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सिपाही भर्ती परीक्षा में पकड़ा गया सॉल्वर, ढाई लाख रुपये में किया था सौदा
Sun, 27 Jan 2019 09:18 PM IST
प्रशांत कुमार
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sun, 27 Jan 2019 09:18 PM IST
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पकड़ा गया सॉल्वर राजकुमार
- फोटो : अमर उजाला
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सिपाही नागरिक एवं पीएसी भर्ती परीक्षा में रविवार को कानपुर के चकेरी में पुलिस व कक्ष निरीक्षक ने दूसरे के स्थान पर परीक्षा दे रहे सॉल्वर को पकड़ा है। सॉल्वर ने प्रवेश पत्र में फोटो बदलकर उसे स्कैन करा लिया था। केंद्र में मूल आवेदन के फोटो व रिकॉर्ड का मिलान किए जाने पर मामला खुल गया। पुलिस के मुताबिक सॉल्वर ने ढाई लाख रुपये में सौदा किया था। गैंग के सरगना राहुल यादव व अभ्यर्थी की तलाश जारी है।
एसएसपी अनंत देव ने बताया कि नीलम ज्योति इंटर कॉलेज में तैनात इंस्पेक्टर व कक्ष निरीक्षक ने सिरसागंज, फिरोजाबाद के नगला मदारी गांव निवासी सॉल्वर राजकुमार को बायोमीट्रिक मिलान (मूल आवेदन से जांच) के दौरान पकड़ लिया। राजकुमार ने बताया कि वह फिरोजाबाद के हिंगनी , मटसेना गांव निवासी योगेंद्र के स्थान पर परीक्षा देने आया था।
सॉल्वर गैंग का सरगना राहुल यादव और अभ्यर्थी योगेंद्र उसके पड़ोसी गांव के रहने वाले हैं। ढाई लाख रुपए में डील हुई थी। केंद्र व्यवस्थापक की तहरीर पर धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार कर इस्तेमाल करने व सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की है।
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एसएसपी अनंत देव ने बताया कि नीलम ज्योति इंटर कॉलेज में तैनात इंस्पेक्टर व कक्ष निरीक्षक ने सिरसागंज, फिरोजाबाद के नगला मदारी गांव निवासी सॉल्वर राजकुमार को बायोमीट्रिक मिलान (मूल आवेदन से जांच) के दौरान पकड़ लिया। राजकुमार ने बताया कि वह फिरोजाबाद के हिंगनी , मटसेना गांव निवासी योगेंद्र के स्थान पर परीक्षा देने आया था।
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सॉल्वर गैंग का सरगना राहुल यादव और अभ्यर्थी योगेंद्र उसके पड़ोसी गांव के रहने वाले हैं। ढाई लाख रुपए में डील हुई थी। केंद्र व्यवस्थापक की तहरीर पर धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार कर इस्तेमाल करने व सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की है।
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