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जातिगत गणित साधने से चूकी सपा
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 29 Dec 2016 10:15 AM IST
सार
- 10 में से एक भी विधानसभा सीट पर ओबीसी नहीं
- मुस्लिम और सवर्णों को साधने की जुगत
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अखिलेश यादव, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश
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विस्तार
समाजवादी पार्टी कानपुर नगर और देहात की सीटों पर जातिगत गणित साधने में चूकी है। पार्टी ने 10 विधानसभा क्षेत्रों में मुस्लिम, ब्राह्मण, क्षत्रिय, दलित और कायस्थ को प्रतिनिधित्व जरूर दिया लेकिन अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का एक भी प्रत्याशी चुनाव मैदान में नहीं उतारा है। इसे लेकर राजनीतिक हलचल और खुसुर-फुसुर शुरू हो गई है।
सपा ने 10 में से तीन विधानसभा क्षेत्रों में ब्राह्मण कार्ड खेला है। बिठूर से मुनींद्र शुक्ला, गोविंद नगर से सुनील शुक्ला और किदवई नगर से पंडित ओम प्रकाश मिश्रा को प्रत्याशी बनाकर सवर्ण वोट बैंक में सेंधमारी की कोशिश की है। मुस्लिम बहुल कैंट से अतीक अहमद और सीसामऊ से वर्तमान विधायक हाजी इरफान सोलंकी को टिकट दिया है। महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र से अरुणा तोमर को टिकट देकर क्षत्रियों को साधा है। कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र से कायस्थ वर्तमान विधायक सतीश निगम को फिर मौका दिया है। घाटमपुर से आरडी कुरील और बिल्हौर से बेरिया दलित बिरादरी के हैं। आर्य नगर खाली है। चर्चा है कि आर्य नगर से कोई मुस्लिम चेहरा उतारा जा सकता है। इसका मतलब यह कि पार्टी ब्राह्मण और मुस्लिम चेहरों के साथ चुनाव मैदान में जा रही है।
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सपा ने 10 में से तीन विधानसभा क्षेत्रों में ब्राह्मण कार्ड खेला है। बिठूर से मुनींद्र शुक्ला, गोविंद नगर से सुनील शुक्ला और किदवई नगर से पंडित ओम प्रकाश मिश्रा को प्रत्याशी बनाकर सवर्ण वोट बैंक में सेंधमारी की कोशिश की है। मुस्लिम बहुल कैंट से अतीक अहमद और सीसामऊ से वर्तमान विधायक हाजी इरफान सोलंकी को टिकट दिया है। महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र से अरुणा तोमर को टिकट देकर क्षत्रियों को साधा है। कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र से कायस्थ वर्तमान विधायक सतीश निगम को फिर मौका दिया है। घाटमपुर से आरडी कुरील और बिल्हौर से बेरिया दलित बिरादरी के हैं। आर्य नगर खाली है। चर्चा है कि आर्य नगर से कोई मुस्लिम चेहरा उतारा जा सकता है। इसका मतलब यह कि पार्टी ब्राह्मण और मुस्लिम चेहरों के साथ चुनाव मैदान में जा रही है।
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बसपा का दलित-ब्राह्मण-मुस्लिम गठजोड़
बसपा सुप्रीमो मायावती (फाइल फोटो)
बसपा का दलित-ब्राह्मण-मुस्लिम गठजोड़
- एक सीट से ओबीसी भी
बसपा ने जिले में 10 प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा है। कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र से दीपू निषाद को टिकट देकर ओबीसी वोट बैंक में सेंधमारी की कोशिश की है। महाराजपुर से मनोज शुक्ला, गोविंद नगर से निर्मल तिवारी और किदवई नगर से पंडित संदीप शर्मा को टिकट दिया। बसपा का इरादा वर्ष 2007 का इतिहास दोहराने की है, जिसमें उसे अच्छा ब्राह्मण वोट मिला था। बसपा ने दलित समाज को भी पूरा प्रतिनिधित्व दिया है। घाटमपुर से सरोज कुरील, बिल्हौर से कमलेश दिवाकर, सीसामऊ से नंदलाल कोरी को टिकट देकर दलित वोट साधा है। बिठूर से डॉ. आरपी कुशवाहा को टिकट देकर पिछड़ा वोट साधा है। कैंट से डॉ. नसीम अहमद और आर्य नगर से हसीब को टिकट देकर मुस्लिम प्रत्याशियों को प्रतिनिधित्व दिया है। बसपा की सूची से क्षत्रिय और कायस्थों का नाम गायब है।
- एक सीट से ओबीसी भी
बसपा ने जिले में 10 प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा है। कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र से दीपू निषाद को टिकट देकर ओबीसी वोट बैंक में सेंधमारी की कोशिश की है। महाराजपुर से मनोज शुक्ला, गोविंद नगर से निर्मल तिवारी और किदवई नगर से पंडित संदीप शर्मा को टिकट दिया। बसपा का इरादा वर्ष 2007 का इतिहास दोहराने की है, जिसमें उसे अच्छा ब्राह्मण वोट मिला था। बसपा ने दलित समाज को भी पूरा प्रतिनिधित्व दिया है। घाटमपुर से सरोज कुरील, बिल्हौर से कमलेश दिवाकर, सीसामऊ से नंदलाल कोरी को टिकट देकर दलित वोट साधा है। बिठूर से डॉ. आरपी कुशवाहा को टिकट देकर पिछड़ा वोट साधा है। कैंट से डॉ. नसीम अहमद और आर्य नगर से हसीब को टिकट देकर मुस्लिम प्रत्याशियों को प्रतिनिधित्व दिया है। बसपा की सूची से क्षत्रिय और कायस्थों का नाम गायब है।