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सोलर पैनल के साथ पास होगा नक्शा
मनोज चौरसिया, कानपुर
Updated Mon, 07 Dec 2015 01:41 AM IST
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अब पांच हजार वर्ग मीटर या इससे ज्यादा क्षेत्रफल के किसी भी प्लाट में बनने वाले ग्रुप हाउसिंग आवास, सरकारी या निजी अस्पताल, स्कूल-कॉलेज आदि के नक्शे तभी पास होंगे, जब उनकी छत पर सोलर पैनल लगाने का प्रस्ताव भी नक्शे में होगा।
इसी तरह पांच सौ वर्ग मीटर या इससे बड़े प्लाट पर बनने वाले नर्सिंग होम, स्कूल और होटल आदि में सोलर हीटर लगाना अनिवार्य होगा। केडीए ने स्मार्ट सिटी के मद्देनजर वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए यह खाका तैयार किया है। इसकी शुरुआत प्राधिकरण बिल्डिंग से की जा रही है। नए साल की शुरुआत में इसे बोर्ड बैठक में स्वीकृत कराकर लागू करने की तैयारी है।
अभी तक इस तरह के निर्माणों में केवल वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम ही अनिवार्य है। वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए यह योजना लागू करने की तैयारी है। सशर्त नक्शा स्वीकृत होने के बाद प्रवर्तन विभाग की जिम्मेदारी होगी कि निर्माणस्थल पर सोलर पैनल और सोलर हीटर अनिवार्य रूप से लगवाए।
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वरना निर्माण को कंपलीशन सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा। इतना ही नहीं निर्माण सील करने से लेकर नक्शा निरस्तीकरण और ध्वस्तीकरण भी किया जा सकता है। केडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देश पर प्राधिकरण ने यह प्रस्ताव तैयार किया है। इसे आगामी बोर्ड बैठक में शामिल किया जाएगा। मौजूदा समय में बिजली की किल्लत के मद्देनजर सोलर पर शासन का बहुत जोर है। इसलिए इस प्रस्ताव के स्वीकृत होने की शत प्रतिशत संभावना है।
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इसी तरह पांच सौ वर्ग मीटर या इससे बड़े प्लाट पर बनने वाले नर्सिंग होम, स्कूल और होटल आदि में सोलर हीटर लगाना अनिवार्य होगा। केडीए ने स्मार्ट सिटी के मद्देनजर वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए यह खाका तैयार किया है। इसकी शुरुआत प्राधिकरण बिल्डिंग से की जा रही है। नए साल की शुरुआत में इसे बोर्ड बैठक में स्वीकृत कराकर लागू करने की तैयारी है।
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अभी तक इस तरह के निर्माणों में केवल वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम ही अनिवार्य है। वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए यह योजना लागू करने की तैयारी है। सशर्त नक्शा स्वीकृत होने के बाद प्रवर्तन विभाग की जिम्मेदारी होगी कि निर्माणस्थल पर सोलर पैनल और सोलर हीटर अनिवार्य रूप से लगवाए।
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वरना निर्माण को कंपलीशन सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा। इतना ही नहीं निर्माण सील करने से लेकर नक्शा निरस्तीकरण और ध्वस्तीकरण भी किया जा सकता है। केडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देश पर प्राधिकरण ने यह प्रस्ताव तैयार किया है। इसे आगामी बोर्ड बैठक में शामिल किया जाएगा। मौजूदा समय में बिजली की किल्लत के मद्देनजर सोलर पर शासन का बहुत जोर है। इसलिए इस प्रस्ताव के स्वीकृत होने की शत प्रतिशत संभावना है।