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बेटा ही निकला मां का हत्यारा
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर देहात
Updated Fri, 05 Dec 2014 01:38 AM IST
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मूसानगर क्षेत्र के गुलौली गांव में बीती 27 नवंबर की रात वृद्धा की हत्या मामले में गुरुवार को पुलिस ने उसके साथ रहे बेटे को ही गिरफ्तार किया गया है। गुरुवार को वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि संपत्ति के लालच में एक बेटे ने ही मां का ही गला घोंट दिया।
गुलौली गांव में गत 27 नवंबर की रात विधवा मां सरस्वती (65) की लाश उसके ही घर में मिली थी। वह अपने पुत्र बाबूराम पाल के साथ नए बने में मकान में रहती थी।
बाबूराम ने पड़ोस में रह रहे सगे भाई धनीराम, सौतेले भाई रामआसरे, पल्लेदार भगीरथ उर्फ लाला व मनोज पर शक जाहिर करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
अनाज बेचकर लाये गए 2,18,000 रुपये और गहने लूटने का आरोप लगाया था। थाना इंचार्ज अखिलेश यादव ने बताया कि बाबूराम ने जिस आढ़ती से अनाज बेचकर रुपये लाने की जिक्र किया था।
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उससे जानकारी करने पर पुष्टि नहीं हुई। अपनी शादी के लिए बनवाये गए गहनों की बात भी झूठ साबित हुई। संबंधित सर्राफ ने बताया कि पेशगी रकम न देने के कारण गहने तैयार ही नहीं किये गए थे।
जिससे उस पर शक गहरा गया। पूछताछ में बाबूराम ने मां की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया। बताया कि रात में जब वह रामलीला देखने गया था तब गांव के ही परसादी केवट, ईलू दुबे व जग्गू दुबे के साथ शराब पी थी।
करीब 11 बजे घर आने पर मां ने जैसे ही दरवाजा खोला, उसके शाल से गला कसकर हत्या कर दी।
उसने अकबरपुर कसबे में प्लाट तय किया था। एक बीघे जमीन बेचकर छह महीने में पूरी रकम अदा करने की शर्त पर एक लाख रुपये पेशगी दिये थे। उसके हिस्से में चार बीघे जमीन आती है।
मां जमीन नहीं बेंचने दे रही थी। पेशगी दी गई रकम डूबने के आसार बने थे। मां के नाम हिस्से की जमीन का वारिश वही था। प्लाट खरीदने की लालच में उसने मां का गला घोंट दिया। आरोपी को जेल भेजा गया है।
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गुलौली गांव में गत 27 नवंबर की रात विधवा मां सरस्वती (65) की लाश उसके ही घर में मिली थी। वह अपने पुत्र बाबूराम पाल के साथ नए बने में मकान में रहती थी।
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बाबूराम ने पड़ोस में रह रहे सगे भाई धनीराम, सौतेले भाई रामआसरे, पल्लेदार भगीरथ उर्फ लाला व मनोज पर शक जाहिर करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
अनाज बेचकर लाये गए 2,18,000 रुपये और गहने लूटने का आरोप लगाया था। थाना इंचार्ज अखिलेश यादव ने बताया कि बाबूराम ने जिस आढ़ती से अनाज बेचकर रुपये लाने की जिक्र किया था।
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उससे जानकारी करने पर पुष्टि नहीं हुई। अपनी शादी के लिए बनवाये गए गहनों की बात भी झूठ साबित हुई। संबंधित सर्राफ ने बताया कि पेशगी रकम न देने के कारण गहने तैयार ही नहीं किये गए थे।
जिससे उस पर शक गहरा गया। पूछताछ में बाबूराम ने मां की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया। बताया कि रात में जब वह रामलीला देखने गया था तब गांव के ही परसादी केवट, ईलू दुबे व जग्गू दुबे के साथ शराब पी थी।
करीब 11 बजे घर आने पर मां ने जैसे ही दरवाजा खोला, उसके शाल से गला कसकर हत्या कर दी।
उसने अकबरपुर कसबे में प्लाट तय किया था। एक बीघे जमीन बेचकर छह महीने में पूरी रकम अदा करने की शर्त पर एक लाख रुपये पेशगी दिये थे। उसके हिस्से में चार बीघे जमीन आती है।
मां जमीन नहीं बेंचने दे रही थी। पेशगी दी गई रकम डूबने के आसार बने थे। मां के नाम हिस्से की जमीन का वारिश वही था। प्लाट खरीदने की लालच में उसने मां का गला घोंट दिया। आरोपी को जेल भेजा गया है।