाषाओं के छात्रों को नहीं होगी दिक्कत
अब हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं के छात्रों को आईआईटी में दाखिले व पढ़ाई से संबंधित प्रश्नों के उत्तर मल्टी लैंग्वेज हेल्पलाइन पर भी मिलेंगे। मंत्रालय, आईआईटी के साथ मिलकर ऐसे छात्रों के लिए मल्टी लैंग्वेज लैब तैयार कर रहा है। आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों ने मंत्रालय को सुझाव दिया है कि हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं के छात्रों को ऑडियो-वीडियो लेक्चर भी उपलब्ध करवाए जाएं, ताकि वे अपनी सुविधा से पढ़ाई कर सकें।
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- स्मृति ईरानी, मानव संसाधन विकास मंत्री
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नई दिल्ली। देशभर के शिक्षण संस्थानों में अब छात्रों के तनाव को दूर करने के लिए काउंसलर या मनोविज्ञानी की नियुक्ति इसी सत्र से अनिवार्य होगी। सरकार ने उच्च शिक्षा में दाखिले की बढ़ती प्रतिस्पर्धा और रैगिंग जैसे मामलों में आत्महत्या के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए शिक्षकों की तर्ज पर फुलटाइम काउंसलर नियुक्त करने का फैसला लिया है। वहीं, सरकार हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं के छात्रों को आईआईटी में दाखिले और पढ़ाई के लिए पहली बार मल्टी लैंग्वेज हेल्पलाइन की सुविधा भी उपलब्ध करवाने जा रही है। इससे छात्र को किसी भी स्तर की परेशानी को तुरंत दूर किया जा सकेगा।
विशेषज्ञों के सुझाव के आधार पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालयों में काउंसलर या मनोविज्ञानी की नियुक्ति अनिवार्य की जा रही है। इसके अलावा सभी शिक्षण संस्थानों को अपना हेल्पलाइन डेस्क भी गठित करना होगा। सरकार ने यूजीसी, एआईसीटीई, आईटीआई, एनआईटी, आईआईआईटी, सीबीएसई के साथ-साथ राज्य सरकारों को संबंधित प्रदेश बोर्ड में शिक्षक की तर्ज पर फुल टाइम काउंसलर नियुक्त करने को कहा है।
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क्षेत्रीय भाषाओं के छात्रों को नहीं होगी दिक्कत
अब हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं के छात्रों को आईआईटी में दाखिले व पढ़ाई से संबंधित प्रश्नों के उत्तर मल्टी लैंग्वेज हेल्पलाइन पर भी मिलेंगे। मंत्रालय, आईआईटी के साथ मिलकर ऐसे छात्रों के लिए मल्टी लैंग्वेज लैब तैयार कर रहा है। आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों ने मंत्रालय को सुझाव दिया है कि हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं के छात्रों को ऑडियो-वीडियो लेक्चर भी उपलब्ध करवाए जाएं, ताकि वे अपनी सुविधा से पढ़ाई कर सकें।
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- स्मृति ईरानी, मानव संसाधन विकास मंत्री