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पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानी इलाकों में लुढ़का पारा-बढ़ी सुरसुरी
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 11 Oct 2016 09:04 PM IST
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पांच हजार फीट से ऊपर के पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और उत्तराखंड की तरफ से आने वाली उत्तर-पश्चिम की हवाओं ने मंगलवार को मौसम का मिजाज बदल दिया। अब रात और सुबह सुरसुरी (सर्दी का अहसास) महसूस की जा रही है। मौसम विज्ञानियों का दावा है कि इस बार सर्दी जल्दी और ज्यादा पड़ेगी।
आसमान साफ होने और पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाली हवाओं की वजह से मंगलवार को पारा लुढ़क गया।
अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। न्यूनतम पारा 22 डिग्री सेल्सियस है। यह सामान्य से कम की श्रेणी में आता है। वातावरण में सुबह की नमी 83 फीसदी और दोपहर की नमी 49 फीसदी है। इसी वजह से उमस भरी गर्मी से निजात मिल सकी। हल्की सिहरन महसूस की गई। वातावरण की नमी घटने से ही उमस बढ़ती है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि अधिकतम पारा के 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने की उम्मीद कम है। दिन और रात का पारा भी सामान्य के आसपास रहेगा। इससे हल्की सर्दी का सिलसिला अक्तूबर अंत तक चलता रहेगा।
नवंबर के पहले सप्ताह से सर्दी
- हवाओं की दिशा में बदलाव, पहाड़ों पर बर्फबारी और आसमान साफ होने से सर्दी जल्दी पड़ने लगेगी। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि नवंबर के पहले सप्ताह से अच्छी सर्दी महसूस होगी। सामान्य तौर पर 15 नवंबर से सर्दी पड़ती है। दिसंबर में जोरदार सर्दी पड़ने की संभावना जताई गई है।
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आसमान साफ होने और पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाली हवाओं की वजह से मंगलवार को पारा लुढ़क गया।
अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। न्यूनतम पारा 22 डिग्री सेल्सियस है। यह सामान्य से कम की श्रेणी में आता है। वातावरण में सुबह की नमी 83 फीसदी और दोपहर की नमी 49 फीसदी है। इसी वजह से उमस भरी गर्मी से निजात मिल सकी। हल्की सिहरन महसूस की गई। वातावरण की नमी घटने से ही उमस बढ़ती है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि अधिकतम पारा के 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने की उम्मीद कम है। दिन और रात का पारा भी सामान्य के आसपास रहेगा। इससे हल्की सर्दी का सिलसिला अक्तूबर अंत तक चलता रहेगा।
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नवंबर के पहले सप्ताह से सर्दी
- हवाओं की दिशा में बदलाव, पहाड़ों पर बर्फबारी और आसमान साफ होने से सर्दी जल्दी पड़ने लगेगी। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि नवंबर के पहले सप्ताह से अच्छी सर्दी महसूस होगी। सामान्य तौर पर 15 नवंबर से सर्दी पड़ती है। दिसंबर में जोरदार सर्दी पड़ने की संभावना जताई गई है।
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