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इंडसइंड बैंक के एनआरआई खातों से भी निकाले गए 6 करोड़, बैंक प्रबंधन कर रहा है मामले की जांच

Sun, 18 Nov 2018 10:05 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Sun, 18 Nov 2018 10:05 AM IST
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six crore rupees withdraw without power of attorney in IndusInd bank
डेमो पिक
इंडसइंड बैंक की कानपुर में सिविल लाइंस (कान चैंबर) शाखा में 4.5 करोड़ रुपया बिना किसी लिखापढ़ी के बाहरी व्यक्ति को ब्याज पर दिए जाने के मामले के बाद एक और मामला सामने आया है। पता चला है कि बैंक के तत्कालीन मैनेजर और उसके साथी कर्मचारियों ने एनआरआई खातों में भी सेंध लगाई है। एक दर्जन खातों को शाखा प्रबंधक ने खुद ही ऑपरेट किया और पॉवर ऑफ अटॉर्नी के बिना ही करीब छह करोड़ रुपये निकाले गए। 
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शहर के हाईप्रोफाइल एरिया में खुली इंडसइंड बैंक की इस शाखा में बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) ने खाते खोल रखे हैं। ये लोग कानपुर या आसपास के रहने वाले हैं लेकिन वर्तमान में विदेश में रहते हैं। इनके खाते यहां पर व्यवसायिक, घरेलू अथवा अन्य कारणों से खोले गए हैं।
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बैंकिंग नियमों के मुताबिक विदेश में बैठे एनआरआई यदि यहां पर अपना खाता संचालित करना चाहें तो उन्हें जिस व्यक्ति से खाता संचालित कराना होता है उसे पॉवर ऑफ अटॉर्नी दी जाती है। इसकी एक कॉपी शाखा प्रबंधक को उपलब्ध कराई जाती है ताकि खाते का संचालन कानूनी रूप से दस्तावेजी रहे।
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रोजाना 4.5 करोड़ रुपये होल्ड कर रहे थे

इंडसइंड बैंक के सूत्र बताते हैं कि कुछ महीने पहले यहां एक एनआरआई ने खाते से रुपये निकाले जाने की शिकायत उच्च प्रबंधन को दी थी। इसकी जांच हुई तो पता चला कि कई और खातों से बिना पॉवर ऑफ अटॉर्नी के रुपये निकाले गए हैं। यह रकम करीब छह करोड़ रुपये है।

इंडसइंड बैंक का उच्च प्रबंधन इसकी आंतरिक जांच करवा रहा है। प्रबंधक अमित शुक्ला और कैशियर राहुल तिवारी पर हनीश रामचंदानी नाम के युवक से साठगांठ करके बैंक की करीब 4.5 करोड़ पूंजी के गबन का आरोप पहले से लगा है। शाखा प्रबंधक जरूरतमंद लोगों को निजी तौर पर ब्याज पर रकम दे दिया करते थे। बैंक की सिविल लाइंस शाखा में कैश रखने की लिमिट सिर्फ 25 लाख रुपये है, लेकिन शाखा प्रबंधक बीते दो महीने से रोजाना 4.5 करोड़ रुपये होल्ड कर रहे थे।
 

बैंक की ओर से जारी पक्ष  

दरअसल जिस शाखा की जितनी कैश होल्डिंग लिमिट होती है उतनी रकम का बीमा होता है। यानी इंडसइंड बैंक में जमा केवल 25 लाख रुपये का ही बीमा था, लेकिन रोके 4.5 करोड़ रुपये जा रहे थे। बैंकिंग नियमों के मुताबिक होल्डिंग लिमिट से अधिक रकम को उसी दिन बैंक बंद होने तक करेंसी चेस्ट पहुंचाना होता है। 

बैंक ने अपने अनिवार्य आंतरिक लेखा परीक्षा के दौरान कुछ अनियमितताओं की पहचान की है। कार्रवाई की जा रही है। संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है। बैंक इस मामले में जांच अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। बैंक की सभी सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं। 
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