UP: छात्र ने बंद किया स्कूल जाना, एक साल से चल रही थी अध्यापिका से लव चैटिंग, शिकायत पर पिता को मिल रही धमकी
Kanpur News: छात्र के पिता ने डीसीपी पूर्वी को बताया कि छावनी थाना प्रभारी ने उनसे मोबाइल जांच के लिए मांगा ही नहीं। उन पर यह झूठा आरोप लगाया जा रहा है कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और मोबाइल देने से मना कर दिया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर में कैंट स्थित एक नामी मिशनरी स्कूल में शिक्षिका और हाईस्कूल के छात्र के बीच हुई लव चैटिंग का मामला एक साल बाद सामने आया है। रात-रात भर उनमें बातें होती रहीं। करीब तीन माह पहले मां ने मामला पकड़ा था। इसके बाद शिक्षिका से शिकायत की थी। इस पर उसने सामान्य चैटिंग की बात कही थी।
15 दिन पहले फिर मामला पकड़ा तो शिकायत लेकर स्कूल में फादर से मिले। इसके बाद से धमकी मिल रही हैं। कहा कि वह महिला को प्रताड़ित करने के आरोप में जेल भिजवा देंगे। इसके बाद से छात्र स्कूल नहीं जा रहा है। आरोप है कि नाबालिग बेटे को प्रेमजाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन की ओर ले जाया जा रहा है।
उधर, पुलिस ने तीन दिन बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। हालांकि बजरंग दल के आने के बाद गुरुवार को छावनी थाना पुलिस की टीम ने शुक्लागंज स्थित छात्र के घर पहुंचकर बयान दर्ज किए। पिता ने बताया कि मामले की शिकायत डीजी के अलावा अधिकारियों को भेजी। साथ ही कई जगह फैक्स भी किए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
एसीपी कैंट को चैटिंग, रिकॉर्डिंग और फोटो के साथ मोबाइल भी सौंपा
उन्होंने कैंट थाने में दो अक्तूबर को तहरीर दी थी। इसके बाद बुधवार को बजरंग दल के राम जी तिवारी और सहयोगियों के साथ आने में रिपोर्ट होने की गुहार लगाई। पिता ने गुरुवार को डीसीपी पूर्वी शिवाजी शुक्ला, एडीसीपी पूर्वी आकाश पटेल के सामने एसीपी कैंट को चैटिंग, रिकॉर्डिंग और फोटो के साथ मोबाइल भी सौंप दिया।
सब इंस्पेक्टर और एक महिला कांस्टेबल छात्र के घर पहुंचे
छात्र के पिता ने डीसीपी पूर्वी को बताया कि छावनी थाना प्रभारी ने उनसे मोबाइल जांच के लिए मांगा ही नहीं। उन पर यह झूठा आरोप लगाया जा रहा है कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और मोबाइल देने से मना कर दिया है। वहीं, छावनी थाने के सब इंस्पेक्टर रोहित तोमर और एक महिला कांस्टेबल कोमल गुरुवार को शुक्लागंज स्थित छात्र के घर पहुंचे।
ईसाई धर्म सबसे शांत और प्रेम करने वाला है
फिर छात्र से एकांत में करीब 15 मिनट बातचीत की। छात्र ने पुलिस को बताया कि उसकी चोटी काट दी थी, साथ ही चर्च ले जाती थी। बताती थी कि ईसाई धर्म सबसे शांत और प्रेम करने वाला है। इसके बाद फादर भी पूछते, कि आपको सब समझ में आ गया। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत बढ़ती चली गई और छात्र चैट का लती हो गया था।
छात्र के फोन पर हुई सख्ती, तो एक रात घर से रहा बाहर
परिजनों ने छात्र को मोबाइल फोन देना बंद कर दिया। छात्र मोबाइल के लिए परिजनों पर दबाव बनाने के लिए रात भर लापता रहा। अगले दिन घर लौटा, बताया कि वह छावनी स्थित मैस्कर घाट में रहा था। इकलौता बेटा होने की कारण परिजनों ने उससे ज्यादा कुछ नहीं कहा था। छात्र ने बाद में परिजनों को बताया, उसे ऐसा करने के लिए शिक्षिका ने कहा था, जिस पर घर वाले उसे मोबाइल से दूर न रखें। इससे उनके बीच चैटिंग होती रही।
पूजा की घंटी नहीं लगती अच्छी, ईसाई धर्म को बताता शांत
कुछ महीनों से छात्र के व्यवहार में बदलाव देख परिजनों को कुछ गड़बड़ होने का शक हुआ था। पिता के अनुसार बेटे में हिंदू धर्म के प्रति आस्था कम होने लगी थी। वह ईसाई धर्म को बेहतर और शांत बताता था। उसे घर में पूजा की घंटी अच्छी नहीं लगती। इस पर पत्नी ने बेटे पर निगरानी रखनी शुरू की। फिर उसका मोबाइल चैट चेक किया, तो यह हकीकत सामने आई। वह चैट का लती हो गया था।