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Kanpur News: छोटे कारोबारियों को मिला टीडीएस से छुटकारा

Mon, 02 Feb 2026 02:03 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 02 Feb 2026 02:03 AM IST
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Small businessmen got relief from TDS
कानपुर। केंद्र सरकार ने बजट में छोटे कारोबारियों को टीडीएस कटौती से बड़ी राहत दी है। उनके लिए निल डिडक्शन मॉडल प्रस्तावित किया गया। इससे कारोबारियों को दस्तावेजों के रखरखाव से मुक्ति मिलेगी। इसके अलावा विदेशी में पढ़ने वाले और घूमने जाने वालों को भी कर में राहत दी गई है। उन्हें विदेश पैसा भेजने के लिए कम टैक्स देना पड़ेगा। शहर से हर साल दो से तीन हजार छात्र अलग-अलग देशों में पढ़ाई के लिए जाने हैं जबकि 10 हजार से ज्यादा लोग घूमने जाते हैं। विदेशी संपत्तियों के लिए भी बजट में एलान किया गया है। अपील प्री-डिपॉजिट फीस में 10 प्रतिशत की कमी की गई है।
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छोटे व्यवसायों पर लागू होगा नया मॉडल
सीए नितिन सिंह ने बताया कि सरकार छोटे व्यवसायों के लिए बड़ी राहत देते हुए निल डिडक्शन सिस्टम लागू करने की घोषणा की है। नई व्यवस्था के तहत पात्र छोटे उद्यमों पर चुनिंदा भुगतानों में टीडीएस शून्य प्रतिशत रखा जाएगा। इससे कैश-फ्लो की समस्या और अनुपालन बोझ दोनों कम होंगे। यह सुविधा उन व्यवसायों को मिलेगी जो एक तय सीमा तक टर्नओवर रखते हैं और नियमित रूप से कर अनुपालन करते रहे हैं। उन्हें एक सरल डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से अपना पैन (पैन) सत्यापित कर निल डिडक्शन प्रमाण पत्र मिलेगा जो पूरे वर्ष मान्य रहेगा। इस कदम से कंपनियां इन छोटे व्यवसायों को भुगतान करते समय टीडीएस नहीं काटेंगी। इससे उनकी कार्यशील पूंजी बढ़ेगी और भुगतान में देरी भी कम होगी।
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प्री-डिपॉज़िट 20 प्रतिशत से घटकर 10 प्रतिशत लेकिन अपील खारिज होने का खतरा
सीए प्रशांत रस्तोगी ने बताया कि आयकर अपील प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सरकार ने प्री-डिपॉज़िट में बड़ी राहत देते हुए राशि को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया है। अब किसी भी कर विवाद पर अपील दर्ज करते समय करदाता को सिर्फ 10 प्रतिशत मूल कर ही अग्रिम जमा करना होगा जबकि ब्याज और दंड इसमें शामिल नहीं होंगे। पहले 20 प्रतिशत प्री-डिपॉज़िट केवल आयकर विभाग के एक सर्कुलर के आधार पर लागू था लेकिन अब 10 प्रतिशत की यह नई दर सीधे आयकर अधिनियम में शामिल कर दी गई है। इस कानूनी प्रावधान के बाद प्री-डिपॉजिट अनिवार्य शर्त बन गया है। यदि कोई करदाता 10 प्रतिशत प्री-डिपॉजिट जमा नहीं करता तो उसकी अपील डिफेक्टिव मानी जा सकती है या सीधे खारिज भी की जा सकती है।
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30 प्रतिशत कर और 30 प्रतिशत पेनाल्टी के साथ विदेशी संपत्ति हो जाएगी वैध
सीए अतुल मल्होत्री ने बताया कि बजट 2026 में सरकार ने विदेशों में छुपाई गई अनडिस्क्लोज्ड विदेशी संपत्तियों के लिए छह महीने की विशेष घोषणा योजना शुरू की है। किसी भी भारतीय निवासी के पास यदि कोई विदेशी संपत्ति अब तक घोषित नहीं है तो वह उसे 30 प्रतिशत कर और 30 प्रतिशत पेनाल्टी जमा कर वैध कर सकता है। इस पर कोई अभियोजन नहीं होगा। छह महीनों की अवधि बजट लागू होने की अधिसूचना जारी होने की तारीख से शुरू होगी। यानी नोटिफिकेशन डेट से अगले छह महीने तक घोषणा की जा सकेगी। इससे बहुराष्ट्रीय कंपनियों में काम करने वाले नौकरी पेशा और कारोबारियों को लाभ होगा।

एलआरएस पर टीसीएस घटाकर सिर्फ दो प्रतिशत
सीए राजीव मेहरोत्रा ने बताया कि विदेश खर्च पर लगने वाले टीसीएस की व्यवस्था में सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। अब लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) के तहत विदेश भेजी जाने वाली अधिकांश राशियों पर टीसीएस दर को घटाकर सिर्फ दो प्रतिशत कर दिया जाएगा। नई दरें विदेश यात्रा पैकेज, शिक्षा खर्च, मेडिकल उपचार और अन्य सामान्य विदेश भुगतान पर लागू होंगी। इससे पहले इन पर पांच से 20 प्रतिशत तक टीसीएस लगता था। इसके कारण मध्यवर्गीय परिवारों और छात्रों को भारी वित्तीय बोझ का सामना करना पड़ता था।
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