ये हैं हाल: पहले पति की मौत…दूसरे के नाम ओढ़ी चुनरी, फिर भी चाहती हैं पारिवारिक योजना के लाभ, पढ़ें पूरा मामला
Kanpur News: समाज कल्याण विभाग ने जुलाई में विभाग ने 437 आवेदन पत्रों की जांच कराई थी। इसमें 421 पात्र मिले और 16 अपात्र मिले। इसके बाद विभाग ने अपात्रों के नाम सूची से हटाकर पात्रों के खाते में धनराशि भेज दी है।
विस्तार
कानपुर में समाज कल्याण विभाग की पारिवारिक लाभ योजना में फर्जीवाड़ा का पता चला है। जुलाई माह में कराए गए सत्यापन में करीब 437 आवेदन पत्रों की जांच में 16 अपात्र मिले हैं। सत्यापन में पता चला कि 60 वर्ष से अधिक उम्र होने के बाद भी आवेदन कर दिया। करीब पांच महिलाएं ऐसी मिलीं जिन्होंने पहले पति की मौत के बाद दूसरे के नाम की चुनरी ओढ़ ली। इसके बाद भी योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर दिया। पात्र 421 आवेदन पत्रों के खाते में धनराशि भेज दी गई है।
समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित पारिवारिक लाभ योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के मुखिया की मृत्यु होने पर परिजनों को एक मुश्त 30 हजार रुपये का अनुदान दिया जाता है। इसके लिए मृतक की उम्र 18 से 59 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वह सरकारी नौकरी में न हो। जून 2023 से जांच प्रक्रिया में शासन ने बदलाव कर दिया।
अब समाज कल्याण विभाग खुद ही आवेदन पत्रों की जांच कराता है। जब कि पहले शहरी क्षेत्र में एसडीएम स्तर से आवेदन पत्रों की जांच लेखपालों से कराई जाती थी। अब आवेदन पत्र समाज कल्याण विभाग की लॉगिन पर ही आते हैं, इसके बाद अपने अधीक्षकों और एडीओ को लगाकर जांच कराते हैं। जुलाई में विभाग ने 437 आवेदन पत्रों की जांच कराई थी। जिसमें 421 पात्र मिले और 16 अपात्र मिले। विभाग ने अपात्रों के नाम सूची से हटाकर पात्रों के खाते में धनराशि भेज दी है।
केस- वन
भीतरगांव ब्लॉक की रहने वाली रूबी ने पति की मृत्यु के बाद फरवरी में योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था। टीम जब मौके पर पहुंची तो पचा चला कि आवेदिका ने दूसरी शादी कर ली है।
केस- 2
चौबेपुर ब्लॉक की रहने वाली रेखा देवी ने पति की मृत्यु के बाद दिसंबर 2023 में योजना के लिए आवेदन किया था। टीम ने जांच की तो पता चला कि महिला ने दूसरी शादी कर ली है।
केस- 3
सरसौल ब्लॉक की रहने वाली गुड्डन शर्मा ने पति की मृत्यु के बाद दिसंबर 2023 में आवेदन किया था। सत्यापन हुआ तो पता चला कि महिला वहां नहीं रहती। वह दूसरे व्यक्ति के साथ चली गई है।
जो अपात्र मिले थे उनका नाम सूची से हटा दिया गया है। पात्र आवेदन पत्रों के खाते में इसी माह धनराशि भेज दी गई है। -शिल्पी सिंह, समाज कल्याण अधिकारी