फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Students' exams, institutes' litmus test '

कानपुर: छात्रों की परीक्षा, संस्थानों की ‘अग्निपरीक्षा’

Sat, 18 Jul 2020 10:49 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 18 Jul 2020 10:49 PM IST
विज्ञापन
Students' exams, institutes' litmus test '
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में कोरोना के माहौल में परीक्षाएं कराना निश्चित रूप से बड़ी चुनौती है। छात्रों के लिए तो यह केवल परीक्षा है, लेकिन संस्थानों के लिए यह किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। इतने छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संस्थान पर रहेगी। हालांकि यह भी सच है कि कोरोना के भय से कब तक हम छिपे रहेंगे, ऐसे में सरकार का अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षा कराने के फैसले का स्वागत करें।
विज्ञापन


अमर उजाला की ओर से ‘कोविड-19: परीक्षा जरूरी या छात्रों की सेहत’ विषय पर आयोजित वेबिनार का यह सार विश्वविद्यालय के कुलपति के विचारों के मंथन के बाद निकला। सभी कुलपतियों ने माना कि छात्रों की सेहत तो प्राथमिकता है, लेकिन परीक्षा की गंभीरता से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन


वेबिनार में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक, छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता, चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डीआर सिंह, हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी के प्रति कुलपति प्रो. मनोज शुक्ला ने अपने विचारों से शिक्षकों को अवगत कराया। साथ ही छात्रों और शिक्षकों के ढेरों सवालों के जवाब दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


सभी का एक मत था कि छात्रों की सुरक्षा के साथ परीक्षाएं होना भी बेहद जरूरी हैं। वेबिनार का संचालन सीएसजेएमयू के इंस्टीट्यूट ऑफ होटल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट के प्रभारी डॉ. विवेक सचान ने किया। कूटा अध्यक्ष डॉ. बीडी पांडे, डॉ. कमलेश यादव, डॉ. मनीष सिंह राजपूत, डॉ. खलील खान, डॉ. संजीव मिश्रा, डॉ. अर्चना दीक्षित, डॉ. अखंड प्रताप, डॉ. स्वदेश श्रीवास्तव वेबिनार में शामिल हुए।

नए सेमेस्टर की शुरुआत में न हो देरी
कोरोना  के साथ अब आगे बढ़ने का समय आ गया है। जो बीत गया सो बीत गया, लेकिन आने वाले सेमेस्टर की शुुरुआत में अब देरी नहीं होनी चाहिए। ऑनलाइन परीक्षाओं के लिए तीन चीजों डिवाइस, सस्ता डाटा और गांवों में नेट कनेक्टिविटी की आवश्यकता होगी। तीनों में से एक भी चीज कम है तो ऑनलाइन परीक्षाओं में दिक्कत आएगी। परीक्षाएं ऑनलाइन हो या ऑफलाइन, इन्हीं के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है। - प्रो. विनय कुमार पाठक, एकेटीयू, लखनऊ

सुरक्षा नियमों का पालन कर कराई जाएं परीक्षाएं
सरकार कभी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं करेगी। परीक्षाओं के दौरान पूर्ण रूप से परीक्षार्थियों की सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा। कोरोना केस कब तक कम होंगे, इसके बारे कुछ भी कहा नहीं जा सकता है। अंतिम वर्ष के छात्र छात्राओं को जॉब के लिए अपनी मार्कशीट लगानी पड़ेगी, ऐसे में बिना परीक्षा दिए मार्कशीट पाए छात्रों में आत्मविश्वास की कमी रहेगी। इसलिए बेहतर होगा कि सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए परीक्षाएं कराई जाएं। - प्रो. नीलिमा गुप्ता, कुलपति, सीएसजेएमयू

ऑनलाइन परीक्षाएं चुनौती से कम नहीं
बच्चों की सुरक्षा के साथ परीक्षा कराना किसी चुनौती से कम नहीं है। महामारी के दौर में ऑनलाइन परीक्षाएं बेहतर विकल्प हैं, लेकिन इससे मिलने वाली डिग्री और ऑफलाइन परीक्षा के दौरान मिलने वाली डिग्री में हमेशा अंतर रहेगा। ऑनलाइन परीक्षाओं में इंटरनेट कनेक्टिविटी की परेशानी और नकल की संभावनाओं को इंकार नहीं किया जा सकता है। ऑनलाइन परीक्षाओं को कराने के लिए बड़ी तैयारी की आवश्यकता है, जल्दबाजी में कोई निर्णय न लिए जाएं। - प्रो. डीआर सिंह, कुलपति, सीएसए

ऑनलाइन परीक्षा में बरतें ईमानदारी
ऑनलाइन पढ़ाई को बच्चे गंभीरता से नहीं लेते, जबकि इसके लिए शिक्षक उतनी ही मेहनत करते हैं और छात्र भी पूरी फीस देते हैं। यह तय है कि ऑफलाइन टीचिंग का कोई विकल्प नहीं है, लेकिन हर हालात के लिए तैयार होने की आवश्यकता है। अब तो ऑनलाइन कोर्स का फायदा उठा सकते हैं। विभिन्न कोर्स की जानकारी कर सकते हैं। परीक्षाएं छात्रों के स्तर को जांचने के लिए होती हैं, ऐसे में ऑनलाइन परीक्षा में ईमानदारी का परिचय देते हुए आगे बढ़ें। - प्रो. मनोज शुक्ला, प्रति कुलपति एचबीटीयू

वेबिनार में समय केहिसाब से बहुत अच्छे विषय का चयन किया गया। ऑनलाइन परीक्षा के पक्ष में नहीं हूं। गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए ऑनलाइन परीक्षा देना संभव नहीं है। - डॉ. अर्चना दीक्षित, डीजीपीजी कॉलेज

इस समय छात्र-छात्राओं के मन में बहुत से ऐसे प्रश्न थे, जिनके उत्तर उनके लिए बहुत आवश्यक थे। इस प्लेटफार्म से  छात्र-छात्राओं ने अपने कुलपति से सीधे बात की। यह सब इसी माध्यम से संभव हो सकता था। - डॉ. विवेक सचान, सीएसजेएमयू

छात्रों केलिए अपनी जिज्ञासाओं को दूर करने को मौका था। सभी ने अपने प्रश्नों को कुलपतियों के समक्ष रखा और उनका समाधान भी हुआ। परीक्षा को लेकर कोई भी निर्णय जल्दबाजी में न लिया जाए। - डॉ. बीडी पांडेय, अध्यक्ष कूटा

छात्रों की बात सुनी गई, सभी कुलपतियों ने छात्रों की समस्याओं का निराकरण किया। ऐसे मौके कम आते हैं, जब सभी को बोलने का मौका मिले। वेबिनार शानदार था। - डॉ. कमलेश यादव, अध्यक्ष, कानपुर विवि स्व वित्तपोषित शिक्षक संघ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed