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पोर्टेबल वेंटिलेटर बनाने में मदद करेगा स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक, आईआईटी ने तैयार किया है प्रोटोटाइप
Mon, 06 Apr 2020 08:32 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 06 Apr 2020 08:32 PM IST
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आईआईटी कानपुर
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर आईआईटी के पोर्टेबल वेंटिलेटर बनाने में आ रही आर्थिक बाधा को स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक ने दूर कर दिया है। यह बैंक, आईआईटी और भारतीय एंजेल नेटवर्क के साथ इसकी इंक्यूबेटेड कंपनी नोका रोबोटिक्स की ओर से विकसित स्वदेशी पोर्टेबल वेंटिलेटर के प्रोटोटाइप को आर्थिक सहयोग देगा।
हालांकि धनराशि के बारे में बैंक ने कोई जानकारी नहीं दी है। 10 अप्रैल तक फाइनल प्रोटोटाइप तैयार किया जाएगा, जिसकी टेस्टिंग पुणे की लैब में होगी। वहां से अप्रूव होने के बाद ही इसकी मैन्यूफैक्चरिंग शुरू होगी।
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हालांकि धनराशि के बारे में बैंक ने कोई जानकारी नहीं दी है। 10 अप्रैल तक फाइनल प्रोटोटाइप तैयार किया जाएगा, जिसकी टेस्टिंग पुणे की लैब में होगी। वहां से अप्रूव होने के बाद ही इसकी मैन्यूफैक्चरिंग शुरू होगी।
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आईईआटी बायोसाइंस के एंड बायोइंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. अमिताभ बंदोपाध्याय ने बताया कि रिसर्च के बाद पोर्टेबल वेंटिलेटर का पहला प्रोटोटाइप तैयार किया गया। अब फाइनल प्रोटोटाइप तैयार किया जाएगा जिसे पुणे की लैब में मेडिकल मानकों के आधार पर टेस्ट किया जाएगा।
डाटा प्रोटोटाइप तैयार करने से टेस्टिंग तक में फंड की जरूरत होती है। जिसके लिए स्टैंडर्ड चार्टेड बैंक आगे आया है। प्रो. बंदोपाध्याय ने बताया कि मई में करीब 30 हजार वेंटिलेटर बनाने का लक्ष्य है।
एक वेंटिलेटर के निर्माण में करीब 50 हजार का खर्च आएगा। बैंक के चीफ सस्टेनबिलिटी ऑफिसर करुणा भाटिया ने कहा कि बैंक ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाई है और कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में हर तरह का सहयोग करने को तैयार है।
डाटा प्रोटोटाइप तैयार करने से टेस्टिंग तक में फंड की जरूरत होती है। जिसके लिए स्टैंडर्ड चार्टेड बैंक आगे आया है। प्रो. बंदोपाध्याय ने बताया कि मई में करीब 30 हजार वेंटिलेटर बनाने का लक्ष्य है।
एक वेंटिलेटर के निर्माण में करीब 50 हजार का खर्च आएगा। बैंक के चीफ सस्टेनबिलिटी ऑफिसर करुणा भाटिया ने कहा कि बैंक ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाई है और कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में हर तरह का सहयोग करने को तैयार है।