{"_id":"621f58354740b872c865dcb7","slug":"six-suspended-including-station-in-charge-in-jalaun","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जालौन: पुलिस से बचने के लिए नाले में कूदे जुआरी का शव मिला, हत्या के आरोप के बाद थाना प्रभारी समेत छह निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जालौन: पुलिस से बचने के लिए नाले में कूदे जुआरी का शव मिला, हत्या के आरोप के बाद थाना प्रभारी समेत छह निलंबित
Wed, 02 Mar 2022 05:13 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 02 Mar 2022 05:13 PM IST
सार
परिजनों ने अधिकारियों के सामने आरोप लगाते हुए कहा कि अज्जू के डूबने के बाद उसके साथियों ने उसे बचाने की गुहार लगाई थी, पर पुलिस ने एक न सुनी। पूरी रात ग्रामीण ही जद्दोजहद में जुटे रहे। यदि पुलिस रात में ही तलाश करती तो शायद अज्जू आज जिंदा होता।
विज्ञापन
मृतक की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जालौन जिले के सिरसा कलार में पुलिस से बचने के लिए नाले में कूदे चौथे जुआरी का शव मंगलवार सुबह उसी स्थान पर मिल गया। शव मिलते ही बौखलाये परिजनों और ग्रामीणों ने थाना पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए शव उठने से इंकार कर दिया। जानकारी आसपास गांव के बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए।
लगभग एक घंटे बाद सूचना पर पहुंचे एएसपी और एसडीएम ने भी परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, पर वह एक सुनने को तैयार नहीं थे, वह इंस्पेक्टर समेत सभी आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट और बर्खास्तगी की मांग पर अड़े रहे। करीब एक घंटे समझाने और थाना पुलिस आरोपी पुलिस कर्मियों के आरोपियों पर कार्रवाई का आश्वासन देने पर ग्रमाीणों ने शव उठने दिया।
देर शाम एसपी ने थाना प्रभारी अजय कुमार समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। थाना क्षेत्र के गांव पजूना के खेतों में सोमवार दोपहर में जुआ खेला जा रहा था। सूचना पर दोपहर करीब तीन बजे थाना पुलिस ने छापेमारी की। इस पर वहां भगदड़ मच गई। इस बीच चार जुआरी खेतों के पास स्थित नाले में कूद गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
लगभग एक घंटे बाद सूचना पर पहुंचे एएसपी और एसडीएम ने भी परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, पर वह एक सुनने को तैयार नहीं थे, वह इंस्पेक्टर समेत सभी आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट और बर्खास्तगी की मांग पर अड़े रहे। करीब एक घंटे समझाने और थाना पुलिस आरोपी पुलिस कर्मियों के आरोपियों पर कार्रवाई का आश्वासन देने पर ग्रमाीणों ने शव उठने दिया।
विज्ञापन
देर शाम एसपी ने थाना प्रभारी अजय कुमार समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। थाना क्षेत्र के गांव पजूना के खेतों में सोमवार दोपहर में जुआ खेला जा रहा था। सूचना पर दोपहर करीब तीन बजे थाना पुलिस ने छापेमारी की। इस पर वहां भगदड़ मच गई। इस बीच चार जुआरी खेतों के पास स्थित नाले में कूद गए।
विज्ञापन
इनमें से तीन तो निकल आए, लेकिन अजय गुप्ता उर्फ अज्जू पुत्र रामलखन गुप्ता (35) निवासी गडग़ंवा का कोई पता नहीं लगा। पुलिस तीनों आरोपियों को पकड़कर थाने ले आई। सूचना पर पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों ने नाले में रातभर अज्जू की तलाश की लेकिन उसका कोई पता नहीं लगा।
परिजनों के अनुसार रात में वह लोग थाने में भी गुहार लगाने गए थे, लेकिन पुलिस ने उनकी एक न सुनी। सुबह तक कुछ पता नहीं चलने पर परिजन और ग्रामीण थाने पहुंचे। ग्रामीणों की नाराजगी देखते हुए पुलिस ने लगभग सुबह दस बजे औरैया से गोताखोर बुलवाकर तलाश कराई। करीब दो घंटे के बाद 12 अज्जू का शव मिला।
शव देख परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। वह पास में ही खेत पर शव रखकर बैठ गए और शव उठने से इंकार कर दिया। सूचना पर पहुंचे एएसपी असीम चौधरी और एसडीएम जालौन अंकुर कौशिक, सीओ सिटी विजय आनंद, सीओ जालौन संतोष कुमार, सीओ कालपी राम सिंह कई थानों का फोर्स लेकर पहुंच गए।
