फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   state government will have to issue a permission letter for Safari

योगी सरकार दे इजाजत तो खुल जाए सफारी, गुजरात से आए एक शेर और पांच शेरनी को रखने के लिए चाहिए अनुमति

Sat, 19 Oct 2019 07:46 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, इटावा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, इटावा Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sat, 19 Oct 2019 07:46 PM IST
विज्ञापन
state government will have to issue a permission letter for Safari
इटावा सफारी में शेरनी जेसिका - फोटो : अमर उजाला
इटावा में नेशनल जू एथरिटी के मानक के अनुसार लॉयन सफारी खोलने के लिए चार वयस्क शेर और पांच वयस्क शेरनी होना जरूरी है लेकिर इटावा की सफारी में दो शेरनी और छह शेर ही वयस्क हैं। अगर गुजरात से आए एक शेर और पांच शेरनी को सरकार यहीं रखने की अनुमति दे दे तो लायन सफारी आम जनता के लिए उसी दिन खुल सकती है। 
विज्ञापन


इटावा सफारी में सबसे उम्रदराज शेरनी जेसिका इटावा सफारी में कई बच्चों को जन्म दे चुकी है। सफारी में पल रहे शिम्बा (3), सुल्तान (2)और बाहुबली (2)जेसिका के ही बेटे हैं। इसके अलावा शेर मनन, गीगो, पटौती और शेरनी हीर है। 26 जून को जेसिका ने चार और बच्चों को जन्म दिया था। इसमें एक की मौत हो चुकी है। ये बच्चे शेर मनन के हैं।
विज्ञापन

 

जेसिका के तीन बच्चों में एक नर और दो मादा हैं।  नेशनल जू एथरिटी के नियमानुसार लॉयन सफारी खोलने के लिए अवयस्क बच्चों की गणना शेरों में नहीं की जा सकती है। हां प्रदेश सरकार चाह ले तो लॉयन सफारी कभी भी आम जनता के लिए खोली जा सकती है। दरअसल गुजरात प्रदेश के जूनागढ़ स्थित शक्करपुर प्राणि उद्यान से लाए गए छह शेरों को इटावा लॉयन सफारी में रखने की अनुमति देनी है।

गुजरात से शेरनी तेजस्विनी (15), मरियम (13), जेनिफर (09), गौरी (ढाई), गौरी (02)और शेर कान्हा (ढाई) व तौकीर लाए गए थे। इसमें तौकीर की मौत हो चुकी है। गुजरात के ये शेर-शेरनी उत्तर प्रदेश के लिए लाए गए हैं, यानी अभी ये तय नहीं है कि इसमें कौन सा शेर-शेरनी किस सफरी या प्राणि उद्यान में रखा जाएगा।

 

अगर प्रदेश सरकार गुजरात से आए सभी शेर व शेरनी को इटावा लॉयन सफारी में रखने का आदेश जारी कर दे तो जू एथरिटी ऑफ इंडिया का मानक पूरा हो जाएगा। उसके बाद कभी भी लॉयन सफारी जनता के लिए खोली जा सकती है। जहां तक बात गोरखपुर प्राणि उद्यान में शेर भेजने की है तो अभी गुजरात से चार शेर और आने हैं।

प्रदेश सरकार का गुजरात सरकार से 11 शेर-शेरनी लेने का करार हुआ है। इसमें पहली खेप में सात शेर-शेरनी आ चुके हैं। अभी चार शेर-शेरनी आने हैं। इन्हें गोरखपुर के लिए रिवर्ज किया जा सकता है। उपनिदेशक सुरेश चंद्र राजपूत ने बताया कि गुजरात से लाए गए शेर उत्तर प्रदेश के लिए हैं, इन्हें कहां रखना है ये प्रदेश शासन तय करेगा। अभी चार शेर-शेरनी और गुजरात से लाए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed