जाजमऊ आगजनी: पहले भी विवादों में घिरे थे सपा विधायक, आज शहर पहुंचेगा जांच दल, पुलिस ने कसी कमर
सपा विधायक इरफान सोलंकी का विवादों से पुराना नाता रहा है।14 साल उन्नाव में स्थित एक टेनरी विवाद में उनको चोटें आ गई थीं। इस पर उनके समर्थक सड़कों पर उतर आए थे। इस घटना से सबक लेकर पुलिस पूरी सर्तकता बरत रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर के जाजमऊ में प्लाट पर कब्जा और आगजनी के मामले में फरार चल रहे विधायक इरफान सोलंकी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती से कम नहीं है। विधायक के समर्थकों की तादाद को देखते हुए पुलिस ने तैयारियां शुरू कर दी हैं, जिससे कि शहर की कानून व्यवस्था पर कोई आंच न आए।
सूत्रों के अनुसार, 14 साल पहले इरफान सोलंकी जब पहली बार विधायक बने थे, तो उन्नाव में स्थित एक टेनरी विवाद में चोटें आ गई थीं। इस पर उनके समर्थक सड़कों पर उतर आए थे। पुलिस उस घटना से सबक लेते हुए पूरे मामले में फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।
विधायक के लिए गले फांस बनी पीड़िता
कुछ माह पूर्व जाजमऊ में ही एक टेनरी पर कब्जा किए जाने के बाद सपा के एक विधायक और भाजपा से हटाए गए नारायण भदौरिया के बीच टकराव हो गया था। सूत्रों के अनुसार उस मामले में सपा विधायक इरफान सोलंकी भी कूद पड़े थे। शायद यही वजह है कि महिला के मामले में बाहरी तौर पर सक्रिय कुछ लोगों ने मामले को हवा दी है।
पहले भी विवादों में घिरे थे सपा विधायक
तीन जून को नई सड़क पर हुए उपद्रव के मामले में भी इरफान के कई समर्थक जेल भेजे गए थे। इसके साथ ही हाजी वसी की कंपनी में उनकी पत्नी के निदेशक पद पर होने की बात सामने आई थी। अब इस आगजनी के बाद इरफान सोलंकी के जानने वाले बड़े बिल्डरों के बीच अफरातफरी का माहौल है।
आज शहर पहुंचेंगे विधायक
शहर में राज्यपाल के कार्यक्रम के चलते सपा विधायकों की दल शुक्रवार को शहर नहीं पहुंची। शनिवार को विधायकों का 11 सदस्यीय जांच दल शहर पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। विधायक दल पुलिस कमिश्नर के साथ पीड़ित महिला से भी मुलाकात करेगी।
12 मोबाइल नंबरों को किया ट्रैप
विधायक इरफान और उनके भाई रिजवान की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 12 मोबाइल नंबरों को ट्रैप किया है। इनकी सीडीआर निकलवाई है। कॉल डिटेल्स के जरिए जानकारी जुटाई जा रही है। ऐसे सभी नए नंबरों की लोकेशन निकालकर विधायक तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
लखनऊ, उन्नाव और दिल्ली में तलाश रही पुलिस
सूत्रों के अनुसार, पुलिस की छह टीमें लखनऊ, उन्नाव और कानपुर के साथ दिल्ली में भी तलाश कर रही हैं। हर टीम को एक इंस्पेक्टर लीड कर रहा है। कानपुर में चमनगंज, बेकनगंज, पेंचबाग और उन्नाव में गंगा कटरी को खंगाला जा रहा है। वहीं, परिवार के लोग दोनों के बारे में किसी जानकारी से इनकार कर रहे हैं।
एक बिल्डर पर सबसे ज्यादा शक
विधायक और उनके भाई का सहयोग करने में जाजमऊ निवासी एक बिल्डर की अहम भूमिका सामने आई है। बिल्डर के यहां से चार मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल्स पुलिस ने निकाली है। पिछले एक सप्ताह की सीडीआर की जांच की जा रही है। बिल्डर के साथ विधायक व उनके भाई के अच्छे कारोबारी रिश्ते हैं।
विधायक व उनके भाई को तलाशने में टीमें लगी हैं। लखनऊ व कानपुर में कई जगहों पर दबिश दी गई है। लेकिन अभी तक उनकी लोकेशन नहीं मिली है। पुलिस जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लेगी। -बीपी जोगदंड, पुलिस कमिश्नर