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जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर आईआईटी कानपुर के छात्र ने किया भड़काऊ पोस्ट
Sat, 10 Aug 2019 07:25 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 10 Aug 2019 07:25 PM IST
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आईआईटी कानपुर
- फोटो : अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर आईआईटी कानपुर के छात्र द्वारा किए गए भड़काऊ और देशविरोधी फेसबुक पोस्ट के मामले में विवाद बढ़ता जा रहा है। पोस्ट करने वाला छात्र संस्थान के हॉस्टल-11 का प्रेसिडेंट निकला। अन्य छात्रों ने उसे पद से हटाने की मांग की है।
पोस्ट वायरल होते ही पूरे कैंपस में छात्र के खिलाफ पोस्टर चिपकाए जा रहे हैं। इसमें कहा गया है कि ऐसे लोगों को देश में एक इंच जगह नहीं देनी चाहिए। पोस्टर में लिखा गया है कि पहले ही साबित कर चुके हो कि तुम प्रेसिडेंटशिप के लायक नहीं हो।
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पोस्ट वायरल होते ही पूरे कैंपस में छात्र के खिलाफ पोस्टर चिपकाए जा रहे हैं। इसमें कहा गया है कि ऐसे लोगों को देश में एक इंच जगह नहीं देनी चाहिए। पोस्टर में लिखा गया है कि पहले ही साबित कर चुके हो कि तुम प्रेसिडेंटशिप के लायक नहीं हो।
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आईआईटी कानपुर
अब इस पोस्ट के जरिये तुमने यह भी साबित कर दिया कि इस देश के नागरिक बनने के लायक भी नहीं हो। बता दें कि हर हॉस्टल में एक प्रेसिडेंट, कमेटी के सदस्य और मेस इंचार्ज आदि पदों पर छात्रों को नियुक्त किया जाता है।
क्या है मामला
दरअसल मैटेरियल साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के एक छात्र ने सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म करने पर बीते पांच अगस्त को फेसबुक पर भड़काऊ और देशविरोधी पोस्ट डाला था। देखते-देखते यह पोस्ट वायरल हो गया है। विवाद बढ़ता देख छात्र ने पोस्ट ही डिलीट कर दी थी।
अधिवक्ता बोले, देशद्रोह के अंतर्गत आता है पोस्ट
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता चंद्र प्रकाश पांडेय बताते हैं कि यह पोस्ट देशद्रोह के अंतर्गत आता है। भारतीय दंड संहिता की धारा 124 ए, 153 (ए, बी) और आईटी एक्ट के तहत छात्र पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। पांडेय के मुताबिक अगर एफआईआर नहीं दर्ज होगी तो पुलिस की शिकायत मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री से भी की जाएगी और मामला कोर्ट में ले जाया जाएगा।
क्या है मामला
दरअसल मैटेरियल साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के एक छात्र ने सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म करने पर बीते पांच अगस्त को फेसबुक पर भड़काऊ और देशविरोधी पोस्ट डाला था। देखते-देखते यह पोस्ट वायरल हो गया है। विवाद बढ़ता देख छात्र ने पोस्ट ही डिलीट कर दी थी।
अधिवक्ता बोले, देशद्रोह के अंतर्गत आता है पोस्ट
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता चंद्र प्रकाश पांडेय बताते हैं कि यह पोस्ट देशद्रोह के अंतर्गत आता है। भारतीय दंड संहिता की धारा 124 ए, 153 (ए, बी) और आईटी एक्ट के तहत छात्र पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। पांडेय के मुताबिक अगर एफआईआर नहीं दर्ज होगी तो पुलिस की शिकायत मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री से भी की जाएगी और मामला कोर्ट में ले जाया जाएगा।