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Mukhtar Case: 27 मार्च को ही बिगड़ी हुई थी मुख्तार की हालत, डॉक्टरों ने बताया- बीपी कम और शुगर बढ़ी हुई थी
Fri, 05 Apr 2024 11:54 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Fri, 05 Apr 2024 11:54 AM IST
सार
माफिया मुख्तार अंसारी का इलाज करने वाले तीन डॉक्टरों के बयान दर्ज किए गए। डॉक्टरों ने बताया कि मुख्तार की हालत 27 मार्च को ही बिगड़ी हुई थी।
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Mukhtar Death Case
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्तार की मौत के मामले की एक और जांच शुरू हो गई। डीजी जेल के आदेश पर वरिष्ठ कारागार अधीक्षक ने बृहस्पतिवार को डॉक्टरों के बयान दर्ज किए। इन्हीं डॉक्टरों ने मुख्तार को 25 की रात से 28 मार्च तक इन्हीं मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के साथ मिल मुख्तार का इलाज किया था। इन्हीं में से एक जिला अस्पताल की सर्जन डॉ. अदिति श्रीवास्तव ने 27 तारीख को मुख्तार का परीक्षण करने के बाद उन्हें मेडिकल से परामर्श लेने की बात कही थी।
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मुख्तार को 28 की रात हार्ट अटैक के बाद मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। जहां उसकी मौत हो गई थी। मुख्तार का इलाज करने वाले जिला अस्पताल के तीन चिकित्सकों डाॅ. हदेश पटेल (फिजिशियन), डॉ. शिशिर और डॉॅ. आदिति श्रीवास्तव (सर्जन) ने जेल पहुंचकर वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के समक्ष लिखित बयान दर्ज कराए। 11 बजे जेल पहुंचे डॉक्टर करीब चार घंटे बाद दोपहर तीन बजे बाहर निकले। वरिष्ठ कारागार अधीक्षक वीरेश राज ने बताया कि शासन के आदेश पर मुख्तार मामले में प्राथमिकी जांच उनके द्वारा की जा रही है।
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मुख्तार की बीमारी व उपचार से संबंधित कुछ जानकारी प्राप्त करनी थी जिसके लिए उन्हें जेल बुलाया गया है। सूत्रों के अनुसार डाॅ. अदिति श्रीवास्तव (सर्जन) ने जांच के दौरान बताया कि मुख्तार की तबीयत 25/26 मार्च की रात्रि बिगड़ने पर उन्हें जेल बुलाया गया था। हालत को देखते हुए मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया गया। 27 मार्च को परीक्षण के दौरान मुख्तार के पेट में दर्द, सूजन व गैस पास न होने की शिकायत पाई गई थी। इस पर मेडिकल काॅलेज के डाॅक्टरों से उपचार के लिए परामर्श लेने की सलाह दी गई थी।
28 मार्च को दोपहर मुख्तार की तबीयत बिगड़ने पर पुन: वह जेल पहुंचीं। उपचार करने के साथ ही जांच की गई। 3:15 बजे तक मुख्तार का स्वास्थ्य सामान्य था। उसी दिन शाम 5:40 बजे पुन: सूचना पर जेल पहुंची तो मुख्तार की हालत बिगड़ने पर उन्हें मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया गया। - ब्लड प्रेशर कम और बढ़ती जा रही थी शुगर
उधर, डाॅ. शिशिर चतुर्वेदी ने कहा कि 25-26 की रात परीक्षण के दौरान पाया गया कि मुख्तार को पिछले चार पांच दिनों से गैस पास न होने की शिकायत थी। पेट में सूजन भी थी। बीपी कम व शुगर बढ़ी हुई थी। पल्स रेट 88 प्रति मिनट थी। स्थिति ठीक न देख मुख्तार को तत्काल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। - मेडिकल कॉलेज ले जाने की दी थी सलाह
28 मार्च को दोपहर मुख्तार की तबीयत बिगड़ने पर पुन: वह जेल पहुंचीं। उपचार करने के साथ ही जांच की गई। 3:15 बजे तक मुख्तार का स्वास्थ्य सामान्य था। उसी दिन शाम 5:40 बजे पुन: सूचना पर जेल पहुंची तो मुख्तार की हालत बिगड़ने पर उन्हें मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया गया। - ब्लड प्रेशर कम और बढ़ती जा रही थी शुगर
उधर, डाॅ. शिशिर चतुर्वेदी ने कहा कि 25-26 की रात परीक्षण के दौरान पाया गया कि मुख्तार को पिछले चार पांच दिनों से गैस पास न होने की शिकायत थी। पेट में सूजन भी थी। बीपी कम व शुगर बढ़ी हुई थी। पल्स रेट 88 प्रति मिनट थी। स्थिति ठीक न देख मुख्तार को तत्काल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। - मेडिकल कॉलेज ले जाने की दी थी सलाह
डाॅ. हदेश पटेल ने कहा कि 28 मार्च को दोपहर दो बजे जानकारी मिली की वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में मुख्तार की तबीयत बिगड़ गई है तो वह जांच के लिए जेल पहुंचे। उस समय मुख्तार व्हील चेयर पर था। नीचे लिटाकर परीक्षण किया गया। बीपी सामान्य से कम पाया गया। उपचार के पश्चात स्वास्थ्य में सुधार हुआ। मुख्तार की परिजनों से बात भी कराई गई।
मुख्तार का बीपी बार-बार असामान्य होने पर हदय रोग विशेषज्ञ व न्यूरो फिजिशियन से परीक्षण कराने की सलाह दी गई थी। उसी दिन शाम 5:38 बजे से सूचना मिली की तबीयत में सुधार नहीं हो रहा है तो जेल पहुंचकर परीक्षण कर मेडिकल काॅलेज ले जाने की सलाह देकर वह वापस चले गए।
मुख्तार का बीपी बार-बार असामान्य होने पर हदय रोग विशेषज्ञ व न्यूरो फिजिशियन से परीक्षण कराने की सलाह दी गई थी। उसी दिन शाम 5:38 बजे से सूचना मिली की तबीयत में सुधार नहीं हो रहा है तो जेल पहुंचकर परीक्षण कर मेडिकल काॅलेज ले जाने की सलाह देकर वह वापस चले गए।
मेडिकल कॉलेज में इन डॉक्टरों ने की थी जांच
26 मार्च की सुबह माफिया मुख्तार को इमरजेंसी में जांच के बाद आईसीयू में शिफ्ट किया गया था। यहां मेडिकल कॉलेज सर्जरी विभाग के डॉ कुलदीप, आईसीयू इंचार्ज डॉ. सुशील और मेडिसिन विभाग की टीम ने मुख्तार का इलाज किया था। जबकि डॉ. ह्दयेश पटेल, डॉ. शिशिर व डॉ एसबी त्रिपाठी माफिया को जिला कारागार से मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे।
26 मार्च की सुबह माफिया मुख्तार को इमरजेंसी में जांच के बाद आईसीयू में शिफ्ट किया गया था। यहां मेडिकल कॉलेज सर्जरी विभाग के डॉ कुलदीप, आईसीयू इंचार्ज डॉ. सुशील और मेडिसिन विभाग की टीम ने मुख्तार का इलाज किया था। जबकि डॉ. ह्दयेश पटेल, डॉ. शिशिर व डॉ एसबी त्रिपाठी माफिया को जिला कारागार से मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे।