“मैं असहाय देखता रहा”: मां का पैर धड़ से अलग था, पिता का शव पेट के बल पड़ा था, बेटे ने सुनाई हादसे की दास्तां
Kanpur News: महाराजपुर हादसे में आंखों के सामने माता-पिता की मौत से सहमे बेटे ने दर्दनाक दास्तां सुनाई। कहा कि मां का पैर धड़ से अलग पड़ा था। पिता का शव पेट के बल पड़ा था। हेलमेट नहीं लगाए होता, तो उसकी भी जान चली जाती।
विस्तार
कानपुर में महाराजपुर के घाटूखेड़ा मोड़ पर डंपर से कुचलकर हुई दंपती की मौत से बेटा सहमा हुआ है। मृतक मुंशीराम और नन्हकी के घायल बेटे श्रीराम ने अपनी आंखों के सामने हुई माता-पिता की मौत की दर्दनाक दास्तां सुनाते हुए फफक पड़ा। बताया कि मां का पैर धड़ से अलग पड़ा था। पिता का शव पेट के बल पड़ा था। मां का हाथ पिता के पैर पर था।
वह सबकुछ देख पा रहा था, लेकिन पैर टूट जाने के कारण असहाय पड़ा रहा। श्रीराम ने बताया कि उसे तो हेलमेट ने बचा लिया। डंपर की टक्कर के बाद वह सिर के बल गिरा था। वह बीच में आ गया और डंपर माता-पिता को कुचलते हुए निकल गया। गिरने के बाद उसका हेलमेट सिर से निकल गया था, डंपर हेलमेट के ऊपर से गुजर गया था।
बड़ा बेटा बोला, काश माता-पिता मेरी बात मान जाते
बड़े बेटे रामचंदर ने बताया कि चार माह पहले मां नन्हकी को फालिस मार गई थी। उनका इलाज पहले नौबस्ता के एक निजी अस्पताल में चला। आराम न मिलने पर वर्तमान में उनका इलाज फतेहपुर के जहानाबाद में एक वैद्य के यहां चल रहा था। मंगलवार को सुबह जब पिता मां को लेकर जहानाबाद जा रहे थे तो मना किया था। कहा था कि मंगलवार को दुकान बंद रहती है। हालांकि वे नहीं माने और छोटे भाई को साथ लेकर चले गए। बड़े बेटे ने कहा कि काश उसकी बात मान जाते तो उनकी जान बच जाती।
आर्थिक तंगी से जूझ रहा है परिवार
मुंशीलाल का छतमरा-तिलसहरी मार्ग पर दो मंजिला मकान है। मकान के बाहर ही एक टूटी हुई छप्पर में पान मसाले की दुकान खोले थे। दोनों बेटे घर के बाहर ही ठेले पर चाट, चाऊमीन व पानी के बताशे बेचते हैं। गांव के रहने वाले राहुल ने बताया कि परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है, लेकिन स्वभाव के बहुत अच्छे थे।
तीन थाने, चार चौकियां... 24 घंटे दौड़ते हैं खनन में लगे डंपर
महाराजपुर, साढ़ और नरवल थाना क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मिट्टी का खनन किया जा रहा है। इसके बाद मिट्टी लेकर डंपर छतमरा-तिलसहरी मार्ग से गुजरते हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पुलिस की सह पर फ्रेट कॉरिडोर के नाम पर अवैध रूप से मिट्टी का खनन किया जा रहा है। 24 चौबीस घंटे में 100 से ज्यादा डंपर गुजरते हैं। इसके एवज में बाकायदा थानों और चौकी को पैसा भी जाता है।
ग्रामीणों का आरोप- पुलिस की सह पर कराया जा रहा खनन
आरोप यह भी है कि खनन माफिया हाथीपुर से फुफुवार रोड, नवर्ल तहसील के थारेपाह रोड पर स्थित एक सरकारी तालाब में भी खनन कर रहे हैं। ग्रामीणों के इन्हीं आरोपों को देखते हुए डीसीपी पूर्वी श्रवण कुमार सिंह ने पुलिस की भूमिका के भी जांच के आदेश दिए हैं। ग्राम प्रधान नीरज का कहना है कि बारादरी मोड, साढ़, काली देवी मंदिर व घाटूखेड़ा मोड़ के पास हादसे हुए हैं।
छतमरा-तिलसहरी मार्ग से मिट्टी लेकर गुजरते हैं डंपर
इसके अलावा करीब 13 लोग डंपर की चपेट में आने से घायल हुए हैं। हादसे से नाराज सुभौली काली मंदिर व्यापार मंडल ने ग्रामीणों संग मिलकर चार माह पहले छतमरा-तिलसहरी मार्ग पर हैवी वाहनों को रोकने के लिए बैरियर लगवाए थे। हालांकि खनन माफियाओं ने पुलिस से सांठगांठ कर बैरियर हटवा दिया। इसकी शिकायत उन्होंने जिलाधिकारी, एसडीएम नर्वल और सीएम के विशेष सचिव से की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
करोड़ों की लागत से बनी सड़क हो रही खराब
ग्राम प्रधान ने बताया कि करोड़ों की लागत से बने छतमरा-तिलसहरी मार्ग पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने ओवरलोड वाहनों के संचालन पर रोक लगाई थी। यह रिपोर्ट पीडब्ल्यूडी की ओर से जिलाधिकारी, आरटीओ और स्थानीय पुलिस को भी दी थी। इसके बावजूद मार्ग पर 24 घंटे 100 से अधिक ओवरलोड डंपर फर्राटा भर रहे हैं। इससे सड़क खराब हो रही है।
ग्रामीणों ने बैरियर और ब्रेकर लगवाने की उठाई मांग
हादसे से नाराज ग्रामीणों ने छतमरा, टौंस, तिलसहरी में ब्रेकर बनाने के साथ ही इन और ऑउट बैरियर लगाने की मांग की है, ताकि हादसे पर लगाम लगाई जा सके। वहीं ओवरलोड डंपर का आवागमन बंद होगा। मुंशीलाल के दोनों बेटों की शादी हो चुकी है। बड़े बेटे रामचंद्र निषाद (32) की सात साल पहले शादी हुई थी। छोटे बेटे श्रीराम निषाद (28) की तीन साल पहले शादी हुई थी। उसकी पत्नी प्रीति निषाद के दो वर्ष की बेटी परी है।