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मंदिर के बाहर कोई फेंक गया ‘देवी’
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Sat, 19 Dec 2015 01:43 AM IST
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साकेतनगर स्थित नर्मदेश्वर मंदिर के पास दोपहर में कोई फूल से नवजात शिशु को छोड़ गया। रोने की आवाज सुनकर आस-पास के लोगों ने देखा तो कपड़े में लिपटी बच्ची थी। पुलिस बच्ची को लेकर थाने आ गई। वहां से उसे चाइल्ड लाइन भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि दोपहर के वक्त मंदिर के बाहर स्वेटर और टोपा पहने कपड़ों में लिपटी बच्ची के रोने की आवाज सुनकर इलाकाई लोगों ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। बच्ची पांच-छह दिन की है। आसपास पूछताछ करने के बाद बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराकर उसे थाने लाया गया।
जब पुलिस बच्ची को थाने लेकर आई तो वह बहुत रो रही थी, लेकिन महिला सिपाही श्यामकुमारी ने उसे अपनी गोद में लिया और धूप में बैठकर उसके मुंह में शहद की निप्पल लगाई तो बच्ची शांत हो गई। इंस्पेक्टर फाजिल सिद्दकी का कहना है कि बच्ची को मंदिर के बाहर लावारिस हालत में कौन छोड़ गया, इसका तो पता नहीं चला, लेकिन कई लोग बच्ची को गोद लेने का प्रयास कर रहे थे, जिन्हें चाइल्ड लाइन भेज दिया गया है।
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इंस्पेक्टर ने बताया कि गोद लेने के लिए प्रयासरत लोगों में एक सिपाही अशोक भी है, जिसने उन्हें फोन कर अपनी इच्छा जताई थी। पुलिस का कहना है कि जिस स्थान पर नवजात बच्ची मिली, उसके पास एक नर्सिंगहोम है, लिहाजा उसके संचालक को बुलाकर पूछताछ की जाएगी।
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पुलिस ने बताया कि दोपहर के वक्त मंदिर के बाहर स्वेटर और टोपा पहने कपड़ों में लिपटी बच्ची के रोने की आवाज सुनकर इलाकाई लोगों ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। बच्ची पांच-छह दिन की है। आसपास पूछताछ करने के बाद बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराकर उसे थाने लाया गया।
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जब पुलिस बच्ची को थाने लेकर आई तो वह बहुत रो रही थी, लेकिन महिला सिपाही श्यामकुमारी ने उसे अपनी गोद में लिया और धूप में बैठकर उसके मुंह में शहद की निप्पल लगाई तो बच्ची शांत हो गई। इंस्पेक्टर फाजिल सिद्दकी का कहना है कि बच्ची को मंदिर के बाहर लावारिस हालत में कौन छोड़ गया, इसका तो पता नहीं चला, लेकिन कई लोग बच्ची को गोद लेने का प्रयास कर रहे थे, जिन्हें चाइल्ड लाइन भेज दिया गया है।
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इंस्पेक्टर ने बताया कि गोद लेने के लिए प्रयासरत लोगों में एक सिपाही अशोक भी है, जिसने उन्हें फोन कर अपनी इच्छा जताई थी। पुलिस का कहना है कि जिस स्थान पर नवजात बच्ची मिली, उसके पास एक नर्सिंगहोम है, लिहाजा उसके संचालक को बुलाकर पूछताछ की जाएगी।