बैंकिंग घोटाले में सुर्खियां बटोरने वाले पंजाब नेशनल बैंक ने अपने नॉन परफार्मिंग असेट्स (एनपीए) को रोकने के लिए नई रणनीति तैयार की है। इसके तहत रिकवरी वर्टिकल (एक विशेष व्यवस्था, जिसमें कई स्पेशल अफसर होंगे) की व्यवस्था की गई है। कई चरण के परीक्षण के बाद इस व्यवस्था को कानपुर शहर में जल्द लागू किया जाएगा।
पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े सूत्रों ने बताया कि बैंक ने शहर में अपनी ऐसी 14 शाखाओं को चिह्नित किया है, जहां पर एनपीए ज्यादा है। इन शाखाओं का एनपीए कई सौ करोड़ है। इन एनपीए की निगरानी नई व्यवस्था से की जाएगी। प्रतिदिन की समीक्षा की जाएगी।
समीक्षा में यह देखा जाएगा कि जो एकाउंट एनपीए हो चुके हैं, उनकी रिकवरी कैसी है, रिकवरी हो रही है या फिर नहीं हो रही है। इसकी रिपोर्ट तैयार करके उच्च अफसरों को दी जाएगी। बैंक के एक अधिकारी ने बताया कि रिकवरी वार्टिकल व्यवस्था के तहत कई अधिकारियों की स्पेशल टीम सिर्फ एनपीए का काम देखेगी। इसी महीने से यह व्यवस्था हर सर्किल में लागू कर दी जाएगा।
शहर में खुलेगा सीएलपीसी
शहर में खुलेगा सीएलपीसी
बैंक के अधिकारी ने बताया कि शहर में जल्द ही सेंट्रलाइज्ड लोन प्रोसेसिंग सेंटर (सीएलपीसी) खोला जाएगा। इस सेंटर में 50 लाख से लेकर 50 करोड़ तक के लोन देने की व्यवस्था होगी। इसके बाद बैंक खाताधारकों को अलग-अलग ब्रांचों से लोन लेने की जरूरत नहीं होगी। शहर में सीएलपीसी की शुरूआत अगस्त के अंतिम सप्ताह या फिर सिंतबर के दूसरे सप्ताह से हो सकती है।
इसलिए की जा रही नई व्यवस्था
इसलिए की जा रही नई व्यवस्था
- लोन देने की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता रहे।
- बैंक अधिकारी किसी प्रकार की मनमानी न कर सकें।
- मनमाने ढंग से दिये जाने वाले लोन पर रोक लगेगी।
- बैंक की अन्य ब्रांचों से कोई मतलब नहीं रहेगा।