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Kanpur News: ईवी को बढ़ाने के लिए स्मार्ट चार्जिंग, ग्रिड प्रबंधन जरूरी
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कानपुर। देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इनके लिए चार्जिंग ढांचे के साथ बिजली ग्रिड को तैयार करना होगा। स्मार्ट चार्जिंग, पीक डिमांड प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा का एकीकरण और व्हीकल-टू-ग्रिड (वी2जी) जैसी तकनीकों को बढ़ावा देकर टिकाऊ और भरोसेमंद ईवी व्यवस्था विकसित की जा सकती है। यह निष्कर्ष विश्व ईवी दिवस पर शुक्रवार को आईआईटी कानपुर में आयोजित एक दिवसीय कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने विचार विमर्श के बाद निकाला।
संस्थान ने कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (एएनआरएफ) के सहयोग से किया। इसका विषय ‘भारत के लिए टिकाऊ और ग्रिड-रेडी ईवी इकोसिस्टम का निर्माण’ था। समन्वय विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के प्रो. सैकत चक्रवर्ती ने किया।
तकनीकी सत्र में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण वितरण नेटवर्क पर पड़ने वाले प्रभाव, बिजली की गुणवत्ता, पीक डिमांड, स्मार्ट चार्जिंग और नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल पर चर्चा हुई। नीतिगत सत्र में बिजली और परिवहन क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय, उपयुक्त बिजली दरें, चार्जिंग मानक और नियामक सहयोग पर जोर दिया गया।
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बिजली ग्रिड का आधुनिकीकरण जरूरी
उद्योग प्रतिनिधियों ने बैटरी, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, चार्जिंग उपकरण और अन्य प्रमुख घटकों के क्षेत्र में घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ाने की जरूरत बताई। विशेषज्ञों के मुताबिक ईवी को बढ़ावा देने के लिए केवल वाहनों की बिक्री बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। तकनीक, नीति, बिजली ग्रिड के आधुनिकीकरण, बाजार और उपभोक्ताओं की जरूरतों को एक साथ ध्यान में रखना होगा।
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संस्थान ने कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (एएनआरएफ) के सहयोग से किया। इसका विषय ‘भारत के लिए टिकाऊ और ग्रिड-रेडी ईवी इकोसिस्टम का निर्माण’ था। समन्वय विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के प्रो. सैकत चक्रवर्ती ने किया।
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तकनीकी सत्र में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण वितरण नेटवर्क पर पड़ने वाले प्रभाव, बिजली की गुणवत्ता, पीक डिमांड, स्मार्ट चार्जिंग और नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल पर चर्चा हुई। नीतिगत सत्र में बिजली और परिवहन क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय, उपयुक्त बिजली दरें, चार्जिंग मानक और नियामक सहयोग पर जोर दिया गया।
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बिजली ग्रिड का आधुनिकीकरण जरूरी
उद्योग प्रतिनिधियों ने बैटरी, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, चार्जिंग उपकरण और अन्य प्रमुख घटकों के क्षेत्र में घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ाने की जरूरत बताई। विशेषज्ञों के मुताबिक ईवी को बढ़ावा देने के लिए केवल वाहनों की बिक्री बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। तकनीक, नीति, बिजली ग्रिड के आधुनिकीकरण, बाजार और उपभोक्ताओं की जरूरतों को एक साथ ध्यान में रखना होगा।