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पॉलिटेक्निक तोड़कर ‘कानपुर मेट्रो यार्ड’ बनाने से गुस्साये सैकड़ों छात्र
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 16 May 2017 04:46 PM IST
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प्रदर्शन करते छात्र
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तपती धूप के बीच राजकीय पॉलिटेक्निक के सैकड़ों छात्रों ने कॉलेज परिसर तोड़कर कानपुर मेट्रो यार्ड बनाए जाने का जोरदार विरोध किया। छात्रों ने सरकार के इस प्रस्ताव के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कानपुर पॉलिटेक्निक बचाओ समिति का गठन कर लिया है। इसी समिति के बैनर तले सैकड़ों छात्रों ने सरकार को चेतावनी दी कि उन्हें मेट्रो नहीं, बल्कि उनका कॉलेज चाहिए। छात्रों ने अपने संस्थान को टूटने से बचाने के लिए कुर्बानी देने तक का एलान कर दिया।
छात्रों ने कहा कि अगर इसमें उनकी जान भी चली जाएगी तो वह इसकी फिक्र नहीं करेंगे। छात्रों ने अपनी मांगों के लिए लिए कई दलीलें भी दीं। बोले, एक मेट्रो के चक्कर में सरकार देश का सबसे बड़ा राजकीय पॉलिटेक्निक तोड़ने जा रही है। यह न केवल छात्रों के साथ अन्याय है बल्कि छात्रों के मूल अधिकारों का हनन भी है। छात्र घंटो कॉलेज परिसर में घूमकर नारेबाजी करते रहे।
छात्रों ने जीटी रोड जाम करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद छात्रों का हुजूम पैदल मार्च करते हुए प्राविधिक शिक्षा निदेशक के पास पहुंचा, जहां एसीएम की मौजूदगी में छात्रों ने निदेशक को संबोधित ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने राजकीय पॉलिटेक्निक में मेट्रो यार्ड के कार्य को रोकने के लिए कहा। इसके साथ ही छात्रों ने कई अन्य मांगें भी कीं। निदेशक ने छात्रों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगें मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री तक पहुंचाई जाएगी। इसके बाद छात्रों ने अपना धरना प्रदर्शन समाप्त किया।
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प्रदर्शनकारियों में समिति के अध्यक्ष मनीष कुशवाहा, दीपक सिंह, आलम, विपिन मिश्रा, अभिमन्यु मौर्या, मनीष शुक्ला, अंबुज सिंह, विपिन राय, अरूण यादव, शिवम राजपूत, शिवम चौहान, नितेश यादव आदि मौजूद रहे। लाठियां पटककर तितर-बितर करने की कोशिश छात्रों के प्रदर्शन की सूचना पहले ही जिला व पुलिस प्रशासन को लग गई थी। सुबह नौ बजे से ही पॉलिटेक्निक परिसर में भारी पुलिस फोर्स तैनात हो गई।
छात्र जुटने शुरू हुए तो उन्हें लाठियां पटककर तितर-बितर करने की कोशिश भी की गई, लेकिन बाद में छात्रों के विरोध पर पुलिस ने पांव पीछे खींच लिए और छात्रों को शांति से प्रदर्शन करने की अनुमति दे दी।
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छात्रों ने कहा कि अगर इसमें उनकी जान भी चली जाएगी तो वह इसकी फिक्र नहीं करेंगे। छात्रों ने अपनी मांगों के लिए लिए कई दलीलें भी दीं। बोले, एक मेट्रो के चक्कर में सरकार देश का सबसे बड़ा राजकीय पॉलिटेक्निक तोड़ने जा रही है। यह न केवल छात्रों के साथ अन्याय है बल्कि छात्रों के मूल अधिकारों का हनन भी है। छात्र घंटो कॉलेज परिसर में घूमकर नारेबाजी करते रहे।
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छात्रों ने जीटी रोड जाम करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद छात्रों का हुजूम पैदल मार्च करते हुए प्राविधिक शिक्षा निदेशक के पास पहुंचा, जहां एसीएम की मौजूदगी में छात्रों ने निदेशक को संबोधित ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने राजकीय पॉलिटेक्निक में मेट्रो यार्ड के कार्य को रोकने के लिए कहा। इसके साथ ही छात्रों ने कई अन्य मांगें भी कीं। निदेशक ने छात्रों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगें मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री तक पहुंचाई जाएगी। इसके बाद छात्रों ने अपना धरना प्रदर्शन समाप्त किया।
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प्रदर्शनकारियों में समिति के अध्यक्ष मनीष कुशवाहा, दीपक सिंह, आलम, विपिन मिश्रा, अभिमन्यु मौर्या, मनीष शुक्ला, अंबुज सिंह, विपिन राय, अरूण यादव, शिवम राजपूत, शिवम चौहान, नितेश यादव आदि मौजूद रहे। लाठियां पटककर तितर-बितर करने की कोशिश छात्रों के प्रदर्शन की सूचना पहले ही जिला व पुलिस प्रशासन को लग गई थी। सुबह नौ बजे से ही पॉलिटेक्निक परिसर में भारी पुलिस फोर्स तैनात हो गई।
छात्र जुटने शुरू हुए तो उन्हें लाठियां पटककर तितर-बितर करने की कोशिश भी की गई, लेकिन बाद में छात्रों के विरोध पर पुलिस ने पांव पीछे खींच लिए और छात्रों को शांति से प्रदर्शन करने की अनुमति दे दी।