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अपने पिता को फोन करके बोला- '10 लाख रुपये दो, बेटों को छुड़ा लो'
Sun, 03 Feb 2019 10:05 PM IST
प्रशांत कुमार
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sun, 03 Feb 2019 10:05 PM IST
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कानपुर के बिठूर से लापता हुए 12वीं कक्षा के एक छात्र ने अपहरण की झूठी कहानी रची। दोस्तों के जरिए पिता से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी। फिरौती के लिए आए मोबाइल नंबर के जरिए पुलिस लखनऊ पहुंची। छात्र और उसके दो दोस्तों को पकड़ा। आरोपियों में लखनऊ में तैनात एक सिपाही का बेटा भी शामिल है। पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है। एसएसपी अनंत देव के मुताबिक सूर्यांश व उसके साथियों के भविष्य को देखते हुए कोई कार्रवाई नहीं जाएगी। सभी को हिदायत देकर परिजनों के हवाले किया जाएगा।
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फतेहपुर के एक अधिवक्ता का बेटा नारामऊ स्थित एक इंटर कॉलेज में पढ़ता है और वहीं हॉस्टल में रहता है। 26 जनवरी को छात्र हॉस्टल से फतेहपुर जाने की बात कहकर निकला था। तब से गायब था। मामले में अधिवक्ता ने बिठूर थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस और परिवार के लोग छात्र को तलाश रहे थे।
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पुलिस से बोला इस वजह से किया था ये सब
शुक्रवार को अधिवक्ता के मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि 10 लाख रुपये दे दो, अपने बेटों को छुड़ा लो। इसकी सूचना अधिवक्ता ने बिठूर थानाध्यक्ष को दी। थानाध्यक्ष के मुताबिक फिरौती के लिए आए फोन नंबर के आधार पर पुलिस टीम लखनऊ पहुंची। वहां एक मकान से छात्र और उसके दो साथियों को पकड़ा।
इसमें लखनऊ में तैनात एक सिपाही का बेटा भी शामिल है। पूछताछ में छात्र ने पुलिस को बताया कि वह व्यापार करना चाहता है। इसके लिए उसे धन की जरूरत है। इसलिए उसने खुद के अपहरण की झूठी कहानी रची। फिर दोस्त के जरिए पिता से 10 लाख रुपये की मांग की थी।
इसमें लखनऊ में तैनात एक सिपाही का बेटा भी शामिल है। पूछताछ में छात्र ने पुलिस को बताया कि वह व्यापार करना चाहता है। इसके लिए उसे धन की जरूरत है। इसलिए उसने खुद के अपहरण की झूठी कहानी रची। फिर दोस्त के जरिए पिता से 10 लाख रुपये की मांग की थी।