परिजनों के अनुसार रात में वह लोग थाने में भी गुहार लगाने गए थे, लेकिन पुलिस ने उनकी एक न सुनी। सुबह तक कुछ पता नहीं चलने पर परिजन और ग्रामीण थाने पहुंचे। ग्रामीणों की नाराजगी देखते हुए पुलिस ने लगभग सुबह दस बजे औरैया से गोताखोर बुलवाकर तलाश कराई। करीब दो घंटे के बाद 12 अज्जू का शव मिला।
शव देख परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। वह पास में ही खेत पर शव रखकर बैठ गए और शव उठने से इंकार कर दिया। सूचना पर पहुंचे एएसपी असीम चौधरी और एसडीएम जालौन अंकुर कौशिक, सीओ सिटी विजय आनंद, सीओ जालौन संतोष कुमार, सीओ कालपी राम सिंह कई थानों का फोर्स लेकर पहुंच गए।
एएसपी और एसडीएम के सामने परिजनों और ग्रामीणों ने इंस्पेक्टर समेत छापेमारी करने आई पुलिस टीम पर अज्जू की हत्या का आरोप लगाया। वह पूरी टीम पर हत्या की रिपोर्ट और बर्खास्तगी की मांग पर अड़े थे। करीब एक घंटे के समझाने और कार्रवाई के आश्वासन पर ग्रामीण माने और शव करीब पौने तीन बजे उठने दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। एएसपी असीम चौधरी ने बताया कि ग्रामीणों के आरोप के बाद थाना प्रभारी और चार सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जांच कराई जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीण बोले-पुलिस चाहती थी बच जाती अज्जू की जान
परिजनों ने अधिकारियों के सामने आरोप लगाते हुए कहा कि अज्जू के डूबने के बाद उसके साथियों ने उसे बचाने की गुहार लगाई थी, पर पुलिस ने एक न सुनी। पूरी रात ग्रामीण ही जद्दोजहद में जुटे रहे। यदि पुलिस रात में ही तलाश करती तो शायद अज्जू आज जिंदा होता। मृतक अज्जू के चाचा शिवकुमार ने बताया कि वह घटना के बाद सोमवार शाम को ग्रामीणों के साथ थाने में गये थे। थाना प्रभरी के कहने पर डूबने की तहरीर लिखने के बाद भी तलाश नहीं कराई।
ग्रामीण बोले-पुलिस चाहती थी बच जाती अज्जू की जान
परिजनों ने अधिकारियों के सामने आरोप लगाते हुए कहा कि अज्जू के डूबने के बाद उसके साथियों ने उसे बचाने की गुहार लगाई थी, पर पुलिस ने एक न सुनी। पूरी रात ग्रामीण ही जद्दोजहद में जुटे रहे। यदि पुलिस रात में ही तलाश करती तो शायद अज्जू आज जिंदा होता। मृतक अज्जू के चाचा शिवकुमार ने बताया कि वह घटना के बाद सोमवार शाम को ग्रामीणों के साथ थाने में गये थे। थाना प्रभरी के कहने पर डूबने की तहरीर लिखने के बाद भी तलाश नहीं कराई।
मृतक के परिजनों को अलग-अलग जगह लोकेशन बताते रहे इंस्पेक्टर
परिजनों के अनुसार, सोमवार को घटना होने के बाद गांव के पप्पू ने शाम चार बजे करीब थाना प्रभारी को फोन कर जानकारी की थी। इस पर थाना प्रभारी ने अज्जू के बाइक से घर की ओर निकल जाने की बात कही। वहीं रात में मृतक के भाई अमित गुप्ता से थाना प्रभारी ने फोन चालू होने की बात कही। जबकि फोन मृतक की जेब से मंगलवार दोपहर मिला।
हाथों में बंधी थी साफी
अजय के चाचा रामकुमार का कहना है कि अजय का जब शव मिला तो उसके दोनों हाथ साफी से बंधे थे, जबकि उसके पास साफी थी ही नहीं। पुलिस ने हाथ बांधकर उसे धकेलने का प्रयास किया है।
इन पर हुई कार्रवाई
सिरसाकलार थाना प्रभारी अजय कुमार सिंह, आरक्षी उमेश यादव, आरक्षी अशद खान, आरक्षी विजय पाल सिंह, आरक्षी गोपेन्द्र सिंह और आरक्षी इंसाफ खान को निलंबित किया गया है।
परिजनों के अनुसार, सोमवार को घटना होने के बाद गांव के पप्पू ने शाम चार बजे करीब थाना प्रभारी को फोन कर जानकारी की थी। इस पर थाना प्रभारी ने अज्जू के बाइक से घर की ओर निकल जाने की बात कही। वहीं रात में मृतक के भाई अमित गुप्ता से थाना प्रभारी ने फोन चालू होने की बात कही। जबकि फोन मृतक की जेब से मंगलवार दोपहर मिला।
हाथों में बंधी थी साफी
अजय के चाचा रामकुमार का कहना है कि अजय का जब शव मिला तो उसके दोनों हाथ साफी से बंधे थे, जबकि उसके पास साफी थी ही नहीं। पुलिस ने हाथ बांधकर उसे धकेलने का प्रयास किया है।
इन पर हुई कार्रवाई
सिरसाकलार थाना प्रभारी अजय कुमार सिंह, आरक्षी उमेश यादव, आरक्षी अशद खान, आरक्षी विजय पाल सिंह, आरक्षी गोपेन्द्र सिंह और आरक्षी इंसाफ खान को निलंबित किया गया है।