फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Special drive launched to resolve 26 year old trademark disputes in Kanpur online and offline Hearings

पहल: ट्रेडमार्क के 26 साल पुराने विवादों का होगा अंत, 'स्पेशल डिस्पोजल ड्राइव' शुरू, ऑनलाइन-ऑफलाइन होगी सुनवाई

Sun, 06 Sep 2026 11:45 AM IST
Himanshu Awasthi अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Sun, 06 Sep 2026 11:45 AM IST
सार

Kanpur News: कानपुर और देशभर में वर्षों से लंबित दो लाख से अधिक ट्रेडमार्क विरोध मामलों के निस्तारण के लिए सरकार ने चार सितंबर से दिसंबर 2026 तक विशेष अभियान शुरू किया है। हाइब्रिड मोड में होने वाली इस सुनवाई से 26 साल पुराने विवादों का आपसी समझौते या एकतरफा निर्णय के जरिये अंतिम रूप से निपटारा हो सकेगा।

विज्ञापन
Special drive launched to resolve 26 year old trademark disputes in Kanpur online and offline Hearings
ट्रेडमार्क के विवाद - फोटो : amar ujala

विस्तार

    विज्ञापन
  • केस-1: शहर के टीशर्ट ब्रांड मैन्यूफैक्चरर ने 2018 में अपने ट्रेडमार्क के लिए आवेदन किया जो सरकार से स्वीकृत हो गया। ट्रेडमार्क जर्नल में प्रकाशित भी हो गया, लेकिन एक अंतरराष्ट्रीय कंपनी ने उसके लिखने के डिजाइन व स्टाइल का विरोध कर दिया। बाद में दोनों के बीच समझौता भी हो गया। उन्होंने अपना डिजाइन भी बदल लिया। इससे संबंधित सभी दस्तावेज रजिस्ट्री में फाइल हो गए लेकिन विरोध (अपोजिशन) सुनवाई न हो पाने आने की वजह से अभी तक ट्रेड मार्क पंजीकृत नहीं हो पाया।
  • केस-2: साल 2015 में शहर के व्यापारी के एक ट्रेडमार्क का विरोध हुआ। 2019 में सुनवाई शुरू हुई। इसी बीच कोविड आने के बाद सुनवाई लंबित हो गई। बाद में पता चला की विपक्षी ने अपना ब्रांड ही बंद कर दिया है। अब जब तक अंतिम सुनवाई नहीं हो जाएगी, तब तक ट्रेडमार्क विरोध स्थिति में ही प्रदर्शित होगा। इसी तरह कई ट्रेड मार्क अपोजिशन में ऐसे हैं जिसमें आवेदनकर्ता और विरोधी ने आवश्यक दस्तावेज ही दाखिल नहीं किए थे।
  • विज्ञापन

कानपुर में कारोबार, व्यापार में ट्रेडमार्क, लोगो, डिजाइन आदि लेने के विवादों को खत्म करने की बड़ी पहल सरकार ने की है। कानपुर समेत देश भर के 26 साल पुराने मामलों को आपसी समझौता के तहत खत्म करने के लिए विशेष अभियान की शुरुआत कर दी गई है। इस संबंध में 31 अगस्त को अधिसूचना जारी की गई है। यह विशेष अभियान चार सितंबर से दिसंबर 2026 तक चलेगा।
सुनवाई हाइब्रिड मोड में होगी यानी पक्षकारों को भौतिक रूप से उपस्थित होने के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यम से भी सुनवाई में शामिल होने का विकल्प मिलेगा। कानपुर में इस तरह के 10 हजार और पूरे देश में दो लाख से ज्यादा मामले हैं। बौद्धिक संपदा अधिकार विशेषज्ञ नवदीप श्रीधर ने बताया कि लंबित ट्रेडमार्क विरोध (अपोजिशन) मामलों के निस्तारण के लिए ट्रेडमार्क रजिस्ट्री ने महत्वपूर्ण पहल की है।

स्पेशल डिस्पोजल ड्राइव शुरू करने की घोषणा
रजिस्ट्री ने लंबित ट्रेडमार्क विरोध मामलों के निस्तारण के लिए स्पेशल डिस्पोजल ड्राइव शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत सितंबर 2026 में वर्ष 2000 से पहले के आवेदन, अक्तूबर 2026 में वर्ष 2001 से 2010 तक के आवेदन, नवंबर 2026 में वर्ष 2011 से 2020 तक के आवेदन और दिसंबर 2026 में वर्ष 2021 से वर्तमान तक के आवेदनों से संबंधित मामलों की सुनवाई की जाएगी। लंबे समय से चल रहे ट्रेडमार्क विरोध विवाद को आपसी समझौते से समाप्त करने के तहत ये प्रकिया अपनाई गई है।

विज्ञापन

पोर्टल या ई-मेल के माध्यम से जमा करनी होगी
उन्होंने बताया कि यह अभियान विशेष रूप से उन पक्षों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है जिन्होंने लंबे समय से चल रहे ट्रेडमार्क विरोध विवाद को आपसी समझौते से समाप्त करने का निर्णय लिया है। अधिसूचना में आवेदकों, विरोधकर्ताओं और उनके अधिवक्ताओं या अधिकृत एजेंटों को निर्देश दिया गया है। समझौते से संबंधित दस्तावेज या आवेदन या विरोध वापस लेने का अनुरोध निर्धारित सुनवाई की तारीख से कम से कम तीन दिन पहले ऑनलाइन पोर्टल या ई-मेल के माध्यम से जमा करनी होगी।

कानपुर में 10 हजार और पूरे देश में दो लाख से ज्यादा मामले वर्षों से लंबित
संबंधित पक्षों को अपने मामलों की स्थिति जांचकर ऑनलाइन अथवा ट्रेडमार्क रजिस्ट्री में उपस्थित होना होगा। यदि कोई पक्ष निर्धारित सुनवाई के दिन उपस्थित नहीं होता है या आवश्यक प्रक्रिया का पालन नहीं करता है, तो उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर मामले का निर्णय एकतरफा (एक्सपार्टी) अथवा उसके गुण-दोष के आधार पर ट्रेडमार्क अधिनियम, 1999 और ट्रेडमार्क नियम, 2017 के अनुसार किया जा सकता है। कानपुर में इस तरह के 10 हजार और पूरे देश में दो लाख से ज्यादा मामले वर्षों से लंबित हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed