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PHOTOS: क्या यही है धरती के भगवानों की 'सेवा का धर्म', चीख-पुकार, मौत और सिसकियां!

Thu, 29 Mar 2018 11:11 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Thu, 29 Mar 2018 11:11 AM IST
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Strike at Hailut Hospital
कानपुर में डॉक्टरों की हड़ताल से तीन मरीजों की मौत - फोटो : अमर उजाला
धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों ने बुधवार को कानपुर में अपनी हठ के आगे तीन मरीजों की जान ले ली। मरीजों के तीमारदार इलाज के लिए डॉक्टरों के आगे हाथ जोड़े विनती करते रहे। पर वे पसीजे नहीं। आखिरकार एक मरीज ने इमरजेंसी में और दो मरीजों ने वार्डों में दम तोड़ दिया। इमरजेंसी में आए मरीज को तो डॉक्टरों ने हाथ तक नहीं लगाया।  घाटमपुर में सरकारी अस्पताल के पीछे रहने वाली अनीता पति चरण सिंह (45) को लेकर करीब 12 बजे हैलट पहुंचीं। उन्हें हार्टअटैक पड़ा था। करीब 12:30 बजे जूनियर डॉक्टर घटना के विरोध में एकजुट होने लगे। थोड़ी देर में देखने की बात कह उन्हें इमरजेंसी में लिटा दिया गया। एक बजे बवाल बढ़ा तो डॉक्टरों ने उन्हें इमरजेंसी से बाहर कर दिया। करीब तीन घंटे तक वे अंदर और बाहर होते रहे।

 

और मरीज की सांसें थम गईं

Strike at Hailut Hospital
कानपुर में डॉक्टरों की हड़ताल से तीन मरीजों की मौत
पत्नी अनीता डॉक्टरों से इलाज के लिए गुहार लगाती रहीं। किसी ने एक न सुनी। आखिरकार करीब चार बजे चरण सिंह की सांसें थम गईं। पत्नी ने फूट फूटकर डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया।  इसी तरह हरदौली, बिधनू निवासी प्रीति (30) मेडिसिन विभाग के वार्ड नंबर 15 में भर्ती थीं। पति कमलेश ने बताया कि दोपहर 12 बजे उन्हें खून चढ़ना था। वे खून ले आए थे। उसी दौरान बवाल शुरू हुआ और जूनियर डॉक्टरों ने कामकाज ठप कर दिया। वे नर्सों से खून चढ़ाने के लिए विनती करते रहे, लेकिन किसी ने न सुनी। डॉक्टरों की तलाश करते रहे लेकिन वे नहीं मिले। समय पर खून नहीं चढ़ पाया और करीब तीन बजे प्रीति की मौत हो गई। 

 

दलालों को पकड़वाने से भी जूनियर डॉक्टर खफा

Strike at Hailut Hospital
कानपुर में डॉक्टरों की हड़ताल से तीन मरीजों की मौत
तीमारदार युवती और जूनियर डॉक्टरों के बीच विवाद के बाद इमरजेंसी ठप कराने से रोकने पर जूनियर डॉक्टरों के व्यवहार से ईएमओ विनय कुमार बेहद आहत दिखे। पहले तो उन्होंने जूनियर डॉक्टरों को समझाने का प्रयास किया। नहीं माने तो कहाकि वे इमरजेंसी के इंचार्ज हैं। उनके रहते हुए कोई काम ठप नहीं करा सकता। इस पर जूनियर डॉक्टरों ने उनसे अभद्रता कर दी। जूनियर डॉक्टरों के इस रवैसे से वे अपने कमरे में लौट आए। प्रिंसिपल को फोन करके तत्काल मौके पर आने का निवेदन किया। प्रिंसिपल पहुंचे तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहाकि ऐसे माहौल में वे काम नहीं कर पाएंगे। जूनियर डॉक्टरों का रवैया बेहद खराब है। चारो ईएमओ यह बात लिखकर दे सकते हैं। यदि ऐसा ही रवैया रहना है तो यहां किसी और से ड्यूटी करवा लीजिए।  विभागीय सूत्र बताते हैं कि ईएमओ डॉ. विनय कुमार ने बीते दो महीने में इमरजेंसी में कई दलालों को पकड़वाया है। यह बात कई जूनियर डॉक्टरों को नागवार गुजर रही है। बताते हैं कि इमरजेंसी में आए मरीजों को प्राइवेट हॉस्पिटल भिजवाने और प्राइवेट जांच करवाने का रैकेट चलता है। डॉ. विनय कुमार ने इस पर अंकुश लगाया है। इससे कई डॉक्टरों की कमाई पर असर पड़ा है। ऐसे डॉक्टर चाहते हैं कि इमरजेंसी से डॉ. विनय कुमार को हटा दिया जाए। डॉ. विनय का कहना है कि इमरजेंसी के दलालों को रोकने के लिए वे निरंतर प्रयास करते रहेंगे। भले ही कितने लोग उनसे नाराज हो जाएं। 
 
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डॉक्टर और साथियों पर गंभीर धाराओं में एफआईआर

Strike at Hailut Hospital
कानपुर में डॉक्टरों की हड़ताल से तीन मरीजों की मौत
कानपुर हैलट के रेडियोलॉजी विभाग में बुधवार को हुए विवाद में पुलिस ने महिला और डॉक्टर, दोनों की तहरीर पर एफआईआर दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज भी देख रही है। परमट निवासी शालू सरोज का आरोप है कि बिना नंबर मरीजों का एक्सरे करने पर उसने जूनियर डॉक्टर शक्ति कुमार मिश्रा से आपत्ति जताई तो उन्होंने जातिसूचक शब्द कहने के साथ ही गाली-गलौज की। डॉक्टर ने अपने 2-3 अज्ञात साथियों संग मिलकर उसे पीटने के साथ ही कपड़े भी फाड़ दिए। उनके पति ने बीच-बचाव का प्रयास किया तो उन्हेंभी पीट दिया। डॉक्टर और उनकेसाथियों ने उनके गले से चेन तोड़ ली। मोबाइल और पर्स भी छीन लिया। पर्स में छह हजार रुपये थे।

 
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डॉक्टर और उनके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

Strike at Hailut Hospital
कानपुर में डॉक्टरों की हड़ताल से तीन मरीजों की मौत
पुलिस ने महिला की तहरीर पर डॉक्टर और उनके 2-3 अज्ञात साथियों के खिलाफ मारपीट, लूट, लज्जा भंग करने समेत एससी-एसटी एक्ट में एफआईआर दर्ज की है। वहीं, डॉ. शक्ति कुमार ने भी शालू सरोज और एक व्यक्ति के खिलाफ अभद्रता कर मारपीट करने, पर्स और शर्ट की जेब में रखे पांच हजार रुपये निकाल लेने का आरोप लगाकर तहरीर दी है। पुलिस ने डॉक्टर की तहरीर पर दोनों के खिलाफ लोक सेवक से अभद्रता, लूट की धाराओं समेत मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। एसपी पश्चिम डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। रेडियोलॉजी विभाग में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को जांच में शामिल किया जाएगा, जो पक्ष दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
 
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