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Kanpur News: नाबालिग से अश्लीलता करने के दोषी को छह साल की सजा
Sat, 16 Dec 2023 12:58 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 16 Dec 2023 12:58 AM IST
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कानपुर देहात। रसूलाबाद क्षेत्र के एक गांव में करीब पांच साल पहले प्रसाद खिलाने का लालच देकर नाबालिग के साथ मंदिर के पुजारी ने अश्लीलता की थी। इस मामले में सुनवाई पूरी होने पर शुक्रवार को पॉक्सो अदालत ने आरोपी को दोष सिद्ध करते हुए उसे छह साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि रसूलाबाद क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 23 मई 2017 की सुबह उसकी चार वर्षीय पुत्री घर पर दिखाई नहीं दी। उसकी तलाश की गई तो कुछ लोगों ने उसके मंदिर की ओर देखे जाने की बात बताई। इस पर वह गांव के बाहर मंदिर गया तो वहां बंद कमरे में पुजारी रमेश तिवारी बाबा उसकी नाबालिग पुत्री के साथ अश्लीलता करते हुए अनैतिक कार्य कर रहा था। इसपर लोगों ने उसको पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। उसकी पुत्री ने बताया कि पुजारी प्रसाद खिलाने के बहाने कमरे में ले गया था। पुलिस ने मामले में आरोपी पुजारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। साथ ही विवेचना कर उसके खिलाफ आरोप पत्र अदालत में पेश किए थे। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-13 पाक्सो बाकर शमीम रिजवी की अदालत में चल रही थी। शुक्रवार को मामले की सुनवाई के करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी पुजारी रमेश तिवारी बाबा को दोष सिद्ध करते हुए उसे छह साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही छह हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। वहीं अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को दिए जाने के आदेश दिए हैं। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को दो माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि रसूलाबाद क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 23 मई 2017 की सुबह उसकी चार वर्षीय पुत्री घर पर दिखाई नहीं दी। उसकी तलाश की गई तो कुछ लोगों ने उसके मंदिर की ओर देखे जाने की बात बताई। इस पर वह गांव के बाहर मंदिर गया तो वहां बंद कमरे में पुजारी रमेश तिवारी बाबा उसकी नाबालिग पुत्री के साथ अश्लीलता करते हुए अनैतिक कार्य कर रहा था। इसपर लोगों ने उसको पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। उसकी पुत्री ने बताया कि पुजारी प्रसाद खिलाने के बहाने कमरे में ले गया था। पुलिस ने मामले में आरोपी पुजारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। साथ ही विवेचना कर उसके खिलाफ आरोप पत्र अदालत में पेश किए थे। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-13 पाक्सो बाकर शमीम रिजवी की अदालत में चल रही थी। शुक्रवार को मामले की सुनवाई के करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी पुजारी रमेश तिवारी बाबा को दोष सिद्ध करते हुए उसे छह साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही छह हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। वहीं अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को दिए जाने के आदेश दिए हैं। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को दो माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
